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रमनगरा-बुझिया क्षेत्र में कृषि भूमि का कटान करने लगी शारदा
Updated Sun, 22 Jul 2018 11:40 PM IST
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माधोटांडा (पीलीभीत)। शारदा नदी का जलस्तर रविवार को कुछ बढ़ गया। इसके चलते रामनगर बुझिया क्षेत्र में नदी द्वारा किए जा रहे भू-कटान की गति भी तेज हो गई। पत्थर की बनी ठोकरों के डाउन स्ट्रीम में नदी भू-कटान करने के बाद अब ग्रामीणों की धान की फसल का भी कटान करना शुरू कर दिया है। इसके चलते वर्षों पूर्व कटान रोकने को यहां बनाई गई पत्थर की शेष बची ठोकरों का वजूद में खतरे में पड़ गया है। कटान के भय से किसान प्रभास राय ने अपनी झोपड़ी को हटाना शुरू कर दिया है। सिंचाई विभाग द्वारा बचाव कार्य शुरू न कराने के विरोध में किसानों यहां प्रदर्शन भी किया।
शारदा नदी का जल स्तर पिछले दो दिन से कम होने के साथ ही नदी द्वारा यहां किए जा रहे कटान की गति भी कुछ धीमी हो गई थी, लेकिन रविवार जल बढ़ने के साथ नदी ने यहां एक बार फिर कटान तेज कर दिया है। रमनगरा बुझिया में नदी की मुख्य धार पत्थर की ठोकरों पर पडने लगी। इससे डाउनस्ट्रीम में कटान तेज होता जा रहा है। कटान के चलते पत्थर की ठोकरों की ओर किसान प्रभास राय ने अपनी झोपड़ी बनाई है। नदी को करीब आता देख उसने अपनी झोपड़ी हटानी शुरू कर दी है। उसका आरोप है कि सिंचाई विभाग किसी तरह का कोई बचाव कार्य नहीं करा रहा है, इसलिए पत्थर शेष बची ठोकरों का वजूद भी खतरे में पड़ गया है। अभियंता यह कह रहे थे कि उनके पास रेत व मिट्टी नहीं है। इसलिए कार्य प्रभावित हो रहा है। अधिकारी रविवार को मड पंप लगाकर नदी से रेत निकलवाने की भी बात कह रहे थे, लेकिन पिछले दो दिन से यहां मड पंप नहीं पहुंचा है। भू कटान तेज होने से रमनगरा बुझिया में पत्थर की ठोकरों के डाउनस्ट्रीम में जोगिंदर कौर का धान का खेत तेजी से कट रहा है। जोगिंदर कौर ने बताया कि पिछले कई दिन से यहां पर कोई कार्य नहीं कराया जा रहा है और मात्र औपचारिकताएं निभाकर खाना पूरी की जा रही है। लोग अपने सामने कटान देखकर परेशान हैं। इसको लेकर यहां लोगों में काफी रोष है। इसको लेकर किसानों ने आज सिंचाई विभाग के खिलाफ प्रदर्शन भी किया। प्रदर्शन करने वालों में जस्सा सिंह, प्रभास राय, अमरीक सिंह, किरकट सिंह, सुखविंदर सिंह, गुरमीत सिंह, नवनीत सिंह, मनजीत सिंह, दिलबाग सिंह सहित किसान शामिल थे।
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शारदा नदी का जल स्तर पिछले दो दिन से कम होने के साथ ही नदी द्वारा यहां किए जा रहे कटान की गति भी कुछ धीमी हो गई थी, लेकिन रविवार जल बढ़ने के साथ नदी ने यहां एक बार फिर कटान तेज कर दिया है। रमनगरा बुझिया में नदी की मुख्य धार पत्थर की ठोकरों पर पडने लगी। इससे डाउनस्ट्रीम में कटान तेज होता जा रहा है। कटान के चलते पत्थर की ठोकरों की ओर किसान प्रभास राय ने अपनी झोपड़ी बनाई है। नदी को करीब आता देख उसने अपनी झोपड़ी हटानी शुरू कर दी है। उसका आरोप है कि सिंचाई विभाग किसी तरह का कोई बचाव कार्य नहीं करा रहा है, इसलिए पत्थर शेष बची ठोकरों का वजूद भी खतरे में पड़ गया है। अभियंता यह कह रहे थे कि उनके पास रेत व मिट्टी नहीं है। इसलिए कार्य प्रभावित हो रहा है। अधिकारी रविवार को मड पंप लगाकर नदी से रेत निकलवाने की भी बात कह रहे थे, लेकिन पिछले दो दिन से यहां मड पंप नहीं पहुंचा है। भू कटान तेज होने से रमनगरा बुझिया में पत्थर की ठोकरों के डाउनस्ट्रीम में जोगिंदर कौर का धान का खेत तेजी से कट रहा है। जोगिंदर कौर ने बताया कि पिछले कई दिन से यहां पर कोई कार्य नहीं कराया जा रहा है और मात्र औपचारिकताएं निभाकर खाना पूरी की जा रही है। लोग अपने सामने कटान देखकर परेशान हैं। इसको लेकर यहां लोगों में काफी रोष है। इसको लेकर किसानों ने आज सिंचाई विभाग के खिलाफ प्रदर्शन भी किया। प्रदर्शन करने वालों में जस्सा सिंह, प्रभास राय, अमरीक सिंह, किरकट सिंह, सुखविंदर सिंह, गुरमीत सिंह, नवनीत सिंह, मनजीत सिंह, दिलबाग सिंह सहित किसान शामिल थे।
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