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कहीं जानलेवा न बन जाए सेहतमंद बनाने वाले फल
Updated Wed, 04 Apr 2018 06:47 PM IST
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कहीं जानलेवा न बन जाए सेहतमंद बनाने वाले फल
जगह-जगह खुलेआम बिक रहे कटे फल, सेहत को खतरा
गर्मियों के मद्देनजर पर पड़ सकता है बुरा असर
03पीबीटीपी-8
अमर उजाला ब्यूरो
पीलीभीत। स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए फलों की एक अलग भूमिका रहती है। अक्सर चिकित्सकों को भी मरीजों को फल खाने की सलाह देते देखा जाता है। लेकिन शहर में जगह-जगह पर सेहतमंद के बजाए स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाने वाले फलों की बिक्री धड़ल्ले से हो रही है। ठेलों पर कटे फल बेचे जा रहे है, इन पर शिकंजा कसने के बजाए खाद्य विभाग दफ्तरों में बैठकर कार्रवाई की लकीर खींच रहा है।
शहर से लेकर देहात तक गली से लेकर मोहल्ले तक कटे फल ठेलों व दुकानों पर खुलेआम बेचे जा रहे हैं। इनका सेवन करने से बुखार, डायरिया व मलेरिया आदि बीमारी का होना गर्मी में आम बात है। कटे फलों की बिक्री के रोकथाम को लेकर विभाग द्वारा कोई ठोस रणनीति नहीं बनाई गई है। गर्मी के मौसम के साथ बीमारियां फैलना शुरू हो जाती हैं। लोग जानकारी के अभाव में फलों के खानपान में खूब लापरवाही बरतते हैं। शहर के नौगवा चौरहा, फल मंडी, गैस चौराहा, कमल्ले चौराहा, कलक्ट्रेट चौराहा, नकटादाना चौराहा, छतरी चौराहा आदि जगहों पर धूल धक्कड़ के बीच प्रतिदिन खुले में कटे फल खुलेआम बिक रहे हैं। जिम्मेदार अफसर अगर थोड़ी भी गंभीरता दिखाए जो लोग कटे फलों का सेवन न करें।
वर्जन---
कटे फल खाना सेहत के लिए बेहद नुकसानदायक है। कटे फलों का सेवन करने से डायरियां, मलेरिया जैसी कई गंभीर बीमारियां इंसान को अपनी चपेट में ले लेती है। जिस कारण कई लोगों को अपनी जान तक गवानी पड़ जाती है।
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डॉ. सीवी चौरसिया, वरिष्ट फिजीशियन
वर्जन---
हमारी टीम समय-समय पर छापामारी करती है, इसके लिए बाकायदा अभियान चलाकर लोगों को भी जागरूक किया जाता है। गरीब दुकानदारों को समझाया जाता है कि वह कटे फल आदि नहीं बेचें।
वीके वर्मा, अभिहीत अधिकारी
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जगह-जगह खुलेआम बिक रहे कटे फल, सेहत को खतरा
गर्मियों के मद्देनजर पर पड़ सकता है बुरा असर
03पीबीटीपी-8
अमर उजाला ब्यूरो
पीलीभीत। स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए फलों की एक अलग भूमिका रहती है। अक्सर चिकित्सकों को भी मरीजों को फल खाने की सलाह देते देखा जाता है। लेकिन शहर में जगह-जगह पर सेहतमंद के बजाए स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाने वाले फलों की बिक्री धड़ल्ले से हो रही है। ठेलों पर कटे फल बेचे जा रहे है, इन पर शिकंजा कसने के बजाए खाद्य विभाग दफ्तरों में बैठकर कार्रवाई की लकीर खींच रहा है।
शहर से लेकर देहात तक गली से लेकर मोहल्ले तक कटे फल ठेलों व दुकानों पर खुलेआम बेचे जा रहे हैं। इनका सेवन करने से बुखार, डायरिया व मलेरिया आदि बीमारी का होना गर्मी में आम बात है। कटे फलों की बिक्री के रोकथाम को लेकर विभाग द्वारा कोई ठोस रणनीति नहीं बनाई गई है। गर्मी के मौसम के साथ बीमारियां फैलना शुरू हो जाती हैं। लोग जानकारी के अभाव में फलों के खानपान में खूब लापरवाही बरतते हैं। शहर के नौगवा चौरहा, फल मंडी, गैस चौराहा, कमल्ले चौराहा, कलक्ट्रेट चौराहा, नकटादाना चौराहा, छतरी चौराहा आदि जगहों पर धूल धक्कड़ के बीच प्रतिदिन खुले में कटे फल खुलेआम बिक रहे हैं। जिम्मेदार अफसर अगर थोड़ी भी गंभीरता दिखाए जो लोग कटे फलों का सेवन न करें।
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कटे फल खाना सेहत के लिए बेहद नुकसानदायक है। कटे फलों का सेवन करने से डायरियां, मलेरिया जैसी कई गंभीर बीमारियां इंसान को अपनी चपेट में ले लेती है। जिस कारण कई लोगों को अपनी जान तक गवानी पड़ जाती है।
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डॉ. सीवी चौरसिया, वरिष्ट फिजीशियन
वर्जन---
हमारी टीम समय-समय पर छापामारी करती है, इसके लिए बाकायदा अभियान चलाकर लोगों को भी जागरूक किया जाता है। गरीब दुकानदारों को समझाया जाता है कि वह कटे फल आदि नहीं बेचें।
वीके वर्मा, अभिहीत अधिकारी
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