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Pilibhit News: तालाब से निकलकर घर में आया मगरमच्छ, दहशत
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पिंजरे से मगरमच्छ को बाहर निकालकर देवहा नदी में छोड़ता वन विभाग का कर्मचारी।फोटो स्रोत बन बिभाग
न्यूरिया। बारिश और जलभराव के कारण बुधवार रात तालाब से निकला मगरमच्छ खेतों के रास्ते राजा कॉलोनी की आबादी में पहुंच गया। वहां वह समल सरदार के घर के बरामदे में जा पहुंचा। सूचना पर पहुंची वन विभाग की टीम ने मगरमच्छ को रेस्क्यू करके नदी में छोड़ दिया।
रात करीब 10 बजे परिवार के लोग सोने की तैयारी कर रहे थे। बच्चे बरामदे में जमीन पर बैठे थे। अचानक बरामदे में मगरमच्छ दिखाई देने से परिवार में चीख-पुकार मच गई। शोर सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। प्रधान पंकज सरदार समेत ग्रामीणों ने सावधानी बरतते हुए मगरमच्छ को जाल में कैद कर वन विभाग के अधिकारी को सूचना दी। करीब दो घंटे बाद पहुंची वन विभाग की टीम ने मगरमच्छ को पिंजरे में बंद कर कब्जे में ले लिया। बाद में उसे सुरक्षित ले जाकर देवहा नदी में छोड़ दिया।
उप क्षेत्रीय वन अधिकारी शेर सिंह ने बताया कि लगातार बारिश से तालाब और आसपास के क्षेत्रों में पानी बढ़ गया। इसी कारण मगरमच्छ पानी से निकलकर खेतों के रास्ते आबादी तक पहुंच गया। उन्होंने बताया कि बारिश के बाद गन्ने की फसल भी बड़ी हो गई है। जंगल से सटे गांवों में वन विभाग की ओर से ग्रामीणों को मानव- वन्यजीव संघर्ष से बचाव के लिए लगातार जागरूक किया जा रहा है। उन्होंने ग्रामीणों से तालाब, जलभराव वाले स्थानों और पानी से भरे गड्ढों के आसपास से निकलते समय सावधानी बरतने की अपील की। संवाद
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रात करीब 10 बजे परिवार के लोग सोने की तैयारी कर रहे थे। बच्चे बरामदे में जमीन पर बैठे थे। अचानक बरामदे में मगरमच्छ दिखाई देने से परिवार में चीख-पुकार मच गई। शोर सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। प्रधान पंकज सरदार समेत ग्रामीणों ने सावधानी बरतते हुए मगरमच्छ को जाल में कैद कर वन विभाग के अधिकारी को सूचना दी। करीब दो घंटे बाद पहुंची वन विभाग की टीम ने मगरमच्छ को पिंजरे में बंद कर कब्जे में ले लिया। बाद में उसे सुरक्षित ले जाकर देवहा नदी में छोड़ दिया।
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उप क्षेत्रीय वन अधिकारी शेर सिंह ने बताया कि लगातार बारिश से तालाब और आसपास के क्षेत्रों में पानी बढ़ गया। इसी कारण मगरमच्छ पानी से निकलकर खेतों के रास्ते आबादी तक पहुंच गया। उन्होंने बताया कि बारिश के बाद गन्ने की फसल भी बड़ी हो गई है। जंगल से सटे गांवों में वन विभाग की ओर से ग्रामीणों को मानव- वन्यजीव संघर्ष से बचाव के लिए लगातार जागरूक किया जा रहा है। उन्होंने ग्रामीणों से तालाब, जलभराव वाले स्थानों और पानी से भरे गड्ढों के आसपास से निकलते समय सावधानी बरतने की अपील की। संवाद
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