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केस वापस लेने के लिए दबाव का ऑडियो वायरल
पीलीभीत, अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 20 Jul 2016 10:59 PM IST
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यहां एक ऑडियो रिकार्डिंग वायरल हुई है, जिसकी सियासी गलियारों में चर्चा जोर शोर से है। खास बात यह है कि इस ऑडियो में जो आवाज है वह एक केंद्रीय मंत्री की आवाज से मिलती जुलती है। फोन करने वाला व्यक्ति खुद का जो नाम बता रहा है वह एक केंद्रीय मंत्री का है। लिहाजा इस वायरल हुई ऑडियो रिकार्डिंग को सियासी रंग देने की कोशिश भी की जा रही है।
जिले के एक गांव में दो पक्षों के बीच काफी समय से विवाद चला आ रहा है। दोनों के खिलाफ संबंधित थाने में केस भी दर्ज किए गए थे। इस बीच एक पक्ष के दलित होने पर एससीएसटी एक्ट की धाराएं शामिल हो गईं। इससे मामला गंभीर बन गया। आरोपियों ने एक बड़े नेता से सिफारिश कराई। ऑडियो रिकार्डिंग के मुताबिक खुद को एक मंत्री का नाम बताकर वादी को फोन कर मुकदमा वापस लेने के लिए धमकाया जा रहा है। अभद्र शब्दों का इस्तेमाल करने के साथ ही गांव छोड़ने की नौबत आने तक की धमकी भी दे जा रही। पीड़ित सिर्फ हां में हां ही मिला रहा है। इसकी कोई लिखित शिकायत न होने के कारण कार्रवाई तो नहीं हो सकी लेकिन दोनों के बीच हुई बातचीत का ऑडियो वायरल हो चुका है।
फोन जिस शख्स को किया गया है उसने मारपीट, छेड़छाड़ और एससीएसटी एक्ट का एक मुकदमा कुछ दिन पहले अपने ही गांव के कुछ लोगों पर दर्ज कराया था। चर्चा है कि आरोपी बनाए गए लोगों की पैरवी एक केंद्रीय मंत्री के कुछ करीबी कर रहे हैं। वे नहीं चाहते कि संबंधित मुकदमे में आरोपी बनाए गए लोग परेशान हों। लिहाजा समझौते की कोशिश की जा रही है। वायरल हुई रिकार्डिंग में भी मुकदमा वापस लेने की बात कही जा रही है। 24 घंटे के भीतर समझौतानामा न लिखने पर अंजाम भुगतने को तैयार रहने तक की बात कही गई है। पीड़ित सिर्फ जी, सर ही कह सका। दोनों के बीच हुई बातचीत का ऑडियो वायरल होने के बाद राजनीतिक अमले में खलबली मच गई है।
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जिले के एक गांव में दो पक्षों के बीच काफी समय से विवाद चला आ रहा है। दोनों के खिलाफ संबंधित थाने में केस भी दर्ज किए गए थे। इस बीच एक पक्ष के दलित होने पर एससीएसटी एक्ट की धाराएं शामिल हो गईं। इससे मामला गंभीर बन गया। आरोपियों ने एक बड़े नेता से सिफारिश कराई। ऑडियो रिकार्डिंग के मुताबिक खुद को एक मंत्री का नाम बताकर वादी को फोन कर मुकदमा वापस लेने के लिए धमकाया जा रहा है। अभद्र शब्दों का इस्तेमाल करने के साथ ही गांव छोड़ने की नौबत आने तक की धमकी भी दे जा रही। पीड़ित सिर्फ हां में हां ही मिला रहा है। इसकी कोई लिखित शिकायत न होने के कारण कार्रवाई तो नहीं हो सकी लेकिन दोनों के बीच हुई बातचीत का ऑडियो वायरल हो चुका है।
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फोन जिस शख्स को किया गया है उसने मारपीट, छेड़छाड़ और एससीएसटी एक्ट का एक मुकदमा कुछ दिन पहले अपने ही गांव के कुछ लोगों पर दर्ज कराया था। चर्चा है कि आरोपी बनाए गए लोगों की पैरवी एक केंद्रीय मंत्री के कुछ करीबी कर रहे हैं। वे नहीं चाहते कि संबंधित मुकदमे में आरोपी बनाए गए लोग परेशान हों। लिहाजा समझौते की कोशिश की जा रही है। वायरल हुई रिकार्डिंग में भी मुकदमा वापस लेने की बात कही जा रही है। 24 घंटे के भीतर समझौतानामा न लिखने पर अंजाम भुगतने को तैयार रहने तक की बात कही गई है। पीड़ित सिर्फ जी, सर ही कह सका। दोनों के बीच हुई बातचीत का ऑडियो वायरल होने के बाद राजनीतिक अमले में खलबली मच गई है।
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