Pilibhit News: पुलिस कार्रवाई से बचने को रची नहर में कूदने की झूठी कहानी, आरोपी युवक गिरफ्तार
पीलीभीत के अमरिया थाना क्षेत्र में किशोरी को बहला फुसलाकर ले जाने के मामले में नामजद आरोपी आकाश उर्फ ओमशंकर ने कार्रवाई से बचने को नहर में छलांग लगाने की झूठी सूचना दी थी। पुलिस की जांच-पड़ताल के बाद आकाश को रुद्रपुर में नौकरी करते हुए पकड़ लिया गया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करके न्यायालय में पेश किया। जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
एएसपी विक्रम दहिया के अनुसार 23 जुलाई को सूचना मिली थी कि अमरिया थाना के भगा मोहम्मद गंज निवासी आकाश उर्फ ओमशंकर ने पौटा डैम के पास नहर में छलांग लगा दी है। पुल के पास युवक के जूते मिलने से उसके नहर में कूदने की आशंका जताई गई। इसके बाद गोताखोरों की मदद से कई दिनों तक तलाश गया, लेकिन युवक का कोई पता नहीं चला। इस बीच उसके भाई अरविंद ने थाने में गुमशुदगी भी दर्ज कराई थी।
मामले की गहन जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि आकाश उर्फ ओमशंकर समेत पांच अन्य लोगों के खिलाफ थाना सुनगढ़ी में 15 वर्षीय किशोरी को शादी का झांसा देकर बहला-फुसलाकर ले जाने की रिपोर्ट दर्ज है। पुलिस को आशंका हुई कि आरोपी ने कार्रवाई से बचने के उद्देश्य से अपने परिजनों के साथ मिलकर नहर में कूदने की झूठी सूचना दी।
रुद्रपुर में हुलिया बदलकर रह रहा था आरोपी
पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर थाना पुलिस और सर्विलांस टीम ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच की। जांच में पता चला कि आकाश उर्फ ओमशंकर अपना हुलिया बदलकर रुद्रपुर में नौकरी कर रहा है। पुलिस उसकी गतिविधियों पर लगातार नजर रखे हुए थी। मंगलवार को पुलिस ने कस्बे के रामलीला मैदान के पास से आकाश उर्फ ओमशंकर को पकड़ लिया।
जिस व्यक्ति ने नाबालिग पुत्री को ले जाने की रिपोर्ट सुनगढ़ी थाने में दर्ज कराई थी, उसी की तहरीर पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एक और रिपोर्ट दर्ज करके उसे न्यायालय में पेश किया। न्यायालय ने आरोपी को जेल भेज दिया। सीओ सदर नताशा गोयल के अनुसार आरोपी ने पुलिस की कार्रवाई से बचने के लिए नहर में कूदने की झूठी कहानी रची थी।