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वन अपराधियों की कुंडली तैयार करेगा पीटीआर
Updated Wed, 18 Jul 2018 11:40 PM IST
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18 पीबीटीपी 31
वन अपराधियों की कुंडली तैयार करेगा टाइगर रिजर्व
क्रासर....
पिछले 10 साल से वन अपराध में सक्रिय लोगों की बनेगी सूची
क्रासर.....
वन्यजीवों से जुड़ी घटनाएं रोकने को शुरू हुई कवायद
अमर उजाला ब्यूरो
पीलीभीत। पीलीभीत टाइगर रिजर्व में लंबे इंतजार के बाद फील्ड डायरेक्टर की नियुक्ति के साथ ही वन व वन्य जीवों की सुरक्षा के काम में तेजी दिखाई देने लगी है। वन्यजीवों की सुरक्षा व शिकार की घटनाएं रोकने को नई कवायद शुरू की गई है। फील्ड डायरेक्टर एच राजामोहन ने पीटीआर की सभी पांच रेंजों को वन अपराध से जुड़े अपराधियों के वर्तमान इतिहास को खंगाल उनकी सूची बनाने के निर्देश दिए हैं।
टाइगर रिजर्व बनने के बाद भले ही अधिकारी जंगल में मानव के प्रवेश पर रोक लगाने का दावा करते रहे हो लेकिन पीटीआर में लगातार शिकार, पशु तस्करी सहित अन्य घटनाएं अधिकारियों के जंगल में प्रवेश पर रोक के दावों की पोल खोलती हैं। ताजा मामला सोमवार को महोफ रेंज में चीतल के सींग के साथ मैनाकोट निवासी शातिर शिकारी श्यामबिहारी को वनकर्मियों ने पकड़कर उसके पास से शिकार करने को एक भाला भी बरामद हुआ था। यह अलग बात है कि वनकर्मियों की सक्रियता के चलते वह शिकारी गश्त टीम के हत्थे चढ़ गया लेकिन इससे पीटीआर में शिकारियों की अभी भी सक्रियता से इंकार नहीं किया जा सकता।
इतना जरूर है कि इस घटना के बाद से फील्ड डायरेक्टर वनों व वन्य जीवों की सुरक्षा को लेकर संजीदा जरूर हुए है। पीटीआर के डिप्टी डायरेक्टर एच राजा मोहन ने इस घटना के बाद से जिले में अब तक सक्रिय रहे वन अपराधियों की कुंडली तैयार करने का निर्णय लिया है। इसके लिए उन्होंने जिले की सभी पांच रेंजों के रेंज अधिकारियों को पिछले दस सालों से वन्यजीव के शिकार के मामलों में लिप्त अपराधियों के इतिहास खंगालने के निर्देश दिए हैं। उनके निर्देश पर रेंज अधिकारियों ने बुधवार से इस पर काम भी शुरू कर दिया है। इसके चलते पुराने वन अपराधियों में हड़कंप है।
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शिकारी और कटान माफिया का डोजियर बनेगा
फील्ड डायरेक्टर एच राजामोहन ने सभी पांच रेंजों में जारी निर्देशों में कहा है कि वह ऐसे शातिर वन अपराधियों की सूची तैयार करें जो पिछले दस वर्षों में वन्यजीवों के शिकार या बड़े वृक्ष कटान के मामलों में नामजद रहे हों या फिर जेल जा चुके हों। पुराने वन व वन्यजीव अपराधी वर्तमान में कहां रह रहे हैं? क्या कर रहे हैं? वह किन-किन लोगों के संपर्क में हैं आदि देखा जाएगा। एक तरह से वन अपराधियों का डोजियर तैयार होगा जिसमें उनके फोटो समेत का फोटो पूरा डाटा रहेगा।
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वर्जन
वन व वन्यजीवों की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जा रहे थहैं। इन घटनाओं को रोकने को यह शुरुआत है। सभी पांच रेंजों को वन अपराध से जुड़े अपराधियों की वर्तमान स्थिति की जानकारी कर सूची बनाने के निर्देश दिए गए हैं। - एच राजा मोहन, फील्ड डायरेक्टर, पीटीआर
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मानसून गश्त पर खुद फील्ड डायरेक्टर की नजर
पीलीभीत। बरसात का कार्यकाल नजदीक है। ऐसे में जंगल मेें वन अपराधियों की गतिविधि को रोकने के लिए अधिकारी मानसून गश्त पर विशेष ध्यान दे रहे हैं। कटरुआ बीनने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है। डीएफओ आदर्श कुमार ने इसके लिए पूरे जिले में नोटिस सार्वजनिक स्थानों पर चस्पा कर जंगल में आम जन के प्रवेश न करने की अपील की है। एफडी ने कहा कि मानसून गश्त के लिए वनकर्मियों की ड्यूटी लगा दी गई है। अधिकारी व कर्मचारी अपनी ड्यूटी को ठीक ढंग से अंजाम दे रहे हैं या नहीं इसकी वह स्वयं चेकिंग करेंगे। इसके लिए वह रात्रि जंगल में गश्त पर भी जाएंगे।
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गुलदार और भालू देखे
पीलीभीत। फील्ड डायरेक्टर एच राजा मोहन ने बताया कि उन्होंने मंगलवार रात्रि पीटीआर की दो रेंजों में वाहन से गश्त की। उन्होंने बताया कि इस दौरान एक स्थान पर गुलदार व उसके थोड़ी दूर पर भालू अपने दो बच्चों के साथ दिखाई दिया। उन्होंने यह भी बताया कि भालू तो नीचे था लेकिन उसके दोनों बच्चे पेड़ पर बैठे थे।
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वन अपराधियों की कुंडली तैयार करेगा टाइगर रिजर्व
क्रासर....
