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Pilibhit News: छह विकास खंडों के 215 शिक्षकों ने संकुल पद से दिया इस्तीफा
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ब्लॉक संसाधन केंद्र जैतीपुर में खंड शिक्षा अधिकारी को इस्तीफा सौंपते शिक्षक संकुल। स्रोत : ज
शाहजहांपुर। ऑनलाइन उपस्थिति के विरोध में छह विकास खंडों के 215 शिक्षकों ने सोमवार को शिक्षक संकुल के पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने खंड शिक्षा अधिकारियों को इस्तीफे सौंपे।
जिले के परिषदीय विद्यालयों में सूचना का आदान-प्रदान करने के लिए सभी विकास खंडों में शिक्षक संकुल के पद पर शिक्षकों की नियुक्ति की गई है। यह संकुल शिक्षक भी स्कूल शिक्षा महानिदेशक कंचन वर्मा की ओर से जारी ऑनलाइन उपस्थिति के आदेश का विरोध कर रहे हैं।
उनकी मांग है कि पहले मूलभूत मांगों का समाधान किया जाए उसके बाद ऑनलाइन उपस्थिति लागू हो। इसको लेकर सोमवार को न्याय पंचायत स्तर पर शिक्षक संकुल के रूप में नियुक्त शिक्षकों ने असहयोग आंदोलन के तहत खंड शिक्षा अधिकारियों को सामूहिक रूप से अपना इस्तीफा सौंपा।
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विकास खंड भावलखेड़ा के 43, जैतीपुर के 35, कांट के 31, निगोही के 40, बंडा के 38, ददरौल के 28 शिक्षकों संकुल ने इस्तीफा दिया। शेष शिक्षक संकुल मंगलवार को इस्तीफा सौंपने की तैयारी है। इसके साथ ही शिक्षकों ने अपने निजी मोबाइल नंबर से सभी विभागीय व्हाट्सएप ग्रुप चलाने से भी मना कर दिया है और उनको छोड़ रहे हैं।
निगोही। विकास क्षेत्र के संकुल शिक्षकों ने सोमवार को इस्तीफा दे दिया। खंड शिक्षा अधिकारी को दिए त्यागपत्र में कहा गया कि वर्षों से शिक्षक अपनी जायज मांगे विभाग के अधिकारियों के सामने रखते आए हैं।
मांगे पूरी करने की जगह निरंतर शिक्षकों को प्रताड़ित किया जा रहा। राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के जिला महामंत्री महेंद्र सिंह ने बताया कि जायज मांगें पूरी की जाएं। संवाद
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प्रांतीय स्तर के प्रतिनिधिमंडल ने वार्ता से किया इन्कार
शाहजाहांपुर। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष ऋषिकांत पांडेय ने बताया कि परिषदीय शिक्षकों की ओर से सरकार की तानाशाही और ऑनलाइन हाजिरी के विरोध में आठ जुलाई से लगातार आंदोलन चल रहा है। प्रदेश स्तर पर बनाए गए सभी मान्यता प्राप्त शिक्षक संघों और पंजीकृत संगठनों के साझा मंच शिक्षक, शिक्षा मित्र, अनुदेशक, कर्मचारी संयुक्त मोर्चा के तत्वावधान में सोमवार को प्रदेश भर में विरोध प्रदर्शन हुआ और मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजे गए।
इस बीच शासन की ओर से लखनऊ में संयुक्त मोर्चा के प्रतिनिधिमंडल को वार्ता के लिए बुलाया गया, लेकिन पदाधिकारियों ने ऑनलाइन उपस्थिति का आदेश वापस लेने तक वार्ता से इन्कार कर दिया। जिले में चार दिन की छुट्टी के बाद विद्यालयों के खुलने पर शिक्षकों ने काली पट्टी बांधकर ही शिक्षण कार्य किया। प्राथमिक शिक्षक संघ, जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ और राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के सामूहिक आह्वान पर ब्लॉकों शिक्षक संकुल द्वारा सामूहिक इस्तीफा दिया गया। संवाद
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जिले के परिषदीय विद्यालयों में सूचना का आदान-प्रदान करने के लिए सभी विकास खंडों में शिक्षक संकुल के पद पर शिक्षकों की नियुक्ति की गई है। यह संकुल शिक्षक भी स्कूल शिक्षा महानिदेशक कंचन वर्मा की ओर से जारी ऑनलाइन उपस्थिति के आदेश का विरोध कर रहे हैं।
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उनकी मांग है कि पहले मूलभूत मांगों का समाधान किया जाए उसके बाद ऑनलाइन उपस्थिति लागू हो। इसको लेकर सोमवार को न्याय पंचायत स्तर पर शिक्षक संकुल के रूप में नियुक्त शिक्षकों ने असहयोग आंदोलन के तहत खंड शिक्षा अधिकारियों को सामूहिक रूप से अपना इस्तीफा सौंपा।
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विकास खंड भावलखेड़ा के 43, जैतीपुर के 35, कांट के 31, निगोही के 40, बंडा के 38, ददरौल के 28 शिक्षकों संकुल ने इस्तीफा दिया। शेष शिक्षक संकुल मंगलवार को इस्तीफा सौंपने की तैयारी है। इसके साथ ही शिक्षकों ने अपने निजी मोबाइल नंबर से सभी विभागीय व्हाट्सएप ग्रुप चलाने से भी मना कर दिया है और उनको छोड़ रहे हैं।
निगोही। विकास क्षेत्र के संकुल शिक्षकों ने सोमवार को इस्तीफा दे दिया। खंड शिक्षा अधिकारी को दिए त्यागपत्र में कहा गया कि वर्षों से शिक्षक अपनी जायज मांगे विभाग के अधिकारियों के सामने रखते आए हैं।
मांगे पूरी करने की जगह निरंतर शिक्षकों को प्रताड़ित किया जा रहा। राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के जिला महामंत्री महेंद्र सिंह ने बताया कि जायज मांगें पूरी की जाएं। संवाद
प्रांतीय स्तर के प्रतिनिधिमंडल ने वार्ता से किया इन्कार
शाहजाहांपुर। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष ऋषिकांत पांडेय ने बताया कि परिषदीय शिक्षकों की ओर से सरकार की तानाशाही और ऑनलाइन हाजिरी के विरोध में आठ जुलाई से लगातार आंदोलन चल रहा है। प्रदेश स्तर पर बनाए गए सभी मान्यता प्राप्त शिक्षक संघों और पंजीकृत संगठनों के साझा मंच शिक्षक, शिक्षा मित्र, अनुदेशक, कर्मचारी संयुक्त मोर्चा के तत्वावधान में सोमवार को प्रदेश भर में विरोध प्रदर्शन हुआ और मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजे गए।
इस बीच शासन की ओर से लखनऊ में संयुक्त मोर्चा के प्रतिनिधिमंडल को वार्ता के लिए बुलाया गया, लेकिन पदाधिकारियों ने ऑनलाइन उपस्थिति का आदेश वापस लेने तक वार्ता से इन्कार कर दिया। जिले में चार दिन की छुट्टी के बाद विद्यालयों के खुलने पर शिक्षकों ने काली पट्टी बांधकर ही शिक्षण कार्य किया। प्राथमिक शिक्षक संघ, जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ और राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के सामूहिक आह्वान पर ब्लॉकों शिक्षक संकुल द्वारा सामूहिक इस्तीफा दिया गया। संवाद

ब्लॉक संसाधन केंद्र जैतीपुर में खंड शिक्षा अधिकारी को इस्तीफा सौंपते शिक्षक संकुल। स्रोत : ज