तिरंगे को बचाने में मौत: गंगा के तेज बहाव में सोएब के साथ हादसा, दोस्तों ने निकालने का किया था प्रयास; मातम
बलुआ के बड़गावा गांव में गंगा में बह रहे तिरंगे को बचाने उतरे 24 वर्षीय सोएब खान की तेज धारा में डूबने से मौत हो गई। साथियों ने उसे बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाने का प्रयास किया, लेकिन रास्ते में दम तोड़ दिया। सोएब एनडीआरएफ, एसएससी, यूपी पुलिस और यूपीएसआई की तैयारी कर रहा था।
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बलुआ थाना क्षेत्र के बड़गावा गांव में राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान की रक्षा करने के प्रयास में 24 वर्षीय युवक की दर्दनाक मौत हो गई। गंगा के तेज बहाव में बह रहे तिरंगे को सुरक्षित निकालने के लिए युवक पानी में उतर गया, लेकिन तेज धारा और गहराई के कारण संतुलन बिगड़ने से डूब गया। साथियों ने उसे बाहर निकाला, लेकिन अस्पताल ले जाते समय रास्ते में उसकी मौत हो गई।
मृतक सोएब खान सेवानिवृत्त फौजी जुबेर खान का छोटा बेटा था। वह प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा था। एनडीआरएफ, एसएससी, यूपी पुलिस और यूपीएसआई में भर्ती के लिए वह नियमित रूप से शारीरिक प्रशिक्षण और दौड़ करता था। गांव के युवाओं के साथ वह गंगा के रेतीले तट पर रोज सुबह अभ्यास के लिए जाता था।
परिजनों के अनुसार, सोएब 16 अगस्त को अपनी बहन को लेकर घर लौटा था। गांव के युवाओं ने गंगा के रेतीले तट पर तिरंगा फहराया था। शनिवार रात तेज बारिश के बाद गंगा का जलस्तर अचानक बढ़ गया। पानी के तेज बहाव की चपेट में आकर तिरंगा बहने लगा। रविवार 17 अगस्त को सोएब ने तिरंगे को बचाने के लिए गंगा में उतरने का फैसला किया।
सोएब बिना अपनी जान की परवाह किए तेज धारा में चला गया। पानी की गहराई और बहाव के कारण उसका संतुलन बिगड़ गया और वह डूबने लगा। साथ मौजूद रेहान खान और अन्य युवाओं ने उसे बचाने का प्रयास किया। काफी मशक्कत के बाद उसे पानी से बाहर निकाला गया। इसके बाद साथी उसे तत्काल अस्पताल लेकर निकले, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई।
सोएब का परिवार भी देशसेवा से जुड़ा रहा है। उसके पिता सेना से सेवानिवृत्त हैं, जबकि चाचा क्राइम ब्रांच में हवलदार और बड़ा भाई हैदराबाद में सेफ्टी ऑफिसर है। बेटे की मौत की खबर मिलते ही मां, पिता और बहनों का रो-रोकर बुरा हाल है। थानाध्यक्ष संतोष कुमार ने युवक के गंगा में डूबने की सूचना मिलने की पुष्टि की।