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बीएसए दफ्तर में शिक्षामित्रों का हंगामा, धरना दिया
पीलीभीत।
Updated Wed, 29 Apr 2015 12:03 AM IST
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द्वितीय चरण के
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शिक्षामित्रों के एक गुट ने एक साथ नियुक्ति पत्र देने की मांग को लेकर
बीएसए कार्यालय परिसर में हंगामा कर धरना दिया। वहीं विकल्प पत्र भरने आई
महिला शिक्षामित्रों की धरना दे रहे गुट से जमकर तकरार हुई। शाम चार बजे तक
कई महिला और विकलांग शिक्षामित्रों ने विकल्प पत्र भरकर जमा किए।
द्वितीय चरण के शिक्षामित्रों की काउंसलिंग पूरी होने के बाद मंगलवार को 336 महिला एवं विकलांग शिक्षामित्रों को जन्मतिथि के आधार पर विकल्प पत्र भरने को बुलाया गया था। इस बीच प्राथमिक शिक्षामित्र संघ के कार्यवाहक अध्यक्ष सुरेशचंद्र राठौर ने कुछ शिक्षामित्रों को साथ लेकर एक साथ नियुक्ति पत्र देने की मांग को लेकर बीएसए कार्यालय परिसर में हंगामा शुरू कर दिया।
उनका कहना था कि सभी शिक्षामित्रों को एक साथ नियुक्ति पत्र जारी किए जाएं। बाद में शिक्षामित्र बीएसए कार्यालय गेट पर धरना देने बैठ गए। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक सभी शिक्षामित्रों को एक साथ नियुक्ति पत्र नहीं दिए जाएंगे, धरना जारी रहेगा। इस बीच शिक्षामित्र एसोसिएशन के एक जिलाध्यक्ष ने सुरेश राठौर को शासनादेश का हवाला देते हुए समझाने का प्रयास किया लेकिन शिक्षामित्रों ने बात मानने से इंकार कर दिया।
इस बीच वहां पहुंची कुछ महिला शिक्षामित्रों की कार्यवाहक जिलाध्यक्ष से तकरार भी हुई। उन्होंने कार्यवाहक जिलाध्यक्ष पर शिक्षामित्रों को बरगलाने का आरोप लगाया और महिला शिक्षामित्रों से विकल्प पत्र भरने की अपील की। इस दौरान कार्यवाहक जिलाध्यक्ष ने बीएसए को ज्ञापन सौंपकर एक साथ विकल्प पत्र भरकर नियुक्ति पत्र देने की मांग की। उस दौरान तो बीएसए ने आश्वासन दे दिया।
मगर जिलाध्यक्ष ने बाद में बताया कि शाम को बीएसए से दोबारा वार्ता हुई तो उन्होंने पहले 336 शिक्षामित्रों को ही नियुक्ति पत्र देने की बात कही है। उन्होंने कहा कि इसके खिलाफ धरना लगातार जारी रहेगा।
धरना देने वालों में ज्ञानेंद्र भोजवाल, वीर सिंह गंगवार, गजेंद्र गंगवार, वीरपाल सिंह, आदर्श पटेल, शहवाज खान, अफजल खान, अमित पांडेय, महिपाल, सुषमा राठौर, शशि देवी, सुमन यादव, रश्मि, सोमय, अंजू आदि शिक्षामित्र शामिल रहे।
पुलिस ने शिक्षामित्रों को खदेड़ा
बीएसए कार्यालय परिसर में हंगामा होते देख बीएसए ने पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंच गई और उन्होंने कार्यालय परिसर में हंगामा कर रहे शिक्षामित्रों को बाहर खदेड़ दिया।
कई शिक्षामित्रों ने भरे विकल्प पत्र
बीएसए कार्यालय में एक तरफ धरना प्रदर्शन चलता रहा तो वहीं दूसरी ओर कई महिला शिक्षामित्रों ने दबे पांव विकल्प पत्र भरकर जमा करने शुरू कर दिए। शाम करीब चार बजे तक कई महिला व विकलांग शिक्षामित्रों ने विकल्प पत्र भरकर जमा किए।
हंगामा करना शिक्षक मर्यादा के विपरीत
आदर्श शिक्षामित्र वेलफेयर एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष महेंद्रपाल वर्मा ने कहा कि समायोजन प्रक्रिया शासन के निर्देशानुसार चल रही है। कुछ शिक्षामित्र अपना फायदा न होता देख अन्य को बरगलाने का कार्य कर रहे हैं, जो शिक्षक मर्यादा के विपरीत है। इधर शिक्षामित्र संघ की पूनम राना ने भी एक गुट द्वारा किए जा रहे धरना प्रदर्शन को गलत बताया।
