{"_id":"68d4444bdc71f6902d0cd6b9","slug":"chaos-in-private-ambulances-pilibhit-news-c-121-1-pbt1010-144624-2025-09-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"Pilibhit News: निजी एंबुलेंस में बैठीं अव्यवस्थाएं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Pilibhit News: निजी एंबुलेंस में बैठीं अव्यवस्थाएं
Thu, 25 Sep 2025 02:08 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
Updated Thu, 25 Sep 2025 02:08 AM IST
विज्ञापन
वैन एंबुलेंस में सीट के नीचे पड़ा ऑक्सीजन सिलिंडर व स्ट्रेचर संवाद
पीलीभीत। आधे-अधूरे उपकरण और बिना प्रशिक्षित स्टाफ के मनमाने तरीक से दौड़ रही निजी एंबुलेंस मरीजों की सुरक्षा से खिलवाड़ कर रहीं हैं। स्वास्थ्य विभाग की एएलएस (एडवांस लाइफ सपोर्ट), 108 और 102 एबुलेंस सेवा में सेंधमारी कर रही हैं। प्राइवेट अस्पतालों में लगी अधिकांश एंबुलेंस ने जिला अस्पताल गेट पर मनमाना स्टैंड भी बना रखा है। मगर स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार बेपरवाह हैं।
बुधवार की दोपहर 12 बजे जिला अस्पताल के गेट के पास की गई पड़ताल में वैन में बनी एंबुलेंस खड़ी थी। इन निजी एंबुलेंस की पड़ताल में उपकरण के नाम पर पीछे की छोटी सीट के नीचे एक छोटा ऑक्सीजन सिलिंडर नजर आया। इसमें कई डोरियां और प्लास्टिक बंधी थीं। पड़ोस की सीट पर एक छोटा स्ट्रेचर भी पड़ा दिखा।
चालक ताे कुछ दूरी पर मौजूद था, लेकिन कोई अन्य स्टाफ नजर नहीं आया। सड़क की दूसरी ओर भी दो वैन एंबुलेंस खड़ी थीं। बताया गया कि इन एंबुुलेंस में सिर्फ चालक ही रहता है। अस्पताल से अन्य जगह से फोन आने पर एंबुलेंस से मरीज को शहर, बरेली या अन्य जगहों पर ले जाया जाता है। गुमराह कर जिला अस्पताल से प्राइवेट में ले जाते हैं मरीज : जिले में स्वास्थ्य विभाग की ओर से 24 डायल 108 (सड़क दुर्घटना व इमरजेंसी) व करीब 26, 102 (प्रसूता व बच्चे) के लिए एंबुलेंस संचालित की जा रहीं हैं। इसके अलावा एएलएस भी संचालित हो रही है। मगर जिला अस्पताल गेट के पास प्राइवेट अस्पतालों की एंबुलेंस का मनमाना स्टैंड नजर आता है। इनके चालक अस्पताल में भर्ती मरीजों व तीमारदारों से बात कर कम रुपये में बेहतर इलाज के नाम पर गुमराह कर उन्हें निजी अस्पतालों में ले जाते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
बुधवार की दोपहर 12 बजे जिला अस्पताल के गेट के पास की गई पड़ताल में वैन में बनी एंबुलेंस खड़ी थी। इन निजी एंबुलेंस की पड़ताल में उपकरण के नाम पर पीछे की छोटी सीट के नीचे एक छोटा ऑक्सीजन सिलिंडर नजर आया। इसमें कई डोरियां और प्लास्टिक बंधी थीं। पड़ोस की सीट पर एक छोटा स्ट्रेचर भी पड़ा दिखा।
विज्ञापन
चालक ताे कुछ दूरी पर मौजूद था, लेकिन कोई अन्य स्टाफ नजर नहीं आया। सड़क की दूसरी ओर भी दो वैन एंबुलेंस खड़ी थीं। बताया गया कि इन एंबुुलेंस में सिर्फ चालक ही रहता है। अस्पताल से अन्य जगह से फोन आने पर एंबुलेंस से मरीज को शहर, बरेली या अन्य जगहों पर ले जाया जाता है। गुमराह कर जिला अस्पताल से प्राइवेट में ले जाते हैं मरीज : जिले में स्वास्थ्य विभाग की ओर से 24 डायल 108 (सड़क दुर्घटना व इमरजेंसी) व करीब 26, 102 (प्रसूता व बच्चे) के लिए एंबुलेंस संचालित की जा रहीं हैं। इसके अलावा एएलएस भी संचालित हो रही है। मगर जिला अस्पताल गेट के पास प्राइवेट अस्पतालों की एंबुलेंस का मनमाना स्टैंड नजर आता है। इनके चालक अस्पताल में भर्ती मरीजों व तीमारदारों से बात कर कम रुपये में बेहतर इलाज के नाम पर गुमराह कर उन्हें निजी अस्पतालों में ले जाते हैं।

वैन एंबुलेंस में सीट के नीचे पड़ा ऑक्सीजन सिलिंडर व स्ट्रेचर संवाद

वैन एंबुलेंस में सीट के नीचे पड़ा ऑक्सीजन सिलिंडर व स्ट्रेचर संवाद
विज्ञापन