{"_id":"6a6a4605df9ecccb08027a45","slug":"a-special-campaign-will-be-launched-to-bring-out-of-school-children-into-the-mainstream-pilibhit-news-c-121-1-pbt1009-165367-2026-07-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Pilibhit News: आउट ऑफ स्कूल बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए चलेगा विशेष अभियान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Pilibhit News: आउट ऑफ स्कूल बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए चलेगा विशेष अभियान
Wed, 29 Jul 2026 11:57 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
Updated Wed, 29 Jul 2026 11:57 PM IST
विज्ञापन
पीलीभीत। शिक्षा से वंचित बच्चों को विद्यालयों से जोड़ने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग विशेष अभियान चलाएगा। अभियान के तहत ऐसे बच्चों की पहचान की जाएगी, जो किसी कारणवश स्कूल नहीं जा पा रहे हैं। विभाग की ओर से उनके अभिभावकों को जागरूक कर नजदीकी सरकारी विद्यालयों में प्रवेश दिलाया जाएगा, ताकि प्रत्येक बच्चा शिक्षा की मुख्यधारा से जुड़ सकें।
जिले में सात विकास खंडों के अंतर्गत 1,495 परिषदीय विद्यालय संचालित हैं। इन स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाने पर शासन की ओर से विशेष जोर है। स्कूल चलो अभियान के तहत जागरूकता रैली भी निकाली जा रही है। गांव में डोर-टू-डोर सर्वे भी कराया जा रहा है। इधर अब आउट ऑफ स्कूल बच्चों को भी मुख्यधारा से जोड़ने पर जोर दिया जाएगा।
बीएसए रोशनी सिंह ने बताया कि अभियान के दौरान स्कूल से बाहर रह रहे बच्चों का सर्वे कराया जाएगा। इसके बाद शिक्षकों और विभागीय कर्मचारियों की टीम अभिभावकों से संपर्क कर बच्चों का नामांकन कराएगी। साथ ही उन्हें नियमित रूप से विद्यालय भेजने के लिए भी प्रेरित किया जाएगा। विभाग का लक्ष्य है कि कोई भी बच्चा शिक्षा के अधिकार से वंचित न रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
जिले में सात विकास खंडों के अंतर्गत 1,495 परिषदीय विद्यालय संचालित हैं। इन स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाने पर शासन की ओर से विशेष जोर है। स्कूल चलो अभियान के तहत जागरूकता रैली भी निकाली जा रही है। गांव में डोर-टू-डोर सर्वे भी कराया जा रहा है। इधर अब आउट ऑफ स्कूल बच्चों को भी मुख्यधारा से जोड़ने पर जोर दिया जाएगा।
विज्ञापन
बीएसए रोशनी सिंह ने बताया कि अभियान के दौरान स्कूल से बाहर रह रहे बच्चों का सर्वे कराया जाएगा। इसके बाद शिक्षकों और विभागीय कर्मचारियों की टीम अभिभावकों से संपर्क कर बच्चों का नामांकन कराएगी। साथ ही उन्हें नियमित रूप से विद्यालय भेजने के लिए भी प्रेरित किया जाएगा। विभाग का लक्ष्य है कि कोई भी बच्चा शिक्षा के अधिकार से वंचित न रहे।
विज्ञापन