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द्वितीय चरण के करीब 336 महिला और विकलांग शिक्षामित्रों को जन्मतिथि के अनुसार विकल्प पत्र भरने को बुलाया गया था। लेकिन कुछ शिक्षामित्र एक साथ विकल्प पत्र और नियुक्ति पत्र भरने को लेकर हंगामा करने लगे। समायोजन प्रक्रिया शासन के निर्देशानुसार ही पूरी कराई जाएगी।
- अंबरीष कुमार यादव, बीएसए
द्वितीय चरण के शिक्षामित्रों की काउंसलिंग पूरी होने के बाद मंगलवार को 336 महिला एवं विकलांग शिक्षामित्रों को जन्मतिथि के आधार पर विकल्प पत्र भरने को बुलाया गया था। इस बीच प्राथमिक शिक्षामित्र संघ के कार्यवाहक अध्यक्ष सुरेशचंद्र राठौर ने कुछ शिक्षामित्रों को साथ लेकर एक साथ नियुक्ति पत्र देने की मांग को लेकर बीएसए कार्यालय परिसर में हंगामा शुरू कर दिया।
उनका कहना था कि सभी शिक्षामित्रों को एक साथ नियुक्ति पत्र जारी किए जाएं। बाद में शिक्षामित्र बीएसए कार्यालय गेट पर धरना देने बैठ गए। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक सभी शिक्षामित्रों को एक साथ नियुक्ति पत्र नहीं दिए जाएंगे, धरना जारी रहेगा। इस बीच शिक्षामित्र एसोसिएशन के एक जिलाध्यक्ष ने सुरेश राठौर को शासनादेश का हवाला देते हुए समझाने का प्रयास किया लेकिन शिक्षामित्रों ने बात मानने से इंकार कर दिया।
इस बीच वहां पहुंची कुछ महिला शिक्षामित्रों की कार्यवाहक जिलाध्यक्ष से तकरार भी हुई। उन्होंने कार्यवाहक जिलाध्यक्ष पर शिक्षामित्रों को बरगलाने का आरोप लगाया और महिला शिक्षामित्रों से विकल्प पत्र भरने की अपील की। इस दौरान कार्यवाहक जिलाध्यक्ष ने बीएसए को ज्ञापन सौंपकर एक साथ विकल्प पत्र भरकर नियुक्ति पत्र देने की मांग की। उस दौरान तो बीएसए ने आश्वासन दे दिया।
मगर जिलाध्यक्ष ने बाद में बताया कि शाम को बीएसए से दोबारा वार्ता हुई तो उन्होंने पहले 336 शिक्षामित्रों को ही नियुक्ति पत्र देने की बात कही है। उन्होंने कहा कि इसके खिलाफ धरना लगातार जारी रहेगा।
धरना देने वालों में ज्ञानेंद्र भोजवाल, वीर सिंह गंगवार, गजेंद्र गंगवार, वीरपाल सिंह, आदर्श पटेल, शहवाज खान, अफजल खान, अमित पांडेय, महिपाल, सुषमा राठौर, शशि देवी, सुमन यादव, रश्मि, सोमय, अंजू आदि शिक्षामित्र शामिल रहे।
पुलिस ने शिक्षामित्रों को खदेड़ा
बीएसए कार्यालय परिसर में हंगामा होते देख बीएसए ने पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंच गई और उन्होंने कार्यालय परिसर में हंगामा कर रहे शिक्षामित्रों को बाहर खदेड़ दिया।
कई शिक्षामित्रों ने भरे विकल्प पत्र
बीएसए कार्यालय में एक तरफ धरना प्रदर्शन चलता रहा तो वहीं दूसरी ओर कई महिला शिक्षामित्रों ने दबे पांव विकल्प पत्र भरकर जमा करने शुरू कर दिए। शाम करीब चार बजे तक कई महिला व विकलांग शिक्षामित्रों ने विकल्प पत्र भरकर जमा किए।
हंगामा करना शिक्षक मर्यादा के विपरीत
आदर्श शिक्षामित्र वेलफेयर एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष महेंद्रपाल वर्मा ने कहा कि समायोजन प्रक्रिया शासन के निर्देशानुसार चल रही है। कुछ शिक्षामित्र अपना फायदा न होता देख अन्य को बरगलाने का कार्य कर रहे हैं, जो शिक्षक मर्यादा के विपरीत है। इधर शिक्षामित्र संघ की पूनम राना ने भी एक गुट द्वारा किए जा रहे धरना प्रदर्शन को गलत बताया।
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द्वितीय चरण के करीब 336 महिला और विकलांग शिक्षामित्रों को जन्मतिथि के अनुसार विकल्प पत्र भरने को बुलाया गया था। लेकिन कुछ शिक्षामित्र एक साथ विकल्प पत्र और नियुक्ति पत्र भरने को लेकर हंगामा करने लगे। समायोजन प्रक्रिया शासन के निर्देशानुसार ही पूरी कराई जाएगी।
- अंबरीष कुमार यादव, बीएसए