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जिसके घर पहुंच जाए, बकरा उसका
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पूरनपुर। एक बकरे पर मालिकाना हक जता रहे दो लोगों का विवाद कोतवाली तक पहुंच गया है। इस पर पुलिस ने एक तरीका निकाला कि बकरे को गांव में छोड़ दिया जाएगा। चोरी का आरोप लगा रहे युवक के घर अगर बकरा पहुंच गया तो मान लिया जाएगा कि उसका है। इस दौरान थाने बुलाई गईं बकरा बेचने वाली मां-बेटी ने पुलिस पर अभद्रता का आरोप भी लगाया।
नगर का एक युवक बकरों की बिक्री का काम करता है। युवक ने चार जुलाई को सेहरामऊ उत्तरी थाना के गांव मनहरिया से तीन बकरे खरीदे थे। इस दौरान गांव गहलुइया के एक युवक ने उनमें से एक बकरा अपना होना बताया। कहा कि उसका बकरा कुछ दिन पहले चोरी हो गया था। विवाद इतना बढ़ा कि कोतवाली तक पहुंच गया। इस पर युवक को बकरा बेचने वाली मां-बेटी को भी बुलाया गया। पुलिस ने तय किया कि बकरा गांव गहलुइया में एक धार्मिक स्थल पर छोड़ा जाएगा। अगर बकरा युवक के घर पहुंच गया तब उसका माना जाएगा। पहले तो इस शर्त पर मां-बेटी तैयार नहीं हुई। हालांकि बाद में पुलिस का निर्णय मान लिया गया। हालांकि मां-बेटी ने पुलिस पर अभद्रता का आरोप भी लगाया। कोतवाल अशोक पाल ने बताया कि पुलिस पर अभद्रता का आरोप महिलाएं झूठा लगा रही थी। बकरे का विवाद आपसी समझौते से निपट गया है।
दोगुने रेट में बिक रहा बकरा
पूरनपुर। ईदुल अजहा पर कुर्बानी देने की परंपरा है। पुलिस प्रशासन की की सख्ती पर गोवंश की कुर्बानी लोग नहीं कर पाते। इस बार बकरा और पड्डों की खरीद-बिक्री तेज रही। ईदुल अजहा पर ढाई साल से कम आयु के पशु की कुर्बानी देना मना है। ढाई साल का बकरा कुछ दिन पहले तक सात से आठ हजार रुपये में बिक रहा था। ईदुल अजहा रविवार को होने के चलते बकरों की कीमतें दोगुने उछाल पर आ गई है।
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नगर का एक युवक बकरों की बिक्री का काम करता है। युवक ने चार जुलाई को सेहरामऊ उत्तरी थाना के गांव मनहरिया से तीन बकरे खरीदे थे। इस दौरान गांव गहलुइया के एक युवक ने उनमें से एक बकरा अपना होना बताया। कहा कि उसका बकरा कुछ दिन पहले चोरी हो गया था। विवाद इतना बढ़ा कि कोतवाली तक पहुंच गया। इस पर युवक को बकरा बेचने वाली मां-बेटी को भी बुलाया गया। पुलिस ने तय किया कि बकरा गांव गहलुइया में एक धार्मिक स्थल पर छोड़ा जाएगा। अगर बकरा युवक के घर पहुंच गया तब उसका माना जाएगा। पहले तो इस शर्त पर मां-बेटी तैयार नहीं हुई। हालांकि बाद में पुलिस का निर्णय मान लिया गया। हालांकि मां-बेटी ने पुलिस पर अभद्रता का आरोप भी लगाया। कोतवाल अशोक पाल ने बताया कि पुलिस पर अभद्रता का आरोप महिलाएं झूठा लगा रही थी। बकरे का विवाद आपसी समझौते से निपट गया है।
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दोगुने रेट में बिक रहा बकरा
पूरनपुर। ईदुल अजहा पर कुर्बानी देने की परंपरा है। पुलिस प्रशासन की की सख्ती पर गोवंश की कुर्बानी लोग नहीं कर पाते। इस बार बकरा और पड्डों की खरीद-बिक्री तेज रही। ईदुल अजहा पर ढाई साल से कम आयु के पशु की कुर्बानी देना मना है। ढाई साल का बकरा कुछ दिन पहले तक सात से आठ हजार रुपये में बिक रहा था। ईदुल अजहा रविवार को होने के चलते बकरों की कीमतें दोगुने उछाल पर आ गई है।
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