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...और विधायक नहीं बन पाई नौटंकी की महानायिका

Tue, 24 Jan 2017 10:27 PM IST
ब्यूरो /पीलीभीत
ब्यूरो /पीलीभीत Updated Tue, 24 Jan 2017 10:27 PM IST
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... And legislator, there is gimmick Mahanaiika
...और विधायक नहीं बन पाई नौटंकी की महानायिका
गांव-देहात में वो दौर नौटंकी का था और राधा रानी की शुमारी नौटंकी की सबसे बड़ी नायिकाओं में होती थी। राधा रानी जब मंच पर उतरती थीं तो लोगों की धड़कनें तेज हो जाती थीं। उनके दीवाने न सिर्फ बीसलपुर बल्कि दूर-दूर तक के इलाकों में थे इस दीवानगी को वोटों में तब्दील करने की राधा रानी की तमन्ना कभी पूरी नहीं हो सकी। वह एक बार नहीं, तीन बार विधानसभा का चुनाव लड़ीं लेकिन इतने वोट नहीं मिले कि विधायक बन पातीं। जनता की सेवा करने का सपना एक बार जिला पंचायत सदस्य बनकर जरूर पूरा किया। अब 80 साल की हो चुकी राधा रानी ने अपने जमाने में अपनी कला की छाप देश भर में छोड़ीं। नौटंकी की दुनिया में उनका प्रवेश आठ साल की उम्र में ही हो गया था। अपने हुनर से उन्होंने नौटंकी को दूर-दूर तक ख्याति दिलाई। जिस दौर में उनका जादू लोगों के सिर चढ़कर बोलता था, तभी 21 साल की उम्र में उन्होंने पहली बार 1962 में बीसलपुर विधानसभा क्षेत्र से पहला चुनाव लड़ा था। इसमें उन्हें 6606 वोट मिले थे और वह तीसरे स्थान पर रही थीं। इसके बाद उन्होंने दूसरा चुनाव 1967 में बरखेड़ा क्षेत्र और तीसरा 1974 में बीसलपुर क्षेत्र से लड़ा लेकिन दोनों बार पराजय का मुंह देखना पड़ा। नट बिरादरी से ताल्लुक रखने वाली राधा रानी कहती हैं कि राजनीति में आने के पीछे उनका मकसद जनता की सेवा करने का था लेकिन जातिवादी राजनीति में उलझी पार्टियों ने उनकी बिरादरी की तादाद कम होने के कारण उन्हें टिकट नहीं दिया। वह कहती हैं कि उन्होंने किसी भी चुनाव में पांच हजार रुपये से ज्यादा खर्च नहीं किए। वह पैदल या तांगे से भ्रमण करके चुनाव प्रचार करती थीं। जनसेवा की उनकी इच्छा को देखते हुए 1988 में तत्कालीन विधायक हरीश गंगवार ने उन्हें शासन से जिला पंचायत का सदस्य नामित करा दिया था। 
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मिला पं.नत्थाराम गौड़ लोक कला सम्मान
अपनी कला के जरिये नौटंकी को प्रसिद्धि दिलाने वाली मोहल्ला बख्तावर लाल निवासी राधारानी को हाथरस में पंडित नथाराम गौड़ लोककला सम्मान 2017 से नवाजा जा चुका है। आठ साल की उम्र से ही नौटंकी से जुड़कर वह 60 साल की उम्र तक उन्होंने इस विधा को आगे बढ़ाया। पिछले दिनों हाथरस में हुए कार्यक्रम में उन्होंने पंडित नत्थाराम गौड़ लोककला सम्मान-2017 से नवाजा गया जो उन्हें संस्थान के अध्यक्ष गौरीशंकर गौड़ और सचिव जगदीश लवानिया ने प्रदान किया। 
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