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महंगाई के दौर में पर्यटकों के लिए महंगा साबित होगा चूका बीच
Updated Sat, 11 Nov 2017 08:05 PM IST
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चूका बीच पर बनी ट्री हट
- फोटो : अमर उजाला
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पीलीभीत। हरीभरी वादियों के बीच बने चूका बीच की हरियाली का लुत्फ इस बार पर्यटकों के लिए खासा महंगा साबित होगा। नए सत्र में पर्यटकों के जंगल में घूमने, ठहरने व उनके लंच तथा डिनर तक की व्यवस्था वन निगम करेगा। पर्यटकों से इसके एवज में एक मुश्त पैकेज की धनराशि वसूली जाएगी। हालांकि चूका बीच में इस बार पर्यटकों के लिए कुछ नया नहीं है। मात्र पुरानी हटों को ही रंग रोगन कर उनके चमकाने का प्रयास किया जा रहा है।
महोफ जंगल के कोर एरिया मे बने इको टूरिज्म स्पॉट चूका बीच नये सत्र में 15 नवंबर को पर्यटकों के लिए खोल दिया जाएगा। बदलाव यह आया हैं कि पिछले कई वर्षों से इसका संचालन वन विभाग के हाथों में था। जिसके चलते अधिकारियों के अलावा विभिन्न राजनीतिक दलों से जुड़े नेता व उनके रिश्तेदार भी मुफ्त में सैर करते आ रहे थे। यही नहीं वन विभाग के कर्मचारियों पर अनावश्यक रौब दिखाने व मारपीट की घटनाएं प्रकाश में आ रही थीं। जिसके चलते नेताओं व वन विभाग की फजीहत होती थी, लेकिन इस बार यह सब वन निगम के अधीन होगा। जिससे वनकर्मियों को खासी राहत मिली हैं, लेकिन नए सत्र के दौरान पर्यटकों पर किस तरह की सख्ती होगी, इसका खुलासा अभी पूरी तरह से नहीं हो सका है। पूरनपुर-खटीमा मार्ग के मुस्तफाबाद गेस्ट हाउस के समीप पर्यटकों के वाहनों के लिए स्टैंड की व्यवस्था की जा रही है। जिसके एवज में बीस रुपये प्रति वाहन वसूला जाएगा।
मुस्तफाबाद से ही होगी टूरिस्टों के घूमने को सरकारी वाहनों की व्यवस्था
जंगल सफरी से छह पर्यटकों को चूका बीच व जंगल भ्रमण कराया जाएगा। जिसका किराया गाड़ी, गाइड, वन विभाग के रोड टैक्स सहित लगभग 2700 रुपये देने होेंगे। इसमें छोटे बच्चे भी गिनती में शामिल होंगे। यह वाहन एक शिफ्ट में चूका बीच से जंगल भ्रमण कराएंगे। एक शिफ्ट के दौरान पर्यटक मात्र आधा घंटे ही चूका बीच का लुत्फ उठा सकेंगे। जो पर्यटक मात्र चूका बीच ही जाना चाहते हैं, उनसे एक शिफ्ट में चूका बीच जाने का क्या किराया देना होगा, इसको लेकर टाइगर रिजर्व के अफसर व वन निगम मंथन कर रहे हैं।
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पैकेज के रूप में वसूला जाएगा एक मुश्त शुल्क
चूका बीच की जिम्मेदारी वन निगम के हाथों में जाने के बाद बुकिंग व्यवस्था ऑनलाइन की जा चुकी है। जो पर्यटक हटों की बुकिंग कराएंगे, वन निगम उनसे एक शिफ्ट में जंगल सफारी से घुमाने से लेकर रात्रि विश्राम व भोजन की व्यवस्था पैकेज के रूप में देकर उनसे एकमुश्त रकम वसूलेगा। इसमें पर्यटकों को लाभ तो होगा, लेकिन जेब भी अच्छी खासी हल्की होगी। अलग-अलग हटों का किराया इसी पैकेज में शामिल होगा।
दो शिफ्टों में जंगल सफारी से कराया जाएगा भ्रमण
पर्यटकों को दो शिफ्ट में जंगल घुमाने के लिए समय निर्धारत किय गया है, ताकि उनकी वन्यजीवों को देखने की लालसा पूरी हो सके। इसके लिए पहली शिफ्ट सुबह छह बजे से दोपहर ग्यारह बजे तक व दूसरी शिफ्ट ढाई बजे से शाम छह बजे तक रहेगी। जंगल में अन्य वाहनों का प्रवेश वर्जित रहेगा। टाइगर रिजर्व भी इस बार नियमों के पूरा पालन कराने को कमर कस चुका है। जिसमें पर्यटकों के साथ मधुर व्यवहार करने के अलावा वन क्षेत्र व वन्य जीव सुरक्षित रखने पर भी पूरा ध्यान रखा जाएगा।
