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हाईवे पर और भी हैं कई ‘डेथ प्वाइंट’..
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पीलीभीत। बरेली हाईवे पर खमरिया पुल और जतीपुर गांव के बीच टूटी पुलिया और लगाए गए मिट्टी के ढेर की वजह से शुक्रवार दोपहर को कार और टनकपुर डिपो की रोडवेज बस की भिड़ंत हो गई थी। हादसे में छर्रा (अलीगढ़) के निवासी एक परिवार के सात लोगों की मौत हो गई थी। हादसे के बाद प्रशासनिक अमले पर सवाल उठे तो डीएम वैभव श्रीवास्तव सख्त हुए। इसके बाद न सिर्फ अधूरी छोड़ी गई पुलिया का निर्माण शुरू करा दिया गया, बल्कि निर्माण कार्य अधूरा छोड़ने पर ठेकेदार के खिलाफ जहानाबाद थाने में गैर इराइतन हत्या की रिपोर्ट भी दर्ज करा दी गई।
इसमें कोई संदेह नहीं कि सात मौतों के बाद अब प्रशासन बरेली हाईवे पर हादसे का सबब बन रही अधूरी पुलिया के सुधार को लेकर संजीदा हुआ है, लेकिन बात सिर्फ यहीं तक सीमित नहीं है। अन्य स्थानों पर भी कई ऐसी अव्यवस्थाएं हैं, जो कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकती हैं। अमर उजाला ने रविवार को विभिन्न मार्गों पर फैली इन खामियों की पड़ताल कर उन्हें कैमरे में कैद किया, पेश है रिपोर्ट..
बरेली-हरिद्वार नेशनल हाईवे
बरेली-हरिद्वार नेशनल हाईवे पर कस्बा अमरिया में बीच सड़क पर बड़ा गड्ढा है। बारिश के मौसम में यहां पर जलभराव होने के बाद गड्ढे का अंदाजा लगाना ही मुश्किल है। इस गड्ढे की वजह से कस्बा अमरिया में आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं।
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बीसलपुर बाईपास मार्ग
बीसलपुर रोडवेज बस स्टैंड के पास से गुजरने वाले बाईपास रोड के किनारे करीब दो माह से मिट्टी का ढेर लगा है। यह ढेर नगर पालिका के ठेकेदार ने दो माह पूर्व नाला खुदाई के वक्त लगाया था, जिसको अब तक नहीं हटवाया जा सका। रात के समय इस मार्ग से गुजरने वाले वाहनों को मिट्टी के ढेर की वजह से हादसे का डर सताता है। अब सवाल उठने पर नगर पालिका ईओ वंदना शर्मा का कहना है कि इसको तत्काल हटवाने के निर्देश ठेकेदार को दे दिए गए हैं।
खमरिया तिराहा
असम हाईवे पर पूरनपुर क्षेत्र में खमरिया तिराहा के पास आए दिन एक्सीडेंट हाते हैं। यह दुर्घटना बाहुल्य क्षेत्र भी है। यहां पर सड़क तो बेहतर बनी है, लेकिन तीव्र मोड़ हादसे का कारण बनता है। एक्सीडेंट जोन होने के बाद भी यहां पर कोई बंदोबस्त नहीं किए गए। न तो कोई बोर्ड लगवाया गया है, न अन्य कोई व्यवस्था है।
जहानाबाद बस अड्डा
बरेली-हरिद्वार नेशनल हाईवे पर जहानाबाद बस अड्डे के पास सड़क एक साल पूर्व बनाई गई थी। इसके बाद गड्ढे तो दूर कर दिए गए, लेकिन सड़क की बनावट ही हादसे की वजह बन रही है। रोड एक साइड से ऊंचा और दूसरी तरफ से नीचा हो गया है। जिसकी वजह से वाहन आए दिन पलटते हैं।
यहां तो करानी पड़ गया था पूजा-पाठ
असम हाईवे पर पूरनपुर तहसील क्षेत्र में टेलीफोन एक्सचेंज के पास से पिपरिया दुलई चौराहे के पास कई हादसे हुए हैं। एक्सिडेंटल जोन बने इस इलाके में हादसों की संख्या कम करने के लिए स्थानीय लोगों ने अनूठा तरीका अपनाया था। करीब नौ साल पहले लोगों ने यहां पर पांच दिनों तक पूजा-पाठ भी किया था। यह बात दीगर रही कि हादसे अब भी होते हैं।
12 मौतों का सबब बनी अधूरी पुलिया का सुधार
चार महीने के भीतर बारह लोगों की मौत का सबब बनी बरेली हाईवे पर जतीपुर और खमरिया पुल के बीच की अधूरी पुलिया का काफी सुधार हो चुका है। रविवार को भी यहां पर काम कराया जाता रहा। रेडियम रिफ्लेक्टर लगा दिए गए हैं। दुर्घटना बाहुल्य क्षेत्र घोषित करने के साथ ही वहां बोर्ड भी लगवाए गए हैं। पुलिया का निर्माण कर सड़क का उतना हिस्सा समतल कर दिया है। डिवाइडर बनाने का काम भी कराया जा रहा है।
सड़कों को गड्ढामुक्त करने के लिए लगातार काम किया जा रहा है। हमारी टीमें अव्यवस्थाओं को चिह्नित कर सुधार करा चुकी हैं। अगर कहीं कोई खामी है, तो उसको भी दूर कराया जाएगा। नेशनल हाईवे पर काम हमारे स्तर से नहीं कराया जाता।
- अनिल कुमार, अधिशासी अभियंता ( पीडब्ल्यूडी)
हाईवे और मुख्य मार्गों पर अव्यवस्थाएं दूर करने के लिए आवश्यक दिशानिर्देश दे दिए गए हैं। इसको गंभीरता से लेकर सुधार कराया जाएगा। सोमवार को होने वाली सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में भी इस मुद्दे पर मंथन कर रणनीति बनाई जाएगी। कहीं कोई खामी है तो उसका सुधार तत्काल कराया जाएगा।
- वैभव श्रीवास्तव, डीएम
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इसमें कोई संदेह नहीं कि सात मौतों के बाद अब प्रशासन बरेली हाईवे पर हादसे का सबब बन रही अधूरी पुलिया के सुधार को लेकर संजीदा हुआ है, लेकिन बात सिर्फ यहीं तक सीमित नहीं है। अन्य स्थानों पर भी कई ऐसी अव्यवस्थाएं हैं, जो कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकती हैं। अमर उजाला ने रविवार को विभिन्न मार्गों पर फैली इन खामियों की पड़ताल कर उन्हें कैमरे में कैद किया, पेश है रिपोर्ट..
