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गजरौला फार्म के पास दिखा बाघ, दहशत
Updated Sun, 13 May 2018 07:04 PM IST
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गजरौला फार्म के पास दिखा बाघ, दहशत
क्रासर...
रास्ते पर मिले पगचिह्न, नहीं पहुंचे वनकर्मी
क्रासर
लगातार तीन दिनों से इसी इलाके में जारी है बाघ की चहलकदमी
अमर उजाला ब्यूरो
अमरिया (पीलीभीत)। पूर्व ब्लॉक प्रमुख श्रवण दत्त सिंह के फार्म हाउस के पास एक बार फिर बाघ ने अपनी मौजूदगी का अहसास कराया। यहां न सिर्फ बाघ के पगचिह्न मिले, बल्कि शनिवार रात को बाघ दिखाई भी दिया। जिससे गांव में दहशत का माहौल है। उधर सूचना देने के बाद भी वनकर्मी मौके पर नहीं पहुंचे। जिससे ग्रामीणों में रोष है।
तहसील क्षेत्र के गांव गजरौला में पूर्व ब्लॉक प्रमुख श्रवण दत्त सिंह के फार्म हाउस की तरफ जाने वाले मार्ग पर लगातार तीन दिन से बाघ की चहलकदमी का पता लग रहा है। जिससे फार्म हाउस पर काम करने वाले मजदूरों को बाघ का डर बना हुआ है। शनिवार रात बाघ फार्म हाउस के करीब तक पहुंच गया। कुत्तों के भौंकने पर फार्म हाउस पर मौजूद ठाकुर अर्जुन दत्त सिंह का कहना है कि उन्होंने बाघ को देखा। शोर होने पर बाघ वापस निकल गया। इसकी सूचना रात में ही वन विभाग के अधिकारियों को दी गई, लेकिन कोई नहीं पहुंचा। अर्जुन दत्त सिंह ने बताया इस समय गन्ने में सिंचाई का कार्य चल रहा है। खेतों में बाघ की चहलकदमी से मजदूर काम करने में घबरा रहे हैं। निगरानी को लगाए गए वनकर्मी महीने में मात्र एक या दो बार घूमकर औपचारिकता निभाकर चले जाते है। इसका कोई स्थायी समाधान नहीं हो रहा है। ग्रामीण बाघ की दहशत में जिंदगी गुजारने को मजबूर हैं। इसका असर खेती पर भी पड़ रहा है।
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रास्ते पर मिले पगचिह्न, नहीं पहुंचे वनकर्मी
क्रासर
लगातार तीन दिनों से इसी इलाके में जारी है बाघ की चहलकदमी
अमर उजाला ब्यूरो
अमरिया (पीलीभीत)। पूर्व ब्लॉक प्रमुख श्रवण दत्त सिंह के फार्म हाउस के पास एक बार फिर बाघ ने अपनी मौजूदगी का अहसास कराया। यहां न सिर्फ बाघ के पगचिह्न मिले, बल्कि शनिवार रात को बाघ दिखाई भी दिया। जिससे गांव में दहशत का माहौल है। उधर सूचना देने के बाद भी वनकर्मी मौके पर नहीं पहुंचे। जिससे ग्रामीणों में रोष है।
तहसील क्षेत्र के गांव गजरौला में पूर्व ब्लॉक प्रमुख श्रवण दत्त सिंह के फार्म हाउस की तरफ जाने वाले मार्ग पर लगातार तीन दिन से बाघ की चहलकदमी का पता लग रहा है। जिससे फार्म हाउस पर काम करने वाले मजदूरों को बाघ का डर बना हुआ है। शनिवार रात बाघ फार्म हाउस के करीब तक पहुंच गया। कुत्तों के भौंकने पर फार्म हाउस पर मौजूद ठाकुर अर्जुन दत्त सिंह का कहना है कि उन्होंने बाघ को देखा। शोर होने पर बाघ वापस निकल गया। इसकी सूचना रात में ही वन विभाग के अधिकारियों को दी गई, लेकिन कोई नहीं पहुंचा। अर्जुन दत्त सिंह ने बताया इस समय गन्ने में सिंचाई का कार्य चल रहा है। खेतों में बाघ की चहलकदमी से मजदूर काम करने में घबरा रहे हैं। निगरानी को लगाए गए वनकर्मी महीने में मात्र एक या दो बार घूमकर औपचारिकता निभाकर चले जाते है। इसका कोई स्थायी समाधान नहीं हो रहा है। ग्रामीण बाघ की दहशत में जिंदगी गुजारने को मजबूर हैं। इसका असर खेती पर भी पड़ रहा है।
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