वन निगम के चूका बीच में सफाई, हटों की मरम्मत व रंग रोगन का कार्य अंतिम दौर में चल रहा है। ऑनलाइन बुकिंग की व्यवस्था भी शुरू कर दी गई है। प्रयास रहेगा कि पर्यटकों को कोई असुविधा न हो।
प्रमोद कुमार पांडे, यूनिट प्रभारी, वन निगम (चूका बीच)
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महोफ जंगल के कोर एरिया मे बने इको टूरिज्म स्पॉट चूका बीच नये सत्र में 15 नवंबर को पर्यटकों के लिए खोल दिया जाएगा। बदलाव यह आया हैं कि पिछले कई वर्षों से इसका संचालन वन विभाग के हाथों में था। जिसके चलते अधिकारियों के अलावा विभिन्न राजनीतिक दलों से जुड़े नेता व उनके रिश्तेदार भी मुफ्त में सैर करते आ रहे थे। यही नहीं वन विभाग के कर्मचारियों पर अनावश्यक रौब दिखाने व मारपीट की घटनाएं प्रकाश में आ रही थीं। जिसके चलते नेताओं व वन विभाग की फजीहत होती थी, लेकिन इस बार यह सब वन निगम के अधीन होगा। जिससे वनकर्मियों को खासी राहत मिली हैं, लेकिन नए सत्र के दौरान पर्यटकों पर किस तरह की सख्ती होगी, इसका खुलासा अभी पूरी तरह से नहीं हो सका है। पूरनपुर-खटीमा मार्ग के मुस्तफाबाद गेस्ट हाउस के समीप पर्यटकों के वाहनों के लिए स्टैंड की व्यवस्था की जा रही है। जिसके एवज में बीस रुपये प्रति वाहन वसूला जाएगा।
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मुस्तफाबाद से ही होगी टूरिस्टों के घूमने को सरकारी वाहनों की व्यवस्था
जंगल सफरी से छह पर्यटकों को चूका बीच व जंगल भ्रमण कराया जाएगा। जिसका किराया गाड़ी, गाइड, वन विभाग के रोड टैक्स सहित लगभग 2700 रुपये देने होेंगे। इसमें छोटे बच्चे भी गिनती में शामिल होंगे। यह वाहन एक शिफ्ट में चूका बीच से जंगल भ्रमण कराएंगे। एक शिफ्ट के दौरान पर्यटक मात्र आधा घंटे ही चूका बीच का लुत्फ उठा सकेंगे। जो पर्यटक मात्र चूका बीच ही जाना चाहते हैं, उनसे एक शिफ्ट में चूका बीच जाने का क्या किराया देना होगा, इसको लेकर टाइगर रिजर्व के अफसर व वन निगम मंथन कर रहे हैं।
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पैकेज के रूप में वसूला जाएगा एक मुश्त शुल्क
चूका बीच की जिम्मेदारी वन निगम के हाथों में जाने के बाद बुकिंग व्यवस्था ऑनलाइन की जा चुकी है। जो पर्यटक हटों की बुकिंग कराएंगे, वन निगम उनसे एक शिफ्ट में जंगल सफारी से घुमाने से लेकर रात्रि विश्राम व भोजन की व्यवस्था पैकेज के रूप में देकर उनसे एकमुश्त रकम वसूलेगा। इसमें पर्यटकों को लाभ तो होगा, लेकिन जेब भी अच्छी खासी हल्की होगी। अलग-अलग हटों का किराया इसी पैकेज में शामिल होगा।
दो शिफ्टों में जंगल सफारी से कराया जाएगा भ्रमण
पर्यटकों को दो शिफ्ट में जंगल घुमाने के लिए समय निर्धारत किय गया है, ताकि उनकी वन्यजीवों को देखने की लालसा पूरी हो सके। इसके लिए पहली शिफ्ट सुबह छह बजे से दोपहर ग्यारह बजे तक व दूसरी शिफ्ट ढाई बजे से शाम छह बजे तक रहेगी। जंगल में अन्य वाहनों का प्रवेश वर्जित रहेगा। टाइगर रिजर्व भी इस बार नियमों के पूरा पालन कराने को कमर कस चुका है। जिसमें पर्यटकों के साथ मधुर व्यवहार करने के अलावा वन क्षेत्र व वन्य जीव सुरक्षित रखने पर भी पूरा ध्यान रखा जाएगा।
वन निगम के चूका बीच में सफाई, हटों की मरम्मत व रंग रोगन का कार्य अंतिम दौर में चल रहा है। ऑनलाइन बुकिंग की व्यवस्था भी शुरू कर दी गई है। प्रयास रहेगा कि पर्यटकों को कोई असुविधा न हो।
प्रमोद कुमार पांडे, यूनिट प्रभारी, वन निगम (चूका बीच)