फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pilibhit News ›   After Prayagraj, the missing maps of 11 villages of Puranpur were not found in Roorkee either

Pilibhit News: प्रयागराज के बाद रुड़की में भी नहीं मिले पूरनपुर के 11 गांव के गायब नक्शे

Wed, 02 Jul 2025 12:07 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत Updated Wed, 02 Jul 2025 12:07 AM IST
विज्ञापन
After Prayagraj, the missing maps of 11 villages of Puranpur were not found in Roorkee either
पूरनपुर। पूरनपुर तहसील के 11 गांवों के बंदोबस्ती नक्शा सालों से गायब हैं। किसान तहसील और प्रशासनिक अफसरों के चक्कर काट रहे हैं। नायब तहसीलदार की अगुवाई में रुड़की भेजी गई टीम को भी बैरंग होना पड़ा है।
विज्ञापन

पूरनपुर तहसील के 11 गांवों का गायब नक्शा सरकारी कामकाज पर सवाल उठा रहा है। तहसील क्षेत्र के गांव खमरिया पट्टी, मुजफ्फरनगर, ग्रांट नंबर दो उर्फ किशनपुर, खिरकिया बरगदिया, नवदिया मुस्तकीन मुजफ्फरनगर, नरायणपुर उर्फ गोविंदपुर, गदिहर, चतीपुर, भगवतीपुर, बबरौआ, बागर के नक्शे दशकों पूर्व गायब हो गए थे। जिन गांवों के नक्शे गायब हैं, उनमें गांव खमरिया पट्टी असम हाईवे से सटा है। इसके अलावा पीलीभीत मार्ग गांव के बीच से निकला है। इस गांव में जमीन काफी कीमती है। गांव का भू-मानचित्र करीब दो दशक पूर्व रहस्यमय ढंग से गायब हो गया था। इसके अलावा गांव मुजफ्फरगनर में भी जमीन काफी महंगी है।
विज्ञापन

गायब नक्शों की पहले तलाश हुई, लेकिन जब पता नहीं चला तो उसे जिला मुख्यालय और राजस्व परिषद बोर्ड में देखा गया। लेकिन, नक्शा नहीं मिला। नक्शा न होने से जमीनों की पैमाइश नहीं हो पा रही है। भू-माफिया चक मार्ग और रास्तों को काटकर खेतों में मिलाने में जुटे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

चारागाह, ग्राम समाज, तालाबों की जमीन पर धड़ल्ले से कब्जा होने की चर्चा है। नक्शा गायब होने में माफियाओं का सर्वाधिक खेल गांव खमरिया पट्टी में चल रहा है। नक्शे की तलाश में एक दिन पहले नायब तहसीलदार ऋषि दीक्षित के नेतृत्व में रुड़की गई टीम नक्शा न मिलने से लौट आई। रुड़की में जिस प्रिंटिंग प्रेस में यूपी के गांवों के नक्शे बनाए जाते थे, उस प्रिंटिंग प्रेस संचालकों ने टीम को बताया कि यूपी और उत्तराखंड अलग होने पर यूपी के नक्शों को इलाहाबाद भेज दिया गया था। मगर इससे पहले इलाहाबाद गई टीम भी वापस लौट आई थी।

मोबाइल में नक्शा देखकर रुकवाया जाता है अतिक्रमण

गांव खमरिया पट्टी में शोर मचा है कि रिकाॅर्ड रूम और अभिलेखों में नक्शा गायब है। मगर राजस्व विभाग के एक कर्मचारी के मोबाइल में नक्शा है। सार्वजनिक जमीन पर कब्जा होने पर मोबाइल के नक्शे को देखकर कब्जा रुकवाया जाता है। सांठगांठ होने पर कब्जा करा भी दिया जाता है। शिकायत पर नक्शा न होने का तर्क दिया जाता है। नेपाल सीमा से सटे गांव सिंघाड़ा उर्फ टाटरगंज, बैल्हा, बमनपुर भागीरथ के भी नक्शा सालों से गायब होने का शोर है।


तहसील क्षेत्र के 11 गांवों के गायब नक्शों को मंगवाने के लिए टीम को पहले इलाहाबाद भेजा गया था। बाद में नायब तहसीलदार के नेतृत्व में दो दिन पहले टीम को उत्तराखंड के रुड़की भेजा गया। रुड़की में भी नक्शे नहीं मिले। नए नक्शा बनवाने को कोशिश होगी। गायब नक्शों की रिपोर्ट फिर डीएम को भेजी जाएगी।
- हबीबउर रहमान अंंसारी, तहसीलदार पूरनपुर।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed