फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Muzaffarnagar News ›   Rampur Tiraha incident: Eyewitness told in court that the policemen were dragging the agitators to the fields

रामपुर तिराहा कांड: भयावह था मंजर, चश्मदीद की आंखों देखी, आंदोलनकारियों को खेतों में खींच रहे थे पुलिसवाले

Tue, 09 May 2023 06:23 PM IST
कपिल kapil संवाद न्यूज एजेंसी, मुजफ्फरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, मुजफ्फरनगर Published by: कपिल kapil Updated Tue, 09 May 2023 06:23 PM IST
सार

मुजफ्फरनगर रामपुर तिराहा कांड़ : चश्मदीद गवाह उत्थान कुमार ने अदालत में आंखों देखी बयां की। बताया कि पुलिस वाले आंदोलनकारियों को खेतों में खींच रहे थे।

विज्ञापन
Rampur Tiraha incident: Eyewitness told in court that the policemen were dragging the agitators to the fields
अदालत

विस्तार

मुजफ्फरनगर में रामपुर तिराहा कांड में सामूहिक दुष्कर्म, छेड़छाड़ और लूट समेत अन्य गंभीर धाराओं के मुकदमे में सीबीआई ने अदालत में चश्मदीद गवाह उत्थान कुमार को पेश किया। गवाह ने बताया कि पुलिसवाले आंदोलनकारियों को खेतों में खींच रहे थे। अपनी आंखों से सारा हाल देखा। प्रकरण की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या-सात के पीठासीन अधिकारी शक्ति सिंह ने की।

विज्ञापन


मंगलवार को अदालत में रामपुर तिराहा कांड की सुनवाई हुई। शासकीय अधिवक्ता फौजदारी राजीव शर्मा, सहायक शासकीय अधिवक्ता फौजदारी परवेंद्र सिंह और जोगेंद्र गोयल ने बताया कि सीबीआई ने रामपुर तिराहा कांड के चश्मदीद गवाह उत्थान कुमार को पेश किया। वारदात के वक्त करीब 16 साल के रहे उत्थान ने अदालत में आंखों देखी बयान की। यही नहीं सीबीआई के आरोप पत्र का समर्थन किया।
विज्ञापन


इन गवाहों की हो गई मौत
सीबीआई ने अदालत को बताया कि दो गवाह वेदपांडे पहलवान और महेंद्र सिंह की मृत्यु हो चुकी है। दोनों के साक्ष्य उन्मोचित कर दिए गए हैं।

यह भी पढ़ें: Meerut: पति को कहा नपुंसक, तो दिया तीन तलाक, पान में जहर देने का आरोप, सात के खिलाफ मुकदमा

विज्ञापन
विज्ञापन

यह था मामला
एक अक्तूबर, 1994 को अलग राज्य की मांग के लिए देहरादून से बसों में सवार होकर आंदोलनकारी दिल्ली के लिए निकले थे। देर रात रामपुर तिराहा पर पुलिस ने आंदोलनकारियों को रोकने का प्रयास किया। आंदोलनकारी नहीं माने तो पुलिसकर्मियों ने फायरिंग कर दी, जिसमें सात आंदोलनकारियों की मौत हो गई थी। सीबीआई ने मामले की जांच की और पुलिस पार्टी और अधिकारियों पर मुकदमे दर्ज कराए थे। गंभीर धाराओं के सेशल ट्रायल मुकदमों की सुनवाई के लिए हाईकोर्ट ने जिले के अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर सात के पीठासीन अधिकारी शक्ति सिंह को अधिकृत किया है।

यह भी पढ़ें: UP: चार साल से पुलिस को चकमा दे रहा माफिया 'बद्दो', होटल में पुलिस वालों को पार्टी देकर कस्टडी से हुआ था फरार

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed