{"_id":"5b367bb24f1c1b6a4d8b9359","slug":"91530297266-pilibhit-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"अवैध कब्जों की भरमार के बाद पीटीआर को याद आई अपनी वन भूमि","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अवैध कब्जों की भरमार के बाद पीटीआर को याद आई अपनी वन भूमि
Updated Sat, 30 Jun 2018 12:04 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कब्जे बढ़े तो टाइगर रिजर्व को याद आई अपनी वन भूमि
रेंजर ने नेतृत्व में पहुंची टीम ने सीमांकन शुरू किया
ढकिया ताल्लुके महाराजपुर में वन भूमि पर अतिक्रमण का मामला
अमर उजाला ब्यूरो
माधोटांडा (पीलीभीत)। आखिरकार एक लंबे अंतराल के बाद पीलीभीत टाइगर रिजर्व प्रशासन (पीटीआर) को अपने कोर एरिया में अतिक्रमण की गई वन भूमि की याद आ ही गई। बराही रेंज के वन क्षेत्राधिकारी के नेतृत्व में सर्वेयर और वनकर्मियों ने ढकिया ताल्लुके महाराजपुर गांव में पहुंचकर वन भूमि को चिह्नित करना शुरू कर दिया है। हालांकि अभी यह पता लगा पाना बेहद मुश्किल होगा कि अतिक्रमणयुक्त वन भूमि कितनी है? ऐसे में इस क्षेत्र में वन और राजस्व विभाग का संयुक्त सीमांकन न होना फिर से बाधा बन सकता है।
शारदा नदी के पार रमनगरा, ढकिया ताल्लुके महाराजपुर समेत तीन गांवों में सैकड़ों एकड़ टाइगर रिजर्व के कोर एरिया की वन भूमि पर अतिक्रमणकारियों ने कब्जा कर रखा है, जोकि लगातार बढ़ता जा रहा है। वहीं पिछले कई वर्षों से हो रहे अवैध कब्जों को लेकर वन महकमे ने एक बार भी उक्त क्षेत्रों में जाकर इस पर अंकुश लगाने की कोशिश नहीं की। इधर, जब वन भूमि पर अवैध कब्जों का मामला समाचार पत्रों की सुर्खियां बना तो महकमे की जमकर किरकिरी भी हुई। इस मामले में टाइगर रिजर्व के डिप्टी डायरेक्टर आदर्श कुमार ने वन क्षेत्राधिकारी से स्थिति की जानकारी की पूरी रिपोर्ट मांगी है। इसी के चलते दो दिन पूर्व बराही रेंज के वन क्षेत्राधिकारी अनिल शाह वन कर्मियों की टीम लेकर ढकिया ताल्लुके महाराजपुर गांव पहुंचे। टीम ने वन भूमि को चिह्नित करना शुरू कर दिया है। हालांकि यहां तीनों गांव की सीमाएं आपस में मिली हुई हैं और पूरे क्षेत्र में अतिक्रमण है। ऐसे में यह पता लगा पाना बेहद मुश्किल है कि ढकिया ताल्लुके महाराजपुर की सीमा कहां है और वन भूमि पर कहां-कहां अतिक्रमण है? इस क्षेत्र में सर्वे कार्य बृहस्पतिवार तक जारी रहा। अब चिह्नित की गई वन भूमि कब अतिक्रमणमुक्त कराई जाएगी, इसकी अधिकारी कोई ठोस जानकारी नहीं दे पा रहे हैं। वहीं कुछ जिम्मेदार दबी जुबान से यह कहते देखे गए कि जब तक इन क्षेत्रों में वन व राजस्व विभाग का संयुक्त सीमांकन नहीं होगा, जब तक वन भूमि की सही जानकारी लगा पाना बेहद मुश्किल है।
वर्जन-
