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12 घंटे के बाद मलवे से एक शव और निकला
अमर उजाला ब्यूरो पीलीभीत।
Updated Sun, 04 Dec 2016 10:15 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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एलएच चीनी मिल विस्फोट में मरने वालों की संख्या हुई तीन
गजरौला के सराय सुंदरपुर निवासी भारत कश्यप के रूप में हुई शिनाख्त
एलएच चीनी मिल के ग्रेडर में ब्लास्ट के बाद धराशाही हुए भवन के मलवे को हटवाकर मजदूरों को बाहर निकालने का काम शनिवार को पूरी रात जारी रहा। डीएम, एसपी सहित कई अन्य अफसर भी मौजूद रहे। रविवार को अल सुबह मलवे से तीसरा शव निकाला गया। उसकी शिनाख्त सराय सुंदरपुर निवासी भारत कश्यप (50) के रूप में की गई। पुलिस ने तत्काल शव का पंचनामा भर पोस्टमार्टम कराया और परिवारीजनों के सुपुर्द कर दिया।
गौहनिया चौराहा से रेलवे स्टेशन को जाने वाले मार्ग पर स्थित एलएच चीनी मिल में सोमवार शाम ग्रेडर में आग लगने के बाद ब्लास्ट हो गया। इससे भवन का एक तरफ का पूरा हिस्सा ढह गया था। इससे पैकेजिंग डिपार्टमेंट में काम कर रहे मजदूर मलवे में दब गए थे। अफसरों की टीम के पहुंचने के बाद बचाव कार्य और तेज हो गया। इसके बाद बरहा निवासी पवन (20) पुत्र डालचंद और विष्णु का शव निकाला गया था। इसके अलावा बरहा निवासी धर्मेंद्र पुत्र सोहनलाल, प्रमोद पुत्र मनोहर लाल निवासी गौहनिया, मानपुर हटुआ निवासी हरप्रसाद पुत्र धनराज, रामेश्वर निवासी शेर मोहम्मद व बस्थना के प्रमोद को गंभीर हालत में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। घायलों में बरहा निवासी धर्मेंद्र, गौनिया निवासी प्रमोद और मोहल्ला शेरमोहम्मद निवासी रामेश्वर को रात में ही इलाज के लिए बरेली राममूर्ति अस्पताल रेफर कर दिया गया। इधर मलवे में गजरौला के सराय सुंदरपुर निवासी 50 वर्षीय मिलकर्मी भारत कश्यप के दबे होने की आशंका जाहिर की जा रही थी। इसे लेकर डीएम मासूम अली सरवर, एसपी सभाराज, एडीएम एके सैनी, एएसपी डॉ. रामसुरेश यादव, सीओ सिटी अनुराग दर्शन समेत कई अधिकारियों की मौजूदगी में बचाव कार्य चलता रहा। चेयरमैन प्रभात जायसवाल नगर पालिका टीम के साथ व तहसील कर्मचारियों को भी लगाया गया। रात भर के बचाव के बाद रविवार सुबह करीब पांच बजे भारत कश्यप का शव मलवे से निकालने में सफलता मिली। चीनी मिल से मलवा हटने तक अफसर मौजूद रहे और पीड़ित परिवारों को ढांढस बंधाते रहे।
रात में ही कराया गया दो लाशों का पोस्टमार्टम
डीएम मासूम अली सरवर ने हादसे के बाद ही रात में पोस्टमार्टम कराए जाने की स्थिति को स्पष्ट कर दिया था। स्वास्थ्य महकमे के अधिकारियों को भी हादसे को लेकर अलर्ट रहने के निर्देश दे दिए थे। इसके बाद विष्णु व पवन के शव को परिवारीजनों के आने पर करीब दो बजे पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।
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शमशान तक रहा पुलिस का पहरा
पीलीभीत। हादसे के बाद से ही भीड़ जमा होने लगी थी। किसी भी अन्य अप्रिय घटना को टालने के लिए पुलिस महकमा अलर्ट रहा। रात में ही चौराहों, चीनी मिल व मृतक के गांवों के आसपास पुलिस तैनात कर दी गई। रात भर जिले के समस्त थानों की पुलिस अलर्ट रही। रविवार को भी पुलिस बल मुस्तैदी से पोस्टमार्टम हाउस, गौहनिया चौराहा, जिला अस्पताल, बरहा गांव, छतरी चौराहा, नौगवां चौराहा, शमशान भूमि तक ड्यूटी देते रहे।
सीओ सिटी को सभी ने सराहा
अक्सर घटना के बाद पुलिस पर आरोप लगते हैं, पर चीनी मिल में हादसे के बाद मलवे में दबे मजदूरों को निकालने और जिला अस्पताल तक पहुंचाने में सीओ सिटी अनुराग दर्शन ने बढ़ चढ़कर सहयोग दिया। दूसरे दिन भी पीड़ित परिवार वालों को सुबह से ही ढांढस बंधाने उनके घर पहुंच गए। मुआवजे को लेकर लोगों के मन में उठ रही शंका को दूर किया। खास बात रही कि प्रशासन की कार्यशैली को लेकर भीड़ में मिली जुली प्रतिक्रिया सामने आ रही थी, लेकिन सीओ सिटी को देखते सभी उनके द्वारा किए गए बचाव कार्य को सराहा।
