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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Muzaffarnagar News ›   Shrimad Bhagwat Mahapuran Research Center should be established in Shuktirtha.

Muzaffarnagar News: शुकतीर्थ में स्थापित हो श्रीमद्भागवत महापुराण शोध केंद्र

Mon, 01 Dec 2025 01:01 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, मुजफ्फरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, मुजफ्फरनगर Updated Mon, 01 Dec 2025 01:01 AM IST
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Shrimad Bhagwat Mahapuran Research Center should be established in Shuktirtha.
मोरना/शुकतीर्थ। भागवत पीठ श्री शुकदेव आश्रम में गीता जयंती पर आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी के लिए पहुंचे संस्कृत के विद्वानों ने पीठाधीश्वर स्वामी ओमानंद महाराज से संस्कृत के संवर्धन पर परिचर्चा की। प्रस्ताव रखा कि शुकतीर्थ में श्रीमद्भागवत महापुराण शोध और अध्ययन केंद्र स्थापित किया जाए।
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श्री शुकदेव आश्रम में पधारे संस्कृत विद्वानों, आचार्यों और शोधार्थियों का स्वागत किया गया। सारनाथ वाराणसी से पधारे केंद्रीय तिब्बती विश्व विद्यालय संस्कृत विभाग शब्द विद्या संकाय प्रमुख धर्मदत्त चतुर्वेदी ने कहा कि संस्कृत भाषा को किसी एक वर्ग, जाति व प्रदेश की भाषा नहीं कहा जा सकता है।
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भारतीय शिक्षा पद्धति में संस्कृत को सम्मान जनक स्थान मिलना चाहिए। युवा पीढ़ी को संस्कृत के ज्ञान से ही सनातन धर्म व प्राचीन इतिहास का ज्ञान होगा।
हिंदी संस्कृत महाविद्यालय संत कबीर नगर से आये डॉ. इंद्रेश कुमार पांडेय ने कहा कि वर्तमान समय में केंद्र व राज्य सरकारों और विभिन्न संस्थाओं एवं आश्रमों द्वारा संस्कृत के प्रचार प्रसार व संरक्षण के लिए अनेक कार्य किए जा रहे हैं, लेकिन संस्कृत विद्यालय छात्र समस्या से जूझ रहे हैं।
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राजकीय पीजी काॅलेज,मुहम्मदाबाद गोहाना मऊ के सहायक आचार्य एवं संगोष्ठी संयोजक डॉ चंद्रकांत दत्त शुक्ल ने कहा कि संस्कृत सामाजिक एकता, राष्ट्रभक्ति के साथ ज्ञान-विज्ञान की सर्वप्राचीन भाषा है। संस्कृत शिक्षा हमें अपनी विरासत पर गर्व कराती अमृत भाषा है।

लखनऊ से प्रोफेसर रीता तिवारी, सौरभ तिवारी,प्रयागराज से डॉ तेज प्रकाश, चंदौली से डॉ रविकांत भारद्वाज, वाराणसी से आशीष मणि त्रिपाठी ने विचार रखें। प्रधानाचार्य जीसी उप्रेती ने परिचय प्रस्तुत किया। कथा व्यास अचल कृष्ण शास्त्री, आचार्य अतुल, ठाकुर प्रसाद, दीपक मिश्रा आदि मौजूद रहे। संचालन ट्रस्टी ओमदत्त देव ने किया।
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