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सुरक्षा हटते ही ले ली गवाह की जान

Sun, 15 Jan 2017 12:20 AM IST
ब्यूराो /अमर उजाला, मुजफ्फरनगर
ब्यूराो /अमर उजाला, मुजफ्फरनगर Updated Sun, 15 Jan 2017 12:20 AM IST
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Took hold the life of witness protection
- फोटो : demo pic
सिसौली। दिन ढलते ही दुकान पर गोलियों की ऐसी तड़तड़ाहट से अफरातफरी मच गई। जिसे जहां मौका मिला, जान बचाने के लिए छुप गया। ऋषिपाल की दूसरे पक्ष से पुरानी रंजिश चल रही है। इससे पहले भी मृतक पक्ष पर कई बार हमले हो चुके थे। दो वर्ष पूर्व मृतक के भाई की घर में घुसकर हत्या कर दी गई थी। इसके बाद ऋषिपाल को सुरक्षा मिल गई थी। चुनाव के चलते दो दिन पहले ही उसकी सुरक्षा हटाई गई थी। फिलहाल मृतक पक्ष की ओर से किसी को नामजद नहीं  किया गया है।       
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धड़ौंचा मोहल्ले का निवासी ऋषिपाल शाम को खाना खाने के बाद घर से घूमने के इरादे से निकला था। घर के नजदीक ही विपिन लाला की दुकान पर वह बातचीत के लिए रुक गया। उसे यह कतई आभास नहीं था कि हमलावर उसकी ताक में लगे हैं। अचानक पैदल ही चार बदमाश दुकान पर पहुंचे और ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी।
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ऋषिपाल को बचने का मौका नहीं मिला। चार गोलियां लगने के बाद वह मौके पर ही ढेर हो गया। अचानक गोलीबारी से मोहल्ले में भगदड़ मच गई। लोग घरों में दुबक गए और दरवाजे बंद कर लिए। हमले में दुकानदार विपिन को भी गोली लगी है, उसे गंभीर हालत में मेरठ रेफर किया गया है। 
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पुलिस पूरे मामले की तहकीकात में जुटी है। अभी तक जो मामला सामने आया है, उससे वारदात के पीछे पुरानी रंजिश मानी जा रही है। पता चला है कि नगर पंचायत चेयरमैन सुरेंद्र सिंह के भाई प्रदीप की सिसौली में 28 मई 2011 को नाई की दुकान पर सेविंग कराते समय हत्या कर दी गई थी।

  जिसमें पूर्व चेयरमैन यशपाल और उसके दो साथी मनोज एवं भगत को नामजद किया गया था। मामले में ऋषिपाल पुत्र भुल्लन सिंह गवाह था। 17 अगस्त 2014 को ऋषिपाल पर उसके ही घेर में हमला किया गया, जिसमें वह किसी तरह बच गया था। इस मामले की रिपोर्ट मृतक ऋषिपाल के बड़े भाई राजेंद्र ने भौराकलां थाने में दर्ज कराई थी।

रंजिश के चलते दूसरे पक्ष को दोनों भाई खटकने लगे थे। इसी बीच दो माह बाद 29 अक्तूबर 2014 को आरोपियों ने घर में घुसकर राजेंद्र की हत्या कर दी थी। राजेंद्र जानलेवा हमले का वादी था। राजेंद्र की हत्या का वादी ऋषिपाल था। अब तक ऋषिपाल दो वारदातों का गवाह बन चुका था। पुलिस इसे ही हत्या का कारण मान रही है।

चुनाव के चलते पुलिस ने तीन दिन पहले ही उसकी सुरक्षा हटा दी थी। कातिलों को यह मौका बेहतर लगा और उन्होंने उसकी हत्या कर डाली। मृतक पक्ष की ओर से अभी तहरीर नहीं आई है।


रंजिश में सुरेंद्र चेयरमैन पक्ष के लोगों पर लगातार हमले हो रहे हैं। वारदात को लेकर चेयरमैन सुरेंद्र छतरी ने भी पुलिस अफसरों से अपनी जान का खतरा जताया है। एसएसपी ने सुरक्षा व्यवस्था दिलाने का आश्वासन दिया है। कप्तान ने भौराकलां पुलिस के साथ ही क्राइम ब्रांच की टीम को भी घटना के खुलासे के लिए लगाया है। 
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