फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pilibhit News ›   barish

बेमौसम बारिश से किसान परेशान, आगे भी मौसम में उतार-चढ़ाव

Sat, 14 Mar 2020 01:59 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sat, 14 Mar 2020 01:59 AM IST
विज्ञापन
barish
पीलीभीत। सर्दी वाले पौष और माघ माह में थोड़ी बरसात से गेहूं, सरसों और अन्य रबी फसलों को तो फायदा पहुंचता है, मगर इस बार बेमौसम बारिश कई गुना अधिक हो चुकी है। अब भी थमने का नाम नहीं ले रही है। इससे किसान परेशान हैं क्योंकि खेतों में गेहूं पका खड़ा है या फिर पकने की ओर है। ऐसे में कृषि वैज्ञानिकों ने खेतों में पानी इकट्ठा न होने की सलाह किसानों को दी है।
विज्ञापन

शुक्रवार सुबह से ही बादल छाए रहे और तेज हवा के बीच बारिश भी हुई। दोपहर में हालांकि चटक धूप खिल गई, लेकिन शाम को एक बार फिर से हवा चली और बारिश शुरू हो गई। न्यूनतम तापमान 14 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम 22 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवा के झोंकों ने खेतों में गेहूं की फसल बिछा दी है। बेमौसम बारिश से गेहूं के अलावा जौं, सरसों, मसूर, चना, आलू, पत्ता गोभी, मटर, टमाटर, फूल गोभी, अरबी जैसी सब्जियों को भी नुकसान पहुंचा है। मौसम वैज्ञानिक डॉ. एचएस कुशवाहा का कहना है कि भूमध्य सागर में उठे पश्चिमी विक्षोभ का असर अभी बरकरार है। शनिवार को भी सुबह बादल छाए रहेंगे। दिन में धूप खिलेगी, लेकिन शाम को बूंदाबंदी या हल्की बारिश हो सकती है। 15 मार्च को भी बादल और बारिश के आसार बने हुए हैं। किसानों का कहना है कि खेतों में गेहूं समेत अन्य रबी फसलें पकी खड़ी हैं। अगर यही हाल रहा तो गेहूं में बड़ा नुकसान हो सकता है।
विज्ञापन

खेतों में भरा पानी तत्काल बाहर निकालें किसान
कृषि विशेषज्ञ डॉ. रनजीत सिंह का कहना है कि बीते दो महीने से कई बार रुक-रुककर बारिश हो चुकी है। पहले जब गेहूं की फसल में दाना आ रहा था तो बारिश इतनी नुकसानदायक नहीं थी, लेकिन अब फसल पक चुकी है या फिर पकने की ओर है। निचले खेतों में पानी भरने से गेहूं, सरसों समेत अन्य रबी फसलों और सब्जियों को भारी नुकसान हो सकता है। किसानों को सलाह है कि वे अपने खेत में बारिश का पानी इकट्ठा न होने दें। खेत में पानी भरा होगा तो हवा चलने पर वह आसानी से गिर जाएगी। गन्ने की फसल अगर गिर जाए तो उसे तत्काल पताई से बांधकर सीधा करा दें। कृषि विशेषज्ञ के अनुसार सरसों की फसल अगर पक गई है तो उसे किसान तत्काल काटकर सुरक्षित जगह पर पहुंचा दें। जिस सरसों की कटाई नहीं हुई है उनकी पत्तियों में धब्बे, ब्लाइट और स्टैम ब्लाइट आने की आशंका है। सब्जी में मिर्च, बैगन और टमाटर में बीमारी लगने का खतरा है। इससे बचने के लिए किसान डाई एथेन-एम-45 नामक दवा ढाई ग्राम प्रति लीटर के हिसाब से एक एकड़ में छिड़काव करें।
विज्ञापन
विज्ञापन

गेहूं सरसों को ज्यादा नुकसान, गन्ना भी बिछ गया खेतों में
बीसलपुर। बीते दो दिन तेज हवा और बारिश से गेहूं, मसूर, मूंग, सरसों और लाही की फसलों को नुकसान हो गया। गेहूं की फसल खेतों में बिछ गई। गुरुवार की शाम और शुक्रवार सुबह तेज हवा चली। फिर बारिश हुई। इससे खेतों में खड़ी गेहूं, मसूर, मूंग, सरसों और लाही की फसलों को नुकसान पहुंचा। गेहूं खेतों में गिर गया। गन्ने की भी फसल जमीन पर गिरी है, लेकिन गन्ने को ज्यादा नुकसान नहीं हुआ। अखौली, अर्जुनपुर, बैरा, बौनी, उगनपुर, अमृता खास, अमरा करोड़ कासिमपुर, गजरौला, अहिरवहाड़ा, दुवहा, मंडरा सुमन, चुटकुना, मोहम्मदपुर और कंधरापुर आदि गांवो में गेहूं खेतों में चटाई की तरह बिछ गया। सुबह किसान खेतों पर गए तो उनके चेहरों की हवाइयां उड़ गई।

एक एकड़ के हमारे खेत में खड़ी गेहूं की फसल बिल्कुल गिर गई है, इसमें उनका काफी नुकसान हो गया। राजस्व विभाग से इतने नुकसान की भरपाई होना भी मुश्किल है। - विनोद कुमार, कृषक, गांव अखौली
चार बीघा सरसों चली गई
बारिश से चार बीघा सरसों की फसल खराब हो गई। कई साल बाद सरसों बोई थी। बहुत नुकसान हो गया। -सुखलाल, कृषक, गांव अर्जुनपुर
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed