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किसानों को 3200 करोड़ रुपये का नुकसान : भाकियू
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मुजफ्फरनगर। भाकियू अराजनैतिक के राष्ट्रीय प्रवक्ता धर्मेंद्र मलिक ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर गन्ने के उत्पादन में लगातार गिरावट पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि वर्तमान सीजन में गन्ना किसानों को 3200 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।
पिछले तीन पेराई सत्रों से उत्तर प्रदेश में गन्ना उत्पादन में कमी आ रही है। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो रही है। मुजफ्फरनगर और बिजनौर जैसे जिलों में ही 1300 करोड़ रुपये से अधिक की क्षति हुई है।
भाकियू ने गन्ने की एकल प्रजाति पर अत्यधिक निर्भरता, कीटों के प्रकोप और विभागों के समन्वय की कमी को गिरावट का मुख्य कारण बताया। मलिक ने वैज्ञानिक कीट प्रबंधन नीति लागू करने और एक उच्च स्तरीय समिति गठित करने की मांग की। उन्होंने जोर दिया कि गन्ना गांव की अर्थव्यवस्था की धड़कन है और इस संकट पर तत्काल हस्तक्षेप आवश्यक है।
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पिछले तीन पेराई सत्रों से उत्तर प्रदेश में गन्ना उत्पादन में कमी आ रही है। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो रही है। मुजफ्फरनगर और बिजनौर जैसे जिलों में ही 1300 करोड़ रुपये से अधिक की क्षति हुई है।
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भाकियू ने गन्ने की एकल प्रजाति पर अत्यधिक निर्भरता, कीटों के प्रकोप और विभागों के समन्वय की कमी को गिरावट का मुख्य कारण बताया। मलिक ने वैज्ञानिक कीट प्रबंधन नीति लागू करने और एक उच्च स्तरीय समिति गठित करने की मांग की। उन्होंने जोर दिया कि गन्ना गांव की अर्थव्यवस्था की धड़कन है और इस संकट पर तत्काल हस्तक्षेप आवश्यक है।
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