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Muzaffarnagar News: मुजफ्फरनगर - पूछताछ के दौरान पायल ने नहीं किया सहयोग
Wed, 10 Apr 2024 03:41 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मुजफ्फरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, मुजफ्फरनगर
Updated Wed, 10 Apr 2024 03:41 AM IST
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- पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट में पेश की रिपोर्ट, अब 18 को होगी सुनवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। थाना सिविल लाइन पुलिस ने गैंगस्टर एक्ट के मुकदमे की जांच में माफिया संजीव जीवा की पत्नी पायल माहेश्वरी पर सहयोग न करने का आरोप लगाते हुए अपनी रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की है। अब इस मामले में सुनवाई 18 अप्रैल को होगी।
मंडी के व्यापारी मनीष कुमार ने माफिया संजीव जीवा व उसकी पत्नी पायल माहेश्वरी सहित नौ लोगों के खिलाफ बंधक बनाकर मारपीट, रंगदारी मांगने आदि धाराओं में नई मंडी कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया था। इसी मुकदमे के आधार पर सभी आरोपियों के खिलाफ मंडी कोतवाली में गैंगस्टर एक्ट का मुकदमा दर्ज किया था। फरार रहने के कारण पुलिस ने पायल माहेश्वरी पर 25 हजार का इनाम घोषित कर दिया था। पायल माहेश्वरी गैंगस्टर एक्ट के मुकदमे में गिरफ्तारी से बचने के लिए सुप्रीम कोर्ट की शरण ली थी। वहां से मुकदमे की जांच में पुलिस को सहयोग करने की शर्त पर गिरफ्तारी पर स्टे जारी हुआ था।
पायल को नौ अप्रैल तक का समय दिया गया था। पायल को कई बार थाना सिविल लाइन बुलाया गया। पुलिस के मुताबिक पायल से कई सवालों के जवाब व जानकारी मांगी, लेकिन उसने जानकारी नहीं दी। नौ अप्रैल तक का समय पायल को सुप्रीम कोर्ट ने दिया था। पायल ने पुलिस का कोई सहयोग नहीं किया। इसी के चलते निर्धारित तिथि नौ अप्रैल को थाना पुलिस ने अपनी रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट में पेश की थी, जिसमें लिखा गया कि पायल ने पुलिस का कोई सहयोग नहीं किया है। अब इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में 18 अप्रैल को सुनवाई होगी।
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मुजफ्फरनगर। थाना सिविल लाइन पुलिस ने गैंगस्टर एक्ट के मुकदमे की जांच में माफिया संजीव जीवा की पत्नी पायल माहेश्वरी पर सहयोग न करने का आरोप लगाते हुए अपनी रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की है। अब इस मामले में सुनवाई 18 अप्रैल को होगी।
मंडी के व्यापारी मनीष कुमार ने माफिया संजीव जीवा व उसकी पत्नी पायल माहेश्वरी सहित नौ लोगों के खिलाफ बंधक बनाकर मारपीट, रंगदारी मांगने आदि धाराओं में नई मंडी कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया था। इसी मुकदमे के आधार पर सभी आरोपियों के खिलाफ मंडी कोतवाली में गैंगस्टर एक्ट का मुकदमा दर्ज किया था। फरार रहने के कारण पुलिस ने पायल माहेश्वरी पर 25 हजार का इनाम घोषित कर दिया था। पायल माहेश्वरी गैंगस्टर एक्ट के मुकदमे में गिरफ्तारी से बचने के लिए सुप्रीम कोर्ट की शरण ली थी। वहां से मुकदमे की जांच में पुलिस को सहयोग करने की शर्त पर गिरफ्तारी पर स्टे जारी हुआ था।
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पायल को नौ अप्रैल तक का समय दिया गया था। पायल को कई बार थाना सिविल लाइन बुलाया गया। पुलिस के मुताबिक पायल से कई सवालों के जवाब व जानकारी मांगी, लेकिन उसने जानकारी नहीं दी। नौ अप्रैल तक का समय पायल को सुप्रीम कोर्ट ने दिया था। पायल ने पुलिस का कोई सहयोग नहीं किया। इसी के चलते निर्धारित तिथि नौ अप्रैल को थाना पुलिस ने अपनी रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट में पेश की थी, जिसमें लिखा गया कि पायल ने पुलिस का कोई सहयोग नहीं किया है। अब इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में 18 अप्रैल को सुनवाई होगी।
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