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Muzaffarnagar News: चौकीदार हत्याकांड में दूसरे आरोपी को हाईकोर्ट से जमानत
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अदालत से :
संवाद न्यूज एजेंसी
चरथावल। स्कूल चौकीदार राजकुमार उर्फ राजू हत्याकांड में हाईकोर्ट से दूसरे आरोपी नितिन उर्फ नीतीश की जमानत मंजूर हो गई है। इससे पूर्व मुख्य आरोपी मोहन को हाईकोर्ट से हत्या एवं पुलिस मुठभेड़ सहित दोनों मामलों में जमानत मिल गई थी।
पुलिस ने हत्याकांड में मुख्य आरोपी मोहन और उसके रिश्तेदार छपार थाना क्षेत्र के गांव तेजलहेड़ा निवासी नितिन उर्फ नीतीश का चालान किया। सत्र न्यायालय से जमानत खारिज होने के बाद नितिन की ओर से उच्च न्यायालय में याचिका दायर की। बचाव पक्ष ने तर्क दिया कि मामले में अज्ञात में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।
बचाव पक्ष ने तर्क दिया कि मामले में परिस्थितिजन्य साक्ष्य के अलावा पुलिस के पास कोई ठोस सबूत नहीं मिला है। अज्ञात में प्राथमिकी दर्ज कराई गई। इस प्रकरण में मुख्य आरोपी किशनपुरा माजरा निवासी मोहन की जमानत उच्च न्यायालय से 11 अगस्त को मोहन की जमानत मंजूर हो चुकी है। आरोपी तीन मई से जिला कारागार में में बंद है और उसका आपराधिक इतिहास नहीं है।
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न्यायमूर्ति समीर जैन ने आरोपी को सशर्त जमानत प्रदान कर दी। हालांकि मुठभेड़ में पुलिस पार्टी पर जानलेवा हमले के मामले नितिन की जमानत याचिका उच्च न्यायालय में लंबित है। इस मामले में राहत मिलने के बाद ही जेल से बाहर आने का रास्ता साफ होगा।
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संवाद न्यूज एजेंसी
चरथावल। स्कूल चौकीदार राजकुमार उर्फ राजू हत्याकांड में हाईकोर्ट से दूसरे आरोपी नितिन उर्फ नीतीश की जमानत मंजूर हो गई है। इससे पूर्व मुख्य आरोपी मोहन को हाईकोर्ट से हत्या एवं पुलिस मुठभेड़ सहित दोनों मामलों में जमानत मिल गई थी।
पुलिस ने हत्याकांड में मुख्य आरोपी मोहन और उसके रिश्तेदार छपार थाना क्षेत्र के गांव तेजलहेड़ा निवासी नितिन उर्फ नीतीश का चालान किया। सत्र न्यायालय से जमानत खारिज होने के बाद नितिन की ओर से उच्च न्यायालय में याचिका दायर की। बचाव पक्ष ने तर्क दिया कि मामले में अज्ञात में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।
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बचाव पक्ष ने तर्क दिया कि मामले में परिस्थितिजन्य साक्ष्य के अलावा पुलिस के पास कोई ठोस सबूत नहीं मिला है। अज्ञात में प्राथमिकी दर्ज कराई गई। इस प्रकरण में मुख्य आरोपी किशनपुरा माजरा निवासी मोहन की जमानत उच्च न्यायालय से 11 अगस्त को मोहन की जमानत मंजूर हो चुकी है। आरोपी तीन मई से जिला कारागार में में बंद है और उसका आपराधिक इतिहास नहीं है।
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न्यायमूर्ति समीर जैन ने आरोपी को सशर्त जमानत प्रदान कर दी। हालांकि मुठभेड़ में पुलिस पार्टी पर जानलेवा हमले के मामले नितिन की जमानत याचिका उच्च न्यायालय में लंबित है। इस मामले में राहत मिलने के बाद ही जेल से बाहर आने का रास्ता साफ होगा।