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Jabalpur News: प्रदेश के चार जिलों में चिटफंड कंपनी खोलकर 42 करोड़ का घोटाला, सीआईडी की जांच में हुआ खुलासा
Mon, 24 Aug 2026 11:10 PM IST
जबलपुर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
Published by: जबलपुर ब्यूरो
Updated Mon, 24 Aug 2026 11:10 PM IST
सार
मध्य प्रदेश के अशोक नगर, टीकमगढ़, दमोह और विदिशा में फर्जी चिटफंड कंपनियों ने 1,600 निवेशकों से 42 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी की। सीआईडी जांच में 17 राज्यों में 3.51 करोड़ निवेशकों से बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी सामने आई। भोपाल, सिंगरौली और शहडोल मामलों की भी जांच जारी है।
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जबलपुर में बड़े फ्रॉड का खुलासा हुआ है।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
प्रदेश के चार जिलों में फर्जी चिटफंड कंपनी खोलकर 16सौ निवेशकों को 42 करोड़ रुपये से अधिक का चूना लगाया है। सीआईडी ने जांच के दौरान पाया कि आरोपियों ने देश के 17 राज्यों में फर्जी चिटफंड कंपनी खोलकर साढ़े तीन करोड़ निवेशकों को एक खरब पांच अरब से अधिक का चूना लगाया है। जांच में प्रदेश के तीन अन्य जिलों में फर्जी कंपनी खोलकर निवेशकों से करोड़ों रुपये की ठगी करने तथ्य प्रकाश में आए हैं। सीआईडी इस संबंध में जांच कर रही है।
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सीआईडी आईजी राजवर्धन माहेश्वरी के अनुसार प्रदेश के अशोक नगर, टीकमगढ़, दमोह, विदिशा में चिटफंड कंपनी खोलकर निवेश के नाम पर धोखाधड़ी किए जाने के संबंध में जांच की लिए 11 केस डायरी प्राप्त हुई थी। सीआईडी ने जांच के दौरान पाया कि आरोपियों के द्वारा इन जिलों में 1600 निवेशकों से 42 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी गई है। इसके अलावा आरोपियों ने भोपाल, सिंगरौली तथा शहडोल में भी निवेश के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी की है, जिसके संबंध में जांच जारी है।
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ऐसे की जाती थी धोखाधड़ी
आरोपियों द्वारा सोसायटी बनाकर स्थानीय व्यक्तियों को मैनेजर और एजेन्ट नियुक्त किया गया था। वे अधिक ब्याज पर अल्प समय में डबल मनी का प्रलोभन देकर लोगों से राशि निवेश करवाते हैं। सोसायटी के सभी खाते बैंक मैनेजर के नाम पर खोले जाते हैं और राशि निकालकर मुख्य आरोपी समीर अग्रवाल को भेज दी जाती है। सोसायटी का पंजीयन प्रदेश स्तर में नहीं करवाकर केन्द्रीय सहकारी समिति कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय से कराया जाता है। सोसायटी द्वारा आरबीआई से लाइसेंस लिए बिना ही एनबीएफसी का कार्य किया जाता है। इसके अलावा केन्द्रीय रजिस्ट्रार द्वारा निर्धारित शर्तों का उल्लंघन भी किया जाता है।
देश के 17 राज्यों में किया फर्जीवाड़ा
सीआईडी की जांच में यह बात सामने आई है कि आरोपियों द्वारा देश के 17 राज्यों में फर्जी चिटफंड कंपनी खोलकर 3 करोड़ 51 लाख निवेशकों से 1 खबर,5 अरब,12 करोड़ तथा 62 लाख रुपये की ठगी की गई है। आरोपियों के खिलाफ उत्तर प्रदेश, दिल्ली, उत्तराखंड, असम, बिहार, हरियाण, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, ओडिशा,प बंगाल, गुजरात, राजस्थान, महाराष्ट्र, छतीसगढ़, कर्नाटक तथा पंजाब राज्यो में प्रकरण दर्ज हैं। आरोपियों द्वारा इन राज्यो में विभिन्न नाम से दस सोसायटी खोलकर निवेशकों के साथ ठगी की है।
इनके खिलाफ दर्ज हुआ प्रकरण
सीआईडी ने समीर अग्रवाल, सतीक्षण सक्सेना, रवि तिवारी, आलोक कुमार जैन, सूरज रैकवार, सुरेन्द्र पाल, पंकज अग्रवाल, अवनीश अरजरिया, अनुराग तिवारी, अजय तिवारी, सुबोध रावत, जिया लाल राय, सुब्रत जैन, विजय शुक्ला, राहुल यादव तथा सचिन जैन के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया है। आरोपियों की सरगर्मी से तलाश जारी है।
