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परिवहन निगम की शर्तों पर उठ रहे विरोधी सुर
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
Updated Fri, 30 Dec 2016 12:50 AM IST
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उत्तर प्रदेश परिवहन
- फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर
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आंदोलनों और धरनों के बाद रोडवेज संविदा चालक-परिचालकों की उम्मीद पूरी हुई है, लेकिन शासन ने वेतन लेने के लिए कड़ी शर्तें रखी हैं। इन शर्तों को लेकर रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद में विरोध के सुर उठने लगे हैं। हालांकि फिलहाल डिपो में चालक-परिचालकों को रिकार्ड खंगाला जा रहा है।
परिवहन निगम ने शासनादेश जारी कर संविदा चालक-परिचालकों को नव वर्ष का तोहफा दिया है। इनको वेतन भुगतान 17 हजार रुपये देने को हरी झंडी दी गई है। शासन ने योजना में कई शर्तें रखी हैं, जिनको पूरा करने वाले चालक-परिचालक ही लाभ उठा सकेंगे। शासनादेश में साफ है कि ऐसे चालक-परिचालक जो पांच साल की सेवा दे चुके हैं और वित्तीय वर्ष में 300 दिनों की ड्यूटी पूरी कर चुके हों। इसके अलावा भी महीने में 24 दिन की नौकरी और कस से कम छह हजार किलोमीटर बस को चला चुके हैं।
78 हजार किलोमीटर बस का ऐवरेज होगा। उन्हीं चालक-परिचालक को योजना का लाभ मिल सकता है। निगम की इन शर्तों पर रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद में आक्रोश बन गया है। संगठन के महामंत्री अनुज त्यागी ने बताया कि आदेश से कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन हर माह छह हजार किमी बस चलाना अनिवार्य करना गलत है।
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इसके अलावा भी कई चीजों पर आपत्ति है। इसको लेकर आरएम समेत निगम के अधिकारियों से मिला जाएगा। उधर, संविदा चालक-परिचालक प्रोत्साहन योजना के लिए डिपो में चालक-परिचालकों का रिकार्ड खंगालने के साथ सूची तैयार की जा रही है। एआरएम बीपी अग्रवाल ने बताया कि चालक-परिचालकों की सूची बनाए जाने के बाद ही स्थिति साफ होगी। विरोध जैसी कोई बात सामने नहीं आई है।
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परिवहन निगम ने शासनादेश जारी कर संविदा चालक-परिचालकों को नव वर्ष का तोहफा दिया है। इनको वेतन भुगतान 17 हजार रुपये देने को हरी झंडी दी गई है। शासन ने योजना में कई शर्तें रखी हैं, जिनको पूरा करने वाले चालक-परिचालक ही लाभ उठा सकेंगे। शासनादेश में साफ है कि ऐसे चालक-परिचालक जो पांच साल की सेवा दे चुके हैं और वित्तीय वर्ष में 300 दिनों की ड्यूटी पूरी कर चुके हों। इसके अलावा भी महीने में 24 दिन की नौकरी और कस से कम छह हजार किलोमीटर बस को चला चुके हैं।
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78 हजार किलोमीटर बस का ऐवरेज होगा। उन्हीं चालक-परिचालक को योजना का लाभ मिल सकता है। निगम की इन शर्तों पर रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद में आक्रोश बन गया है। संगठन के महामंत्री अनुज त्यागी ने बताया कि आदेश से कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन हर माह छह हजार किमी बस चलाना अनिवार्य करना गलत है।
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इसके अलावा भी कई चीजों पर आपत्ति है। इसको लेकर आरएम समेत निगम के अधिकारियों से मिला जाएगा। उधर, संविदा चालक-परिचालक प्रोत्साहन योजना के लिए डिपो में चालक-परिचालकों का रिकार्ड खंगालने के साथ सूची तैयार की जा रही है। एआरएम बीपी अग्रवाल ने बताया कि चालक-परिचालकों की सूची बनाए जाने के बाद ही स्थिति साफ होगी। विरोध जैसी कोई बात सामने नहीं आई है।