{"_id":"582b57d54f1c1b7b388ff0d6","slug":"gur-mandi-economic-crisis","type":"story","status":"publish","title_hn":"एशिया की सबसे बड़ी मंडी पर आर्थिक संकट ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एशिया की सबसे बड़ी मंडी पर आर्थिक संकट
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
Updated Wed, 16 Nov 2016 12:15 AM IST
विज्ञापन
rupees
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नोटबंदी का असर एशिया की सबसे बड़ी गुड़ मंडी पर भी पड़ रहा है। व्यापारियों को नकदी नहीं मिलने से कोल्हू संचालक भी आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं। किसानों का समय से भुगतान नहीं हो रहा है। ऐसे हालात में अधिक दिन गुड़ उत्पादन करना मुश्किल हो गया है।
गुड़ उत्पादन में मुजफ्फरनगर प्रदेश और देश ही नहीं एशिया में पहला स्थान रखता है। नोट बंदी से एशिया की सबसे बड़ी यह गुड़ मंडी आर्थिक संकट से जूझ रही है। गांवों में कोल्हुओं पर गन्ना डालने वाले किसानों को नोट बंदी के बाद से भुगतान नहीं मिल पा रहा है। कोल्हू संचालक किसानों को नकद भुगतान करते हैं। किसान भी नकद पैसे के लालच में गन्ना कोल्हुओं पर डालता है। कोल्हू संचालक मंडी के व्यापारियों से एडवांस पैसा लेकर गन्ना खरीदते हैं और तैयार गुड़ उन्हें बेचते हैं।
नोट बंदी के बाद से पैसे का आदान-प्रदान पूरी तरह रुक गया है। ऐसे हालात में कोल्हू का संचालन ही मुश्किल हो गया है। किसान नकद पैसा मांग रहा है, कोल्हू संचालकों को व्यापारियों से पैसा मिल नहीं पा रहा है। गुड़ उत्पादन का पूरा सिस्टम थम सा गया है। दी गुड़ खांडसारी मर्चेंट्स एसोसिएशन के मंत्री श्याम सिंह कहते हैं कि यदि व्यापारियों को सरकार के आदेश के अनुसार 50 हजार तक एक साथ निकालने की अनुमति नहीं मिली तो मंडी का पूरा व्यापार प्रभावित हो जाएगा। सरकार को जल्द व्यवस्था करनी चाहिए।
विज्ञापन
प्रभावित हुआ अवैध कारोबार
मुजफ्फरनगर। केंद्र सरकार के फैसले से उन सभी व्यापारों पर प्रभाव पड़ा है तो अवैध रूप से चल रहे थे। गुड़ का अवैध कारोबार भी इससे प्रभावित हुआ है। जिले में जितना गुड़ मंडियों में जाता है, उससे ज्यादा अवैध रूप से बिक्री होता है। केंद्र के फैसले के बाद से अवैध कारोबार भी प्रभावित हो गया है। नंबर एक में पैसा कहां से दें, यह संकट गुड़ माफिया के सामने पैदा हो गया है।
विज्ञापन
गुड़ उत्पादन में मुजफ्फरनगर प्रदेश और देश ही नहीं एशिया में पहला स्थान रखता है। नोट बंदी से एशिया की सबसे बड़ी यह गुड़ मंडी आर्थिक संकट से जूझ रही है। गांवों में कोल्हुओं पर गन्ना डालने वाले किसानों को नोट बंदी के बाद से भुगतान नहीं मिल पा रहा है। कोल्हू संचालक किसानों को नकद भुगतान करते हैं। किसान भी नकद पैसे के लालच में गन्ना कोल्हुओं पर डालता है। कोल्हू संचालक मंडी के व्यापारियों से एडवांस पैसा लेकर गन्ना खरीदते हैं और तैयार गुड़ उन्हें बेचते हैं।
विज्ञापन
नोट बंदी के बाद से पैसे का आदान-प्रदान पूरी तरह रुक गया है। ऐसे हालात में कोल्हू का संचालन ही मुश्किल हो गया है। किसान नकद पैसा मांग रहा है, कोल्हू संचालकों को व्यापारियों से पैसा मिल नहीं पा रहा है। गुड़ उत्पादन का पूरा सिस्टम थम सा गया है। दी गुड़ खांडसारी मर्चेंट्स एसोसिएशन के मंत्री श्याम सिंह कहते हैं कि यदि व्यापारियों को सरकार के आदेश के अनुसार 50 हजार तक एक साथ निकालने की अनुमति नहीं मिली तो मंडी का पूरा व्यापार प्रभावित हो जाएगा। सरकार को जल्द व्यवस्था करनी चाहिए।
विज्ञापन
प्रभावित हुआ अवैध कारोबार
मुजफ्फरनगर। केंद्र सरकार के फैसले से उन सभी व्यापारों पर प्रभाव पड़ा है तो अवैध रूप से चल रहे थे। गुड़ का अवैध कारोबार भी इससे प्रभावित हुआ है। जिले में जितना गुड़ मंडियों में जाता है, उससे ज्यादा अवैध रूप से बिक्री होता है। केंद्र के फैसले के बाद से अवैध कारोबार भी प्रभावित हो गया है। नंबर एक में पैसा कहां से दें, यह संकट गुड़ माफिया के सामने पैदा हो गया है।