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गजरौला के सराय सुंदरपुर निवासी भारत कश्यप के रूप में हुई शिनाख्त
एलएच चीनी मिल के ग्रेडर में ब्लास्ट के बाद धराशाही हुए भवन के मलवे को हटवाकर मजदूरों को बाहर निकालने का काम शनिवार को पूरी रात जारी रहा। डीएम, एसपी सहित कई अन्य अफसर भी मौजूद रहे। रविवार को अल सुबह मलवे से तीसरा शव निकाला गया। उसकी शिनाख्त सराय सुंदरपुर निवासी भारत कश्यप (50) के रूप में की गई। पुलिस ने तत्काल शव का पंचनामा भर पोस्टमार्टम कराया और परिवारीजनों के सुपुर्द कर दिया।
गौहनिया चौराहा से रेलवे स्टेशन को जाने वाले मार्ग पर स्थित एलएच चीनी मिल में सोमवार शाम ग्रेडर में आग लगने के बाद ब्लास्ट हो गया। इससे भवन का एक तरफ का पूरा हिस्सा ढह गया था। इससे पैकेजिंग डिपार्टमेंट में काम कर रहे मजदूर मलवे में दब गए थे। अफसरों की टीम के पहुंचने के बाद बचाव कार्य और तेज हो गया। इसके बाद बरहा निवासी पवन (20) पुत्र डालचंद और विष्णु का शव निकाला गया था। इसके अलावा बरहा निवासी धर्मेंद्र पुत्र सोहनलाल, प्रमोद पुत्र मनोहर लाल निवासी गौहनिया, मानपुर हटुआ निवासी हरप्रसाद पुत्र धनराज, रामेश्वर निवासी शेर मोहम्मद व बस्थना के प्रमोद को गंभीर हालत में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। घायलों में बरहा निवासी धर्मेंद्र, गौनिया निवासी प्रमोद और मोहल्ला शेरमोहम्मद निवासी रामेश्वर को रात में ही इलाज के लिए बरेली राममूर्ति अस्पताल रेफर कर दिया गया। इधर मलवे में गजरौला के सराय सुंदरपुर निवासी 50 वर्षीय मिलकर्मी भारत कश्यप के दबे होने की आशंका जाहिर की जा रही थी। इसे लेकर डीएम मासूम अली सरवर, एसपी सभाराज, एडीएम एके सैनी, एएसपी डॉ. रामसुरेश यादव, सीओ सिटी अनुराग दर्शन समेत कई अधिकारियों की मौजूदगी में बचाव कार्य चलता रहा। चेयरमैन प्रभात जायसवाल नगर पालिका टीम के साथ व तहसील कर्मचारियों को भी लगाया गया। रात भर के बचाव के बाद रविवार सुबह करीब पांच बजे भारत कश्यप का शव मलवे से निकालने में सफलता मिली। चीनी मिल से मलवा हटने तक अफसर मौजूद रहे और पीड़ित परिवारों को ढांढस बंधाते रहे।
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रात में ही कराया गया दो लाशों का पोस्टमार्टम
डीएम मासूम अली सरवर ने हादसे के बाद ही रात में पोस्टमार्टम कराए जाने की स्थिति को स्पष्ट कर दिया था। स्वास्थ्य महकमे के अधिकारियों को भी हादसे को लेकर अलर्ट रहने के निर्देश दे दिए थे। इसके बाद विष्णु व पवन के शव को परिवारीजनों के आने पर करीब दो बजे पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।
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शमशान तक रहा पुलिस का पहरा
पीलीभीत। हादसे के बाद से ही भीड़ जमा होने लगी थी। किसी भी अन्य अप्रिय घटना को टालने के लिए पुलिस महकमा अलर्ट रहा। रात में ही चौराहों, चीनी मिल व मृतक के गांवों के आसपास पुलिस तैनात कर दी गई। रात भर जिले के समस्त थानों की पुलिस अलर्ट रही। रविवार को भी पुलिस बल मुस्तैदी से पोस्टमार्टम हाउस, गौहनिया चौराहा, जिला अस्पताल, बरहा गांव, छतरी चौराहा, नौगवां चौराहा, शमशान भूमि तक ड्यूटी देते रहे।
सीओ सिटी को सभी ने सराहा
अक्सर घटना के बाद पुलिस पर आरोप लगते हैं, पर चीनी मिल में हादसे के बाद मलवे में दबे मजदूरों को निकालने और जिला अस्पताल तक पहुंचाने में सीओ सिटी अनुराग दर्शन ने बढ़ चढ़कर सहयोग दिया। दूसरे दिन भी पीड़ित परिवार वालों को सुबह से ही ढांढस बंधाने उनके घर पहुंच गए। मुआवजे को लेकर लोगों के मन में उठ रही शंका को दूर किया। खास बात रही कि प्रशासन की कार्यशैली को लेकर भीड़ में मिली जुली प्रतिक्रिया सामने आ रही थी, लेकिन सीओ सिटी को देखते सभी उनके द्वारा किए गए बचाव कार्य को सराहा।