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ढाबे पर गोलियां बरसाकर तीन की हत्या
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
Updated Fri, 05 Aug 2016 01:14 AM IST
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मुजफ्फरनगर में तीन हत्याओं के बाद मौके पर पहुंचे आईजी सुजीत पांडेय।
- फोटो : अमर उजाला
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शहर कोतवाली के खालापार में देर रात पैसों के लेनदेन को लेकर हुए विवाद में ढाबे के मालिक ने दोनों हाथों से पिस्टल से अंधाधुंध गोलियां बरसा दीं, जिसमें छह लोग लहूलुहान होकर गिर पड़े। आरोपी गोलियां चलाता हुआ फरार हो गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायलों को जिला चिकित्सालय भिजवाया, जहां से चिंताजनक हालत में चार को मेरठ रेफर कर दिया गया।
तीन लोगों की रास्ते में ही मौत हो गई। दरोगा की कोठी के पास दोनों पक्षों में जबरदस्त तनाव है। बाद में डीएम डीके सिंह भी अस्पताल पहुंचे और मामले की जानकारी ली। मामले की गंभीरता को देखते हुए डीआईजी रेंज और आईजी जोन सुजीत पांडेय भी मुजफ्फरनगर पहुंच गए।
खालापार में दरोगा की कोठी के पास रहने वाले रसीद के लड़के वसीम और हाजी इस्लाम पक्ष के बीच करीब दो साल से पैसों के लेनदेन को लेकर विवाद चल रहा है। बृहस्पतिवार को दोनों पक्षों में लेनदेन को लेकर कई बार वार्ता हुई, लेकिन कोई हल नहीं निकल पाया। शाम सवा नौ बजे हाजी इस्लाम, बेटा डा. गुलशेर, भाई अख्तर, शमशेर, नसीम, अकरम आदि होकर वसीम के खालापार स्थित ढाबे पर पहुंचे और उससे विवाद को निपटाने के लिए कहा।
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बात होते होते विवाद की स्थिति बन गई। बात बढकर हाथापाई तक पहुंच गई। आरोप है कि इसी दौरान वसीम ने अपने पास से दो पिस्टल निकालकर फैसले के लिए आए लोगों पर दोनों हाथों से गोलियां बरसानी शुरू कर दी। हाजी इस्लाम, गुलशेर, शमशेर, अख्तर, नसीम और अकरम मौके पर ही लहूलुहान होकर गिर गए। वसीम गोलियों की बौछार करते हुए मौके से फरार हो गया। सूचना पर पुलिस में हड़कंप मच गया। शहर कोतवाल चमन सिंह चावड़ा भारी फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे और घायलों को जिला चिकित्सालय भिजवाया, जहां से गंभीर हालत के चलते चार घायलों को मेरठ के लिए रेफर कर दिया गया,
मेरठ पहुंचते पहुंचते गुलशेर, हाजी इस्लाम और अख्तर की मौत हो गई। घटनास्थल दरोगा की कोठी के आसपास दोनों पक्षों के लोगों में जबरदस्त तनाव व्याप्त हो गया। कप्तान दीपक कुमार मौके पर भारी फोर्स लेकर पहुंचे और पीड़ित परिवार के लोगों को समझाने का प्रयास किया। बाद में डीएम डीके सिंह भी दलबल के साथ जिला अस्पताल पहुंचे और घायलों से पूछताछ की। ऐहतियात के तौर पर खालापार में पुलिस फोर्स तैनात किया गया है।
देर रात डीआईजी और आईजी ने भी मुजफ्फरनगर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। रात में ही खालापार में घरों में तलाशी अभियान चलाया गया। किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पुलिस तैनात कर दी गई है। वसीम का अपराधिक इतिहास बताया जा रहा है। बिजनौर में राज्य मंत्री चितरंजन स्वरूप के मुनीम से हुई लूट में भी वसीम का नाम सामने आया था।
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तीन लोगों की रास्ते में ही मौत हो गई। दरोगा की कोठी के पास दोनों पक्षों में जबरदस्त तनाव है। बाद में डीएम डीके सिंह भी अस्पताल पहुंचे और मामले की जानकारी ली। मामले की गंभीरता को देखते हुए डीआईजी रेंज और आईजी जोन सुजीत पांडेय भी मुजफ्फरनगर पहुंच गए।
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खालापार में दरोगा की कोठी के पास रहने वाले रसीद के लड़के वसीम और हाजी इस्लाम पक्ष के बीच करीब दो साल से पैसों के लेनदेन को लेकर विवाद चल रहा है। बृहस्पतिवार को दोनों पक्षों में लेनदेन को लेकर कई बार वार्ता हुई, लेकिन कोई हल नहीं निकल पाया। शाम सवा नौ बजे हाजी इस्लाम, बेटा डा. गुलशेर, भाई अख्तर, शमशेर, नसीम, अकरम आदि होकर वसीम के खालापार स्थित ढाबे पर पहुंचे और उससे विवाद को निपटाने के लिए कहा।
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बात होते होते विवाद की स्थिति बन गई। बात बढकर हाथापाई तक पहुंच गई। आरोप है कि इसी दौरान वसीम ने अपने पास से दो पिस्टल निकालकर फैसले के लिए आए लोगों पर दोनों हाथों से गोलियां बरसानी शुरू कर दी। हाजी इस्लाम, गुलशेर, शमशेर, अख्तर, नसीम और अकरम मौके पर ही लहूलुहान होकर गिर गए। वसीम गोलियों की बौछार करते हुए मौके से फरार हो गया। सूचना पर पुलिस में हड़कंप मच गया। शहर कोतवाल चमन सिंह चावड़ा भारी फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे और घायलों को जिला चिकित्सालय भिजवाया, जहां से गंभीर हालत के चलते चार घायलों को मेरठ के लिए रेफर कर दिया गया,
मेरठ पहुंचते पहुंचते गुलशेर, हाजी इस्लाम और अख्तर की मौत हो गई। घटनास्थल दरोगा की कोठी के आसपास दोनों पक्षों के लोगों में जबरदस्त तनाव व्याप्त हो गया। कप्तान दीपक कुमार मौके पर भारी फोर्स लेकर पहुंचे और पीड़ित परिवार के लोगों को समझाने का प्रयास किया। बाद में डीएम डीके सिंह भी दलबल के साथ जिला अस्पताल पहुंचे और घायलों से पूछताछ की। ऐहतियात के तौर पर खालापार में पुलिस फोर्स तैनात किया गया है।
देर रात डीआईजी और आईजी ने भी मुजफ्फरनगर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। रात में ही खालापार में घरों में तलाशी अभियान चलाया गया। किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पुलिस तैनात कर दी गई है। वसीम का अपराधिक इतिहास बताया जा रहा है। बिजनौर में राज्य मंत्री चितरंजन स्वरूप के मुनीम से हुई लूट में भी वसीम का नाम सामने आया था।