{"_id":"122-62286","slug":"Pilibhit-62286-122","type":"story","status":"publish","title_hn":"शहर कोतवाल आज कोर्ट में तलब ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शहर कोतवाल आज कोर्ट में तलब
Pilibhit
Updated Tue, 12 Mar 2013 05:32 AM IST
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पीलीभीत। अदालत से जारी गैर जमानती वारंट को तामील न कराने पर शहर कोतवाल को अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कुमारी रिंकू जिंदल ने मंगलवार सुबह साढ़े दस बजे व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में तलब किया है। उनसे स्पष्टीकरण मांगा गया है।
शहर निवासी मनोज राजानी ने एक परिवाद अभियुक्त उबैदउलअहद निवासी फीलखाना पंजाबियान के खिलाफ दायर किया। यह मामला चेक देने के बाद भी बैंक से भुगतान न होने का है। लंबे अर्से से यह मामला कोर्ट में लंबित है। कई बार समन जारी होने के बाद भी जब उबैदउलअहद अदालत नहीं पहुंचे तब उनका गैर जमानती वारंट जारी किया गया। चार फरवरी को कोतवाली पुलिस ने यह वारंट प्राप्त किया। 19 फरवरी तक आरोपी की गिरफ्तारी होनी थी। शहर कोतवाल ने आरोपी की गिरफ्तारी नहीं की। जारी वारंट भी कोर्ट को नहीं लौटाया।
मामले में सुनवाई के लिए 12 मार्च की तारीख लगी है। एसीजेएम कुमारी रिंकू जिंदल ने कोतवाल की लापरवाही को गंभीरता से लिया है। उन्हें 12 मार्च को सुबह साढ़े दस बजे व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में तलब किया है। यह भी स्पष्टीकरण मांगा है कि आरोपी की गिरफ्तारी के लिए उन्होंने क्या कार्रवाई की है। जारी वारंट को कोर्ट में वापस क्यों नहीं किया?
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शहर निवासी मनोज राजानी ने एक परिवाद अभियुक्त उबैदउलअहद निवासी फीलखाना पंजाबियान के खिलाफ दायर किया। यह मामला चेक देने के बाद भी बैंक से भुगतान न होने का है। लंबे अर्से से यह मामला कोर्ट में लंबित है। कई बार समन जारी होने के बाद भी जब उबैदउलअहद अदालत नहीं पहुंचे तब उनका गैर जमानती वारंट जारी किया गया। चार फरवरी को कोतवाली पुलिस ने यह वारंट प्राप्त किया। 19 फरवरी तक आरोपी की गिरफ्तारी होनी थी। शहर कोतवाल ने आरोपी की गिरफ्तारी नहीं की। जारी वारंट भी कोर्ट को नहीं लौटाया।
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मामले में सुनवाई के लिए 12 मार्च की तारीख लगी है। एसीजेएम कुमारी रिंकू जिंदल ने कोतवाल की लापरवाही को गंभीरता से लिया है। उन्हें 12 मार्च को सुबह साढ़े दस बजे व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में तलब किया है। यह भी स्पष्टीकरण मांगा है कि आरोपी की गिरफ्तारी के लिए उन्होंने क्या कार्रवाई की है। जारी वारंट को कोर्ट में वापस क्यों नहीं किया?
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