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मॉडल यूनाइटेड नेशंस सम्मेलन में छात्र-छात्राओं ने दिखाई दक्षता
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एस डी पब्लिक स्कूल में अंतर विद्यालय मॉडल यूनाइटेड नेशंस सम्मेलन में प्रतिभाग करते विद्यीर्थी।
- फोटो : MUZAFFARNAGAR
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मुजफ्फरनगर। एसडी पब्लिक स्कूल सीनियर विंग में दो दिवसीय अंतर विद्यालय मॉडल यूनाइटेड नेशंस सम्मेलन का आयोजन हुआ। कार्यक्रम में छात्रों की नेतृत्व-क्षमता, सामूहिक कार्य-दक्षता, वाचन-लेखन कौशल, तार्किक बौद्धिक दृष्टिकोण को तराशने एवं तलाशने का प्रयास किया गया। 11 विद्यालयों के करीब 200 छात्र-छात्राएं इसमें शामिल हुए।
शनिवार को शुभारंभ डीएवी कॉलेज के पूर्व विभागाध्यक्ष समाजशास्त्र डा. कलम सिंह ने किया। प्रधानाचार्या चंचल सक्सेना ने मॉडल सम्मेलन की गैर शैक्षणिक गतिविधि के रूप में उपयोगिता को स्पष्ट किया। डा. कलम सिंह ने सभी प्रतिभागियों को प्रेरित करते हुए कहा कि विश्व के समक्ष साइबर अपराध, डेटा सुरक्षा, बौद्धिक सम्पदा अधिकार, संकटग्रस्त क्षेत्रों में मानवाधिकार उल्लंघन समस्या, ऊर्जा के नवीनीकरण प्रमुख विषय है। भावी पीढ़ी को इन सबको गहनता से समझना होगा।
एसडीपीएस मॉडल यूनाइटेड नेशंस सम्मेलन के महासचिव मास्टर पफारान मूनिस ने हैमर-ध्वनि द्वारा सम्मेलन के प्रारम्भ की औपचारिक घोषणा की। प्रतिभागी छात्रों को चार समितियों में विभाजित कर उन्हें सुरक्षा-परिषद, मानवाधिकार आयोग, पर्यावरण कार्यक्रम समिति एवं भारतीय संसद के रूप में संगठित किया गया। सुरक्षा परिषद में साइबर सुरक्षा और कानून मानवाधिकार समिति ने विवादग्रस्त क्षेत्रों में मानवाधिकार उल्लंघन, पर्यावरण समिति ने अक्षय ऊर्जा तक बढ़ती पहुंच को एजेंडा बनाया। भारतीय संसद के रूप में संगठित छात्र प्रतिनिधियों ने आरक्षण एवं कानून और समाज सुधार को विचार अभिव्यक्ति का विषय बनाया। प्रत्येक समिति के छात्र अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष ने भाषण में निर्धारित विषय पर विचार अभिव्यक्त किए। उप प्रधानाचार्य शिवकुमार शर्मा, कुमुद गार्गी, गीता मित्तल, नुपुर गोयल, एफएस खान, पुनीता भंडारी आदि मौजूद रहे।
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शनिवार को शुभारंभ डीएवी कॉलेज के पूर्व विभागाध्यक्ष समाजशास्त्र डा. कलम सिंह ने किया। प्रधानाचार्या चंचल सक्सेना ने मॉडल सम्मेलन की गैर शैक्षणिक गतिविधि के रूप में उपयोगिता को स्पष्ट किया। डा. कलम सिंह ने सभी प्रतिभागियों को प्रेरित करते हुए कहा कि विश्व के समक्ष साइबर अपराध, डेटा सुरक्षा, बौद्धिक सम्पदा अधिकार, संकटग्रस्त क्षेत्रों में मानवाधिकार उल्लंघन समस्या, ऊर्जा के नवीनीकरण प्रमुख विषय है। भावी पीढ़ी को इन सबको गहनता से समझना होगा।
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एसडीपीएस मॉडल यूनाइटेड नेशंस सम्मेलन के महासचिव मास्टर पफारान मूनिस ने हैमर-ध्वनि द्वारा सम्मेलन के प्रारम्भ की औपचारिक घोषणा की। प्रतिभागी छात्रों को चार समितियों में विभाजित कर उन्हें सुरक्षा-परिषद, मानवाधिकार आयोग, पर्यावरण कार्यक्रम समिति एवं भारतीय संसद के रूप में संगठित किया गया। सुरक्षा परिषद में साइबर सुरक्षा और कानून मानवाधिकार समिति ने विवादग्रस्त क्षेत्रों में मानवाधिकार उल्लंघन, पर्यावरण समिति ने अक्षय ऊर्जा तक बढ़ती पहुंच को एजेंडा बनाया। भारतीय संसद के रूप में संगठित छात्र प्रतिनिधियों ने आरक्षण एवं कानून और समाज सुधार को विचार अभिव्यक्ति का विषय बनाया। प्रत्येक समिति के छात्र अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष ने भाषण में निर्धारित विषय पर विचार अभिव्यक्त किए। उप प्रधानाचार्य शिवकुमार शर्मा, कुमुद गार्गी, गीता मित्तल, नुपुर गोयल, एफएस खान, पुनीता भंडारी आदि मौजूद रहे।
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