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Muzaffarnagar News: तीन दशक बना रहा सम्राट...अब उतरने लगे बोर्ड
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डॉ सम्राट उर्फ इरशाद अली खान स्रोत पुलिस
मुजफ्फरनगर। शहर कोतवाली क्षेत्र में सामूहिक दुष्कर्म की साजिश का आरोपी सम्राट पिछले तीन दशक से लोगों को फर्जी नाम से झांसा देता रहा। मेडिकल स्टोर संचालक से गुप्त रोग विशेषज्ञ का नकाब ओढ़कर लोगों को पावर की पुड़िया बांटता रहा। पुलिस का शिकंजा बढ़ते ही अब आरोपी की संस्थाओं से होर्डिंग गायब होने लगे हैं।
नावल्टी चौराहा पर डॉ. सम्राट के नाम से संचालित क्लिनिक का लाइसेंस दो वर्ष पहले निरस्त हो गया था। इसके बाद झोलाछाप ने मेरठ रोड पर नए हॉस्पिटल का निर्माण शुरू कराया गया था, जिस पर मोटे शब्दों में डॉ.सम्राट हॉस्पिटल लिखवाया गया था। एमडीए की ओर से नोटिस जारी करने एवं पुलिस कार्रवाई शुरू होने के बाद वहां से नाम हटवा दिया गया।
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फार्मेसी का लाइसेंस हो चुका रद्द, विज्ञापन पर नोटिस
क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डॉ.इसम पाल ने बताया कि कथित चिकित्सक की ओर से एक आयुर्वेदिक फार्मेसी का संचालन किया जा रहा था। जिसके दुष्प्रचार को लेकर उनकी ओर से जांच की गई थी। करीब दो वर्ष पहले उसका लाइसेंस निरस्त कर दिया गया था। जबकि डेढ़ माह पहले शहर में कई स्थानों पर लगे होर्डिंग में प्रचार की भाषा अशोभनीय होने पर उनकी ओर से नोटिस जारी किया गया था। नाम के साथ एमडी आयुर्वेद लिखने पर भी सवाल खड़ा किया गया था। जिसके जवाब में कथित चिकित्सक ने अपने आपको को संस्था का प्रबंध निदेशक बताते हुए नाम के साथ एमडी लिखने की बात कही थी।
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धोखा ऐसा...200 रुपये देकर होती थी बुकिंग
मेडिकल स्टोर से शुरू किया गया धोखाधड़ी का सफर कई राज्यों तक पहुंचा। फर्जी नाम के साथ आयुर्वेद में एमडी डिग्री दर्शाकर मरीजों को जाल में फंसाया। खुद को आयुर्वेदिक सेक्सोलॉजिस्ट दर्शाने वाला सम्राट तीन दशक से लोगों की धूल झोंकता आ रहा है। करीब 33 वर्ष पहले शहर की राज मार्केट में एक छोटी सी दुकान में क्लिनिक का संचालन शुरू किया गया। नाम के नीचे आयुर्वेद से एमडी लिखकर जगह-जगह पोस्टर और होर्डिंग्स लगवाए गए। फर्जी विज्ञापनों के माध्यम से मरीजों को आकर्षित कर अकूत संपत्ति अर्जित की। इंटर कॉलेज के प्रबंधक सहित शहर में कई हॉस्पिटल स्थापित किए। नए युग में ऑनलाइन प्लेटफॉर्म जस्ट डायल पर 200 रुपये एडवांस लेकर अपॉइंटमेंट दिया जाने लगा। ऑनलाइन ऑर्डर पर ही मरीजों को दवा भी सप्लाई की जा रही थी।
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नावल्टी चौराहा पर डॉ. सम्राट के नाम से संचालित क्लिनिक का लाइसेंस दो वर्ष पहले निरस्त हो गया था। इसके बाद झोलाछाप ने मेरठ रोड पर नए हॉस्पिटल का निर्माण शुरू कराया गया था, जिस पर मोटे शब्दों में डॉ.सम्राट हॉस्पिटल लिखवाया गया था। एमडीए की ओर से नोटिस जारी करने एवं पुलिस कार्रवाई शुरू होने के बाद वहां से नाम हटवा दिया गया।
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फार्मेसी का लाइसेंस हो चुका रद्द, विज्ञापन पर नोटिस
क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डॉ.इसम पाल ने बताया कि कथित चिकित्सक की ओर से एक आयुर्वेदिक फार्मेसी का संचालन किया जा रहा था। जिसके दुष्प्रचार को लेकर उनकी ओर से जांच की गई थी। करीब दो वर्ष पहले उसका लाइसेंस निरस्त कर दिया गया था। जबकि डेढ़ माह पहले शहर में कई स्थानों पर लगे होर्डिंग में प्रचार की भाषा अशोभनीय होने पर उनकी ओर से नोटिस जारी किया गया था। नाम के साथ एमडी आयुर्वेद लिखने पर भी सवाल खड़ा किया गया था। जिसके जवाब में कथित चिकित्सक ने अपने आपको को संस्था का प्रबंध निदेशक बताते हुए नाम के साथ एमडी लिखने की बात कही थी।
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धोखा ऐसा...200 रुपये देकर होती थी बुकिंग
मेडिकल स्टोर से शुरू किया गया धोखाधड़ी का सफर कई राज्यों तक पहुंचा। फर्जी नाम के साथ आयुर्वेद में एमडी डिग्री दर्शाकर मरीजों को जाल में फंसाया। खुद को आयुर्वेदिक सेक्सोलॉजिस्ट दर्शाने वाला सम्राट तीन दशक से लोगों की धूल झोंकता आ रहा है। करीब 33 वर्ष पहले शहर की राज मार्केट में एक छोटी सी दुकान में क्लिनिक का संचालन शुरू किया गया। नाम के नीचे आयुर्वेद से एमडी लिखकर जगह-जगह पोस्टर और होर्डिंग्स लगवाए गए। फर्जी विज्ञापनों के माध्यम से मरीजों को आकर्षित कर अकूत संपत्ति अर्जित की। इंटर कॉलेज के प्रबंधक सहित शहर में कई हॉस्पिटल स्थापित किए। नए युग में ऑनलाइन प्लेटफॉर्म जस्ट डायल पर 200 रुपये एडवांस लेकर अपॉइंटमेंट दिया जाने लगा। ऑनलाइन ऑर्डर पर ही मरीजों को दवा भी सप्लाई की जा रही थी।

डॉ सम्राट उर्फ इरशाद अली खान स्रोत पुलिस