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जानसठ में बाईपास बनाने की मांग ने जोर पकड़ा
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जानसठ के गांव तालड़ा में हाईवे बाईपास बनवाने की मांग को आयोजित पंचायत में मौजूद ग्रामीण।
- फोटो : KHATAULI
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जानसठ में बाईपास बनाने की मांग ने जोर पकड़ा
जानसठ (मुजफ्फरनगर)। जानसठ में 709-एडी नेशनल हाईवे पानीपत-खटीमा राष्ट्रीय राजमार्ग के बाईपास को बनवाने की मांग ने फिर से जोर पकड़ लिया है। इस मसले को लेकर हुई पंचायत में ग्रामीणों ने बाईपास का निर्माण किसी भी कीमत पर कराने की हुंकार भरी। पंचायत में संघर्ष समिति का भी गठन किया गया। समिति का अध्यक्ष तालड़ा के पूर्व प्रधान रामबीर पाल को सर्वसम्मति से चुन लिया गया।
गांव तालड़ा में बृहस्पतिवार को गांव वाजिदपुर कव्वाली, नई बस्ती, तालड़ा के ग्रामीणों की पंचायत आयोजित की गई। पंचायत में अनंगपाल राठी ने कहा कि 709-एडी हाईवे बनाने का सरकार ने निर्णय लिया था, जिसमें मुजफ्फरनगर से लेकर मीरापुर तक दो हाईवे बाईपास बनाने की योजना शामिल है, जिसमें सिखेड़ा बाईपास निर्माण की नपाई पूर्ण हो चुकी है, जबकि दूसरा बाईपास गांव कवाल के नाले से लेकर गांव वाजिदपुर कव्वाली व तालड़ा के जंगल से होते हुए गांव सालारपुर तक निर्माण होना था। इसके लिए हाइवे के इंजीनियरों ने गांव वाजिदपुर कव्वाली व तालड़ा गांव के किसानों की भूमि की नपाई करते हुए निशानदेही कर दी थी। इस निशानदेही के बाद से कुछ किसानों ने अपने खेतों में फसलों की बुवाई बंद कर दी थी। किसान अब तक इसी इंतजार में हैं कि बाईपास हाईवे की प्रक्रिया हो सके। उन्होंने कहा कि अभी तक हाईवे बाईपास के निर्माण की प्रक्रिया अधूरी ही पड़ी हुई है। पंचायत में ग्रामीणों ने सरकार से मांग करते हुए कहा कि शीघ्र ही हाईवे बाईपास के निर्माण की प्रक्रिया पूरी की जाए। पूर्व प्रधान रामबीर पाल का कहना था कि जानसठ कस्बे में डिग्री कॉलेज के साथ साथ कई सरकारी व गैरसरकारी स्कूल स्थित हैं। इसके लिए संघर्ष समिति का भी गठन किया गया। पंचायत में पूर्व प्रधान बिजेंद्र सिंह, मनीष ऐरन, हारुन, विनोद पाल, गंगाराम, रमेश, नकुल राठी, शेखर काकरान, नैन सिंह, संदीप ऐरन, सोमपाल सिंह, राजेंद्र सिंह, ऋषिपाल, वेदपाल, तेजपाल सिंह आदि ग्रामीण मौजूद रहे।
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जानसठ (मुजफ्फरनगर)। जानसठ में 709-एडी नेशनल हाईवे पानीपत-खटीमा राष्ट्रीय राजमार्ग के बाईपास को बनवाने की मांग ने फिर से जोर पकड़ लिया है। इस मसले को लेकर हुई पंचायत में ग्रामीणों ने बाईपास का निर्माण किसी भी कीमत पर कराने की हुंकार भरी। पंचायत में संघर्ष समिति का भी गठन किया गया। समिति का अध्यक्ष तालड़ा के पूर्व प्रधान रामबीर पाल को सर्वसम्मति से चुन लिया गया।
गांव तालड़ा में बृहस्पतिवार को गांव वाजिदपुर कव्वाली, नई बस्ती, तालड़ा के ग्रामीणों की पंचायत आयोजित की गई। पंचायत में अनंगपाल राठी ने कहा कि 709-एडी हाईवे बनाने का सरकार ने निर्णय लिया था, जिसमें मुजफ्फरनगर से लेकर मीरापुर तक दो हाईवे बाईपास बनाने की योजना शामिल है, जिसमें सिखेड़ा बाईपास निर्माण की नपाई पूर्ण हो चुकी है, जबकि दूसरा बाईपास गांव कवाल के नाले से लेकर गांव वाजिदपुर कव्वाली व तालड़ा के जंगल से होते हुए गांव सालारपुर तक निर्माण होना था। इसके लिए हाइवे के इंजीनियरों ने गांव वाजिदपुर कव्वाली व तालड़ा गांव के किसानों की भूमि की नपाई करते हुए निशानदेही कर दी थी। इस निशानदेही के बाद से कुछ किसानों ने अपने खेतों में फसलों की बुवाई बंद कर दी थी। किसान अब तक इसी इंतजार में हैं कि बाईपास हाईवे की प्रक्रिया हो सके। उन्होंने कहा कि अभी तक हाईवे बाईपास के निर्माण की प्रक्रिया अधूरी ही पड़ी हुई है। पंचायत में ग्रामीणों ने सरकार से मांग करते हुए कहा कि शीघ्र ही हाईवे बाईपास के निर्माण की प्रक्रिया पूरी की जाए। पूर्व प्रधान रामबीर पाल का कहना था कि जानसठ कस्बे में डिग्री कॉलेज के साथ साथ कई सरकारी व गैरसरकारी स्कूल स्थित हैं। इसके लिए संघर्ष समिति का भी गठन किया गया। पंचायत में पूर्व प्रधान बिजेंद्र सिंह, मनीष ऐरन, हारुन, विनोद पाल, गंगाराम, रमेश, नकुल राठी, शेखर काकरान, नैन सिंह, संदीप ऐरन, सोमपाल सिंह, राजेंद्र सिंह, ऋषिपाल, वेदपाल, तेजपाल सिंह आदि ग्रामीण मौजूद रहे।
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