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महिला के गुनहगार के खिलाफ दी गई तहरीर
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
Updated Sat, 05 Nov 2016 12:12 AM IST
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नवजात बच्ची के साथ अर्धविक्षिप्त महिला।
- फोटो : अमर उजाला
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जिला अस्पताल में बेटी को जन्म देने वाली अर्द्धविक्षिप्त महिला को न्याय दिलाने के लिए सामाजिक संस्था लोक आस्था आगे आई है। संस्था की ओर से एसएसपी बबलू कुमार को तहरीर दी गई है। अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई करने की मांग की गई है।
एसएसपी को सुनील कुमार वर्मा की ओर से दी गई तहरीर में कहा गया है कि शहर के आरटीओ ऑफिस एवं रामपुरम कालोनी के निकट पिछले दस माह से बेसहारा महिला को इधर-उधर घूमते देखा जाता था। उसके सिर और शरीर पर आई गहरी चोटों से प्रतीत होता है कि उसके परिवार या फिर अन्य किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा उसके साथ दुष्कर्म किया गया, जिसके चलते वह गर्भवती हो गई।
रामपुरम कालोनी के सुनील एवं लोक आस्था के कार्यकर्ताओं ने उसे जिला महिला चिकित्सालय पहुंचाया। 30 अक्तूबर से अस्पताल में ही उसकी देखरेख आर्य वृद्ध महिला आश्रम शुक्रताल एवं लोक आस्था से जुड़े लोग कर रहे हैं। दो नवंबर को अस्पताल में ही उसने एक बेटी को जन्म दिया। अपने शरीर पर आई गंभीर चोटों से वह अपना मानसिक संतुलन खो बैठी है।
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उसकी स्थिति को देखकर लगता है कि वह शादीशुदा महिला है। वह घरेलू हिंसा की शिकार भी लगती है। दिन-रात सड़कों पर आश्रित महिला को बेसहारा समझकर दुष्कर्म किया गया, जिससे वह गर्भवती हो गई। मानवता को झकझोर देने वाले इस प्रकरण में मुकदमा दर्ज कर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
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एसएसपी को सुनील कुमार वर्मा की ओर से दी गई तहरीर में कहा गया है कि शहर के आरटीओ ऑफिस एवं रामपुरम कालोनी के निकट पिछले दस माह से बेसहारा महिला को इधर-उधर घूमते देखा जाता था। उसके सिर और शरीर पर आई गहरी चोटों से प्रतीत होता है कि उसके परिवार या फिर अन्य किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा उसके साथ दुष्कर्म किया गया, जिसके चलते वह गर्भवती हो गई।
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रामपुरम कालोनी के सुनील एवं लोक आस्था के कार्यकर्ताओं ने उसे जिला महिला चिकित्सालय पहुंचाया। 30 अक्तूबर से अस्पताल में ही उसकी देखरेख आर्य वृद्ध महिला आश्रम शुक्रताल एवं लोक आस्था से जुड़े लोग कर रहे हैं। दो नवंबर को अस्पताल में ही उसने एक बेटी को जन्म दिया। अपने शरीर पर आई गंभीर चोटों से वह अपना मानसिक संतुलन खो बैठी है।
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उसकी स्थिति को देखकर लगता है कि वह शादीशुदा महिला है। वह घरेलू हिंसा की शिकार भी लगती है। दिन-रात सड़कों पर आश्रित महिला को बेसहारा समझकर दुष्कर्म किया गया, जिससे वह गर्भवती हो गई। मानवता को झकझोर देने वाले इस प्रकरण में मुकदमा दर्ज कर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।