करवा चौथ से दो दिन पहले ही किसान जबर सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई। यह सिर्फ हत्याकांड ही नहीं बल्कि एलानिया कत्ल है, क्योंकि कुछ दिन पहले ही किसान को फोन करके जान से मारने की धमकी दी गई थी। पीड़ित मामले को लेकर थाने तक पहुंचा था लेकिन, पुलिस ने केवल मुचलका पाबंद की कार्रवाई करते हुए मामले में इतिश्री कर ली थी।
वहीं, इस हत्याकांड को लेकर पुलिस अधीक्षक नीरज जादौन ने कार्रवाई कर दी है। बताया गया कि थाना प्रभारी और हलका इंचार्ज पर गाज गिरी है। पुलिस अधीक्षक ने दोनों को निलंबित कर दिया है। उधर, पुलिस अधिकारी सभी बिंदुओं की गहनता से जांच कर रहे हैं।
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बिजनौर में हत्या के बाद जांच करती पुलिस।
- फोटो : अमर उजाला
बिजनौर में नहटौर के खजूरा जट गांव के रहने वाले जबर सिंह की रविवार को खेत में काम करते हुए गोली मार कर हत्या कर दी गई। बताया गया कि लगभग छह माह पूर्व अमरपाल व जबर सिंह का परिवार किसी शादी समारोह में शिरकत करने गये थे। जहां अमरपाल के सात-आठ वर्षीय पुत्र ने किसी की बाइक के हॉर्न स्पीकर तोड़कर जबर सिंह की बाइक में रख दिए थे।
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हत्या के बाद जांच करती पुलिस।
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घर आने पर पता चलने पर जबर सिंह ने बच्चे को यह कहते हुए डांट दिया था कि तुने मेरी बाइक में स्पीकर चुराकर क्यों रखे। जिस पर दोनों पक्षों में विवाद हो गया था। वहीं, विवाद बढ़ने के बाद अमरपाल ने अपने अन्य भाइयों के साथ मिलकर जबर सिंह व उसके परिजनों को पीट दिया था। जिसका मामला न्यायालय में विचाराधीन है।
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बिजनौर में हत्या के बाद जांच करती पुलिस।
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इसके बाद से चचेरे-तहेरों में दरार पड़ गई थी। जिसके बाद से जबर सिंह का बड़ा भाई गजेपाल जो ट्रक ड्राइवर था, बाहर रहने लगा था। बताया जाता है कि अमरपाल सरकारी तालाब पाटकर मकान बना रखा है। जिसकी शिकायत जबर सिंह उच्चाधिकारियों से करता रहता था। जिससे उन्हें अपने मकानों के ध्वस्तिकरण का डर था।
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हत्या के बाद जांच करती पुलिस।
- फोटो : amar ujala
परिजनों ने बताया कि 13 अक्तूबर को मृतक को तहेरे भाइयों से फोन पर जान से मारने की धमकी मिली थी। जिस पर मृतक ने जान का खतरा बताते हुए थाने में तहरीर दी थी। मामले में पुलिस ने मुचलका पाबंद की कार्रवाई की।