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बरेली-हरिद्वार नेशनल हाईवे
बरेली-हरिद्वार नेशनल हाईवे पर कस्बा अमरिया में बीच सड़क पर बड़ा गड्ढा है। बारिश के मौसम में यहां पर जलभराव होने के बाद गड्ढे का अंदाजा लगाना ही मुश्किल है। इस गड्ढे की वजह से कस्बा अमरिया में आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं।
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बीसलपुर बाईपास मार्ग
बीसलपुर रोडवेज बस स्टैंड के पास से गुजरने वाले बाईपास रोड के किनारे करीब दो माह से मिट्टी का ढेर लगा है। यह ढेर नगर पालिका के ठेकेदार ने दो माह पूर्व नाला खुदाई के वक्त लगाया था, जिसको अब तक नहीं हटवाया जा सका। रात के समय इस मार्ग से गुजरने वाले वाहनों को मिट्टी के ढेर की वजह से हादसे का डर सताता है। अब सवाल उठने पर नगर पालिका ईओ वंदना शर्मा का कहना है कि इसको तत्काल हटवाने के निर्देश ठेकेदार को दे दिए गए हैं।
खमरिया तिराहा
असम हाईवे पर पूरनपुर क्षेत्र में खमरिया तिराहा के पास आए दिन एक्सीडेंट हाते हैं। यह दुर्घटना बाहुल्य क्षेत्र भी है। यहां पर सड़क तो बेहतर बनी है, लेकिन तीव्र मोड़ हादसे का कारण बनता है। एक्सीडेंट जोन होने के बाद भी यहां पर कोई बंदोबस्त नहीं किए गए। न तो कोई बोर्ड लगवाया गया है, न अन्य कोई व्यवस्था है।
जहानाबाद बस अड्डा
बरेली-हरिद्वार नेशनल हाईवे पर जहानाबाद बस अड्डे के पास सड़क एक साल पूर्व बनाई गई थी। इसके बाद गड्ढे तो दूर कर दिए गए, लेकिन सड़क की बनावट ही हादसे की वजह बन रही है। रोड एक साइड से ऊंचा और दूसरी तरफ से नीचा हो गया है। जिसकी वजह से वाहन आए दिन पलटते हैं।
यहां तो करानी पड़ गया था पूजा-पाठ
असम हाईवे पर पूरनपुर तहसील क्षेत्र में टेलीफोन एक्सचेंज के पास से पिपरिया दुलई चौराहे के पास कई हादसे हुए हैं। एक्सिडेंटल जोन बने इस इलाके में हादसों की संख्या कम करने के लिए स्थानीय लोगों ने अनूठा तरीका अपनाया था। करीब नौ साल पहले लोगों ने यहां पर पांच दिनों तक पूजा-पाठ भी किया था। यह बात दीगर रही कि हादसे अब भी होते हैं।
12 मौतों का सबब बनी अधूरी पुलिया का सुधार
चार महीने के भीतर बारह लोगों की मौत का सबब बनी बरेली हाईवे पर जतीपुर और खमरिया पुल के बीच की अधूरी पुलिया का काफी सुधार हो चुका है। रविवार को भी यहां पर काम कराया जाता रहा। रेडियम रिफ्लेक्टर लगा दिए गए हैं। दुर्घटना बाहुल्य क्षेत्र घोषित करने के साथ ही वहां बोर्ड भी लगवाए गए हैं। पुलिया का निर्माण कर सड़क का उतना हिस्सा समतल कर दिया है। डिवाइडर बनाने का काम भी कराया जा रहा है।
सड़कों को गड्ढामुक्त करने के लिए लगातार काम किया जा रहा है। हमारी टीमें अव्यवस्थाओं को चिह्नित कर सुधार करा चुकी हैं। अगर कहीं कोई खामी है, तो उसको भी दूर कराया जाएगा। नेशनल हाईवे पर काम हमारे स्तर से नहीं कराया जाता।
- अनिल कुमार, अधिशासी अभियंता ( पीडब्ल्यूडी)
हाईवे और मुख्य मार्गों पर अव्यवस्थाएं दूर करने के लिए आवश्यक दिशानिर्देश दे दिए गए हैं। इसको गंभीरता से लेकर सुधार कराया जाएगा। सोमवार को होने वाली सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में भी इस मुद्दे पर मंथन कर रणनीति बनाई जाएगी। कहीं कोई खामी है तो उसका सुधार तत्काल कराया जाएगा।
- वैभव श्रीवास्तव, डीएम