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Pilibhit News: चिकित्सक की लापरवाही से नवजात की मौत के मामले में हुई कार्रवाई
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पूरनपुर में टीम के साथ अस्पताल में जांच को पहुंचे प्रभारी चिकित्सा अधिकारी- विभाग
- फोटो : आगरा रेल मंडल के नए वरिष्ठ कार्मिक अधिकारी अरुण सिंह तोमर का स्वागत करते मंडल प्रबंधक गगन गोयल
जांच को पहुंचे सीएचसी प्रभारी को अस्पताल में नहीं मिली महिला चिकित्सक, ओटी कराई बंद, नोटिस देकर दो दिन में बयान के लिए बुलाया
पूरनपुर। चिकित्सक की लापरवाही पर नवजात की मौत और प्रसूता की हालत खराब होने के आरोप की शिकायत के मामले में जांच के लिए सीएचसी के प्रभारी चिकित्साधिकारी पहुंचे। उन्हें वहां जांच में कोई महिला चिकित्सक नहीं मिली। अस्पताल संचालक को नोटिस देकर दो दिन के अंदर बयान के लिए तलब किया है। जांच पूरी होने तक अस्पताल की ओटी को बंद करा दिया गया।
सूर्यांश अस्पताल के चिकित्सक सूरज पाल ने दो दिन पहले पुलिस से शिकायत कर कुछ लोगों पर अस्पताल में तोड़फोड़ करने, कर्मचारियों से अभद्रता, महिला स्टाफ से छेड़खानी आदि का आरोप लगाया था। इसके बाद दूसरे पक्ष के गांव सिमरिया ताल्लुके महाराजपुर के अकील ने चिकित्सक की लापरवाही से प्रसव के बाद उसके भाई नसीर की पत्नी फरीन की हालत खराब होने, नवजात की मौत होने का आरोप लगाया। शिकायती पत्र में कहा गया कि प्रसव पीड़ा के चलते फरीन को सूर्यांश अस्पताल में भर्ती कराया गया था। शिकायत पर बृहस्पतिवार को सीएचसी के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. मनीष राज शर्मा ने टीम के साथ सूर्यांश अस्पताल पहुंचकर जांच की। जांच के बाद उन्होंने बताया कि अस्पताल में कोई भी महिला चिकित्सक मौजूद नहीं मिली। जांच तक अस्पताल की ओटी को बंद करा दिया गया। अस्पताल संचालक को नोटिस देकर दो दिन के अंदर बयान देने को तलब किया गया है।
सूर्यांश अस्पताल के संचालक डॉ. सूरजपाल ने बताया कि आरोप निराधार है। नवजात की मौत अस्पताल में नहीं हुई। प्रसूता का ऑपरेशन भी अस्पताल में नहीं हुआ है। अभिलेख प्रभारी चिकित्साधिकारी को दिखा दिए हैं। संवाद
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पूरनपुर। चिकित्सक की लापरवाही पर नवजात की मौत और प्रसूता की हालत खराब होने के आरोप की शिकायत के मामले में जांच के लिए सीएचसी के प्रभारी चिकित्साधिकारी पहुंचे। उन्हें वहां जांच में कोई महिला चिकित्सक नहीं मिली। अस्पताल संचालक को नोटिस देकर दो दिन के अंदर बयान के लिए तलब किया है। जांच पूरी होने तक अस्पताल की ओटी को बंद करा दिया गया।
सूर्यांश अस्पताल के चिकित्सक सूरज पाल ने दो दिन पहले पुलिस से शिकायत कर कुछ लोगों पर अस्पताल में तोड़फोड़ करने, कर्मचारियों से अभद्रता, महिला स्टाफ से छेड़खानी आदि का आरोप लगाया था। इसके बाद दूसरे पक्ष के गांव सिमरिया ताल्लुके महाराजपुर के अकील ने चिकित्सक की लापरवाही से प्रसव के बाद उसके भाई नसीर की पत्नी फरीन की हालत खराब होने, नवजात की मौत होने का आरोप लगाया। शिकायती पत्र में कहा गया कि प्रसव पीड़ा के चलते फरीन को सूर्यांश अस्पताल में भर्ती कराया गया था। शिकायत पर बृहस्पतिवार को सीएचसी के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. मनीष राज शर्मा ने टीम के साथ सूर्यांश अस्पताल पहुंचकर जांच की। जांच के बाद उन्होंने बताया कि अस्पताल में कोई भी महिला चिकित्सक मौजूद नहीं मिली। जांच तक अस्पताल की ओटी को बंद करा दिया गया। अस्पताल संचालक को नोटिस देकर दो दिन के अंदर बयान देने को तलब किया गया है।
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सूर्यांश अस्पताल के संचालक डॉ. सूरजपाल ने बताया कि आरोप निराधार है। नवजात की मौत अस्पताल में नहीं हुई। प्रसूता का ऑपरेशन भी अस्पताल में नहीं हुआ है। अभिलेख प्रभारी चिकित्साधिकारी को दिखा दिए हैं। संवाद
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