पिछले 10 साल से वन अपराध में सक्रिय लोगों की बनेगी सूची
क्रासर.....
वन्यजीवों से जुड़ी घटनाएं रोकने को शुरू हुई कवायद
अमर उजाला ब्यूरो
पीलीभीत। पीलीभीत टाइगर रिजर्व में लंबे इंतजार के बाद फील्ड डायरेक्टर की नियुक्ति के साथ ही वन व वन्य जीवों की सुरक्षा के काम में तेजी दिखाई देने लगी है। वन्यजीवों की सुरक्षा व शिकार की घटनाएं रोकने को नई कवायद शुरू की गई है। फील्ड डायरेक्टर एच राजामोहन ने पीटीआर की सभी पांच रेंजों को वन अपराध से जुड़े अपराधियों के वर्तमान इतिहास को खंगाल उनकी सूची बनाने के निर्देश दिए हैं।
टाइगर रिजर्व बनने के बाद भले ही अधिकारी जंगल में मानव के प्रवेश पर रोक लगाने का दावा करते रहे हो लेकिन पीटीआर में लगातार शिकार, पशु तस्करी सहित अन्य घटनाएं अधिकारियों के जंगल में प्रवेश पर रोक के दावों की पोल खोलती हैं। ताजा मामला सोमवार को महोफ रेंज में चीतल के सींग के साथ मैनाकोट निवासी शातिर शिकारी श्यामबिहारी को वनकर्मियों ने पकड़कर उसके पास से शिकार करने को एक भाला भी बरामद हुआ था। यह अलग बात है कि वनकर्मियों की सक्रियता के चलते वह शिकारी गश्त टीम के हत्थे चढ़ गया लेकिन इससे पीटीआर में शिकारियों की अभी भी सक्रियता से इंकार नहीं किया जा सकता।
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इतना जरूर है कि इस घटना के बाद से फील्ड डायरेक्टर वनों व वन्य जीवों की सुरक्षा को लेकर संजीदा जरूर हुए है। पीटीआर के डिप्टी डायरेक्टर एच राजा मोहन ने इस घटना के बाद से जिले में अब तक सक्रिय रहे वन अपराधियों की कुंडली तैयार करने का निर्णय लिया है। इसके लिए उन्होंने जिले की सभी पांच रेंजों के रेंज अधिकारियों को पिछले दस सालों से वन्यजीव के शिकार के मामलों में लिप्त अपराधियों के इतिहास खंगालने के निर्देश दिए हैं। उनके निर्देश पर रेंज अधिकारियों ने बुधवार से इस पर काम भी शुरू कर दिया है। इसके चलते पुराने वन अपराधियों में हड़कंप है।
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शिकारी और कटान माफिया का डोजियर बनेगा
फील्ड डायरेक्टर एच राजामोहन ने सभी पांच रेंजों में जारी निर्देशों में कहा है कि वह ऐसे शातिर वन अपराधियों की सूची तैयार करें जो पिछले दस वर्षों में वन्यजीवों के शिकार या बड़े वृक्ष कटान के मामलों में नामजद रहे हों या फिर जेल जा चुके हों। पुराने वन व वन्यजीव अपराधी वर्तमान में कहां रह रहे हैं? क्या कर रहे हैं? वह किन-किन लोगों के संपर्क में हैं आदि देखा जाएगा। एक तरह से वन अपराधियों का डोजियर तैयार होगा जिसमें उनके फोटो समेत का फोटो पूरा डाटा रहेगा।
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वन व वन्यजीवों की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जा रहे थहैं। इन घटनाओं को रोकने को यह शुरुआत है। सभी पांच रेंजों को वन अपराध से जुड़े अपराधियों की वर्तमान स्थिति की जानकारी कर सूची बनाने के निर्देश दिए गए हैं। - एच राजा मोहन, फील्ड डायरेक्टर, पीटीआर
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मानसून गश्त पर खुद फील्ड डायरेक्टर की नजर
पीलीभीत। बरसात का कार्यकाल नजदीक है। ऐसे में जंगल मेें वन अपराधियों की गतिविधि को रोकने के लिए अधिकारी मानसून गश्त पर विशेष ध्यान दे रहे हैं। कटरुआ बीनने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है। डीएफओ आदर्श कुमार ने इसके लिए पूरे जिले में नोटिस सार्वजनिक स्थानों पर चस्पा कर जंगल में आम जन के प्रवेश न करने की अपील की है। एफडी ने कहा कि मानसून गश्त के लिए वनकर्मियों की ड्यूटी लगा दी गई है। अधिकारी व कर्मचारी अपनी ड्यूटी को ठीक ढंग से अंजाम दे रहे हैं या नहीं इसकी वह स्वयं चेकिंग करेंगे। इसके लिए वह रात्रि जंगल में गश्त पर भी जाएंगे।
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गुलदार और भालू देखे
पीलीभीत। फील्ड डायरेक्टर एच राजा मोहन ने बताया कि उन्होंने मंगलवार रात्रि पीटीआर की दो रेंजों में वाहन से गश्त की। उन्होंने बताया कि इस दौरान एक स्थान पर गुलदार व उसके थोड़ी दूर पर भालू अपने दो बच्चों के साथ दिखाई दिया। उन्होंने यह भी बताया कि भालू तो नीचे था लेकिन उसके दोनों बच्चे पेड़ पर बैठे थे।