टाइगर रिजर्व के ढकिया ताल्लुके महाराजपुर क्षेत्र को विभागीय सीमांकन सर्वेयर के साथ मिलकर चेक करवाया जा रहा है। इसकी रिपोर्ट शीघ्र ही डीएफओ को दी जाएगी। शेष बचे रमनगरा और गुन्हान में भी जल्द चिह्नीकरण किया जाएगा। उच्चाधिकारियों के निर्देश के बाद ही अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
- अनिल शाह, वन क्षेत्राधिकारी
विज्ञापन
रेंजर ने नेतृत्व में पहुंची टीम ने सीमांकन शुरू किया
ढकिया ताल्लुके महाराजपुर में वन भूमि पर अतिक्रमण का मामला
अमर उजाला ब्यूरो
माधोटांडा (पीलीभीत)। आखिरकार एक लंबे अंतराल के बाद पीलीभीत टाइगर रिजर्व प्रशासन (पीटीआर) को अपने कोर एरिया में अतिक्रमण की गई वन भूमि की याद आ ही गई। बराही रेंज के वन क्षेत्राधिकारी के नेतृत्व में सर्वेयर और वनकर्मियों ने ढकिया ताल्लुके महाराजपुर गांव में पहुंचकर वन भूमि को चिह्नित करना शुरू कर दिया है। हालांकि अभी यह पता लगा पाना बेहद मुश्किल होगा कि अतिक्रमणयुक्त वन भूमि कितनी है? ऐसे में इस क्षेत्र में वन और राजस्व विभाग का संयुक्त सीमांकन न होना फिर से बाधा बन सकता है।
शारदा नदी के पार रमनगरा, ढकिया ताल्लुके महाराजपुर समेत तीन गांवों में सैकड़ों एकड़ टाइगर रिजर्व के कोर एरिया की वन भूमि पर अतिक्रमणकारियों ने कब्जा कर रखा है, जोकि लगातार बढ़ता जा रहा है। वहीं पिछले कई वर्षों से हो रहे अवैध कब्जों को लेकर वन महकमे ने एक बार भी उक्त क्षेत्रों में जाकर इस पर अंकुश लगाने की कोशिश नहीं की। इधर, जब वन भूमि पर अवैध कब्जों का मामला समाचार पत्रों की सुर्खियां बना तो महकमे की जमकर किरकिरी भी हुई। इस मामले में टाइगर रिजर्व के डिप्टी डायरेक्टर आदर्श कुमार ने वन क्षेत्राधिकारी से स्थिति की जानकारी की पूरी रिपोर्ट मांगी है। इसी के चलते दो दिन पूर्व बराही रेंज के वन क्षेत्राधिकारी अनिल शाह वन कर्मियों की टीम लेकर ढकिया ताल्लुके महाराजपुर गांव पहुंचे। टीम ने वन भूमि को चिह्नित करना शुरू कर दिया है। हालांकि यहां तीनों गांव की सीमाएं आपस में मिली हुई हैं और पूरे क्षेत्र में अतिक्रमण है। ऐसे में यह पता लगा पाना बेहद मुश्किल है कि ढकिया ताल्लुके महाराजपुर की सीमा कहां है और वन भूमि पर कहां-कहां अतिक्रमण है? इस क्षेत्र में सर्वे कार्य बृहस्पतिवार तक जारी रहा। अब चिह्नित की गई वन भूमि कब अतिक्रमणमुक्त कराई जाएगी, इसकी अधिकारी कोई ठोस जानकारी नहीं दे पा रहे हैं। वहीं कुछ जिम्मेदार दबी जुबान से यह कहते देखे गए कि जब तक इन क्षेत्रों में वन व राजस्व विभाग का संयुक्त सीमांकन नहीं होगा, जब तक वन भूमि की सही जानकारी लगा पाना बेहद मुश्किल है।
विज्ञापन
वर्जन-
टाइगर रिजर्व के ढकिया ताल्लुके महाराजपुर क्षेत्र को विभागीय सीमांकन सर्वेयर के साथ मिलकर चेक करवाया जा रहा है। इसकी रिपोर्ट शीघ्र ही डीएफओ को दी जाएगी। शेष बचे रमनगरा और गुन्हान में भी जल्द चिह्नीकरण किया जाएगा। उच्चाधिकारियों के निर्देश के बाद ही अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
- अनिल शाह, वन क्षेत्राधिकारी