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रामदूत अंगद ने चूरचूर किया रावण का अभिमान
Updated Thu, 28 Sep 2017 02:03 AM IST
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खेकड़ा (बागपत)।
नगर में गांधी प्याऊ पर श्री धार्मिक रामलीला कमेटी के तत्वावधान में चल रही रामलीला में रामदूत अंगद ने रावण के दरबार में जाकर अपना पैर जमाया। रावण के योद्धा पैर को हिला ना सके। अंगद ने रावण को राम से क्षमा मांग लेने की नसीहत दी।
नगर में गांधी प्याऊ पर आयोजित रामलीला को देखने के लिए लोगों की खासी भीड़ पहुंची। जहां हनुमान के लंका से वापस आने पर राम को सीता का पता लगा। सुग्रीव से सलाह के बाद अंगद को दूत के रूप में लंका भेजने का निर्णय लिया। अंगद रावण के दरबार में पहुंचा और उसको भगवान राम से युद्ध न करने और सीता माता को ससम्मान राम के पास भेजने की सलाह दी। रावण के अभिमान का चूर करने के लिए अपना पैर जमीन में जमाया। रावण के दरबार का कोई भी योद्धा अंगद के पैैर को हिला नहीं पाया। रावण खुद पांव हिलाने आया तो युवराज अंगद ने अपना पैर हटा लिया और कहा, अभिमानी रावण मेरे पैरों को हाथ मत लगा, पैर छूने हैं तो भगवान राम के छू, इसी में तेरा कल्याण है। अंगद युद्ध का ऐलान करके लंका से वापस लौट गया। इस दौरान डायरेक्टर राजेश शर्मा, उमेश शर्मा, प्रधान नितिन जैन, नरेश शर्मा, राजेश शर्मा, अनिरुद्ध गौड़, पीयूष शर्मा, नरेंद्र शर्मा, प्रवेश शर्मा, पुष्पेंद्र कुमार, अतुल रूहैला, सुनील रूहैला, सुुनील दत्त शर्मा, तरूण गुप्ता, राजेंद्र यादव, प्रवीन यादव, श्रद्वानंद पांचाल, राजू पांचाल, अभिलाष गुप्ता, दीपक शर्मा, मुकेश शर्मा, नवाब सिंह धामा आदि रहे।
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नगर में गांधी प्याऊ पर श्री धार्मिक रामलीला कमेटी के तत्वावधान में चल रही रामलीला में रामदूत अंगद ने रावण के दरबार में जाकर अपना पैर जमाया। रावण के योद्धा पैर को हिला ना सके। अंगद ने रावण को राम से क्षमा मांग लेने की नसीहत दी।
नगर में गांधी प्याऊ पर आयोजित रामलीला को देखने के लिए लोगों की खासी भीड़ पहुंची। जहां हनुमान के लंका से वापस आने पर राम को सीता का पता लगा। सुग्रीव से सलाह के बाद अंगद को दूत के रूप में लंका भेजने का निर्णय लिया। अंगद रावण के दरबार में पहुंचा और उसको भगवान राम से युद्ध न करने और सीता माता को ससम्मान राम के पास भेजने की सलाह दी। रावण के अभिमान का चूर करने के लिए अपना पैर जमीन में जमाया। रावण के दरबार का कोई भी योद्धा अंगद के पैैर को हिला नहीं पाया। रावण खुद पांव हिलाने आया तो युवराज अंगद ने अपना पैर हटा लिया और कहा, अभिमानी रावण मेरे पैरों को हाथ मत लगा, पैर छूने हैं तो भगवान राम के छू, इसी में तेरा कल्याण है। अंगद युद्ध का ऐलान करके लंका से वापस लौट गया। इस दौरान डायरेक्टर राजेश शर्मा, उमेश शर्मा, प्रधान नितिन जैन, नरेश शर्मा, राजेश शर्मा, अनिरुद्ध गौड़, पीयूष शर्मा, नरेंद्र शर्मा, प्रवेश शर्मा, पुष्पेंद्र कुमार, अतुल रूहैला, सुनील रूहैला, सुुनील दत्त शर्मा, तरूण गुप्ता, राजेंद्र यादव, प्रवीन यादव, श्रद्वानंद पांचाल, राजू पांचाल, अभिलाष गुप्ता, दीपक शर्मा, मुकेश शर्मा, नवाब सिंह धामा आदि रहे।
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