{"_id":"5d1e43a08ebc3e3cad42e168","slug":"bagh-forest-pilibhit-news-bly3674053188","type":"story","status":"publish","title_hn":"बाघ की दहाड़ सुन धान की रोपाई छोड़कर कर भागे मजदूर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बाघ की दहाड़ सुन धान की रोपाई छोड़कर कर भागे मजदूर
विज्ञापन
अमरिया। जंगल से दूर अमरिया क्षेत्र में घूम रहे बाघों की खेतों की ओर लगातार मौजूदगी देखी जा रही है। गुरुवार शाम खेतों की ओर चहलकदमी कर रहा बाघ अमरिया क्षेत्र से सूरजपुर गांव की सीमा में पहुंच गया। यहां पैरीफार्म पर धान की रोपाई कर रहे मजदूरों के उस समय पसीने छूट गए जब पास में झाड़ियों में छिपे बाघ ने दहाड़ लगा दी। डर से सहमे मजदूर रोपाई छोड़कर भाग गए। सूचना के बाद वनकर्मियों की टीम ने मौका मुआयना कर जानकारी जुटाई।
टाइगर रिजर्व से बाहर अमरिया तहसील क्षेत्र में बाघ की मौजूदगी किसानों के लिए लंबे समय से मुसीबत बनी हुई है। इसको लेकर विभाग की ओर से किए जा रहे प्रयास मात्र निगरानी कार्य तक सीमित रहे गए है। बाघ खेतों की ओर चहलकदमी कर दहशत का पर्याय बने हुए है। जिससे फसलें भी प्रभावित हो रही है। गुरुवार शाम पैरीफार्म की सीमा में खेतो में धान की रोपाई कर रहे राजू, रामपाल, ओमप्रकाश समेत दस से अधिक मजदूर मौजूद थे। वन दरोगा देव ऋषि ने बताया कि बाघ की सक्रियता को देखते हुए निगरानी बढ़ा दी गई है। लोगों को सतर्क रहने के लिए भी अपील की गई है।
विज्ञापन
टाइगर रिजर्व से बाहर अमरिया तहसील क्षेत्र में बाघ की मौजूदगी किसानों के लिए लंबे समय से मुसीबत बनी हुई है। इसको लेकर विभाग की ओर से किए जा रहे प्रयास मात्र निगरानी कार्य तक सीमित रहे गए है। बाघ खेतों की ओर चहलकदमी कर दहशत का पर्याय बने हुए है। जिससे फसलें भी प्रभावित हो रही है। गुरुवार शाम पैरीफार्म की सीमा में खेतो में धान की रोपाई कर रहे राजू, रामपाल, ओमप्रकाश समेत दस से अधिक मजदूर मौजूद थे। वन दरोगा देव ऋषि ने बताया कि बाघ की सक्रियता को देखते हुए निगरानी बढ़ा दी गई है। लोगों को सतर्क रहने के लिए भी अपील की गई है।
विज्ञापन