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दलित किशोरी को अगवा कर सामूहिक दुष्कर्म  

Wed, 04 Jul 2018 12:31 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/मुजफ्फरनगर
ब्यूरो, अमर उजाला/मुजफ्फरनगर Updated Wed, 04 Jul 2018 12:31 AM IST
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Dalit girl gang rape in Muzaffarnagar
gang rape
दलित किशोरी को अगवा कर चार युवकों ने उसे बंधक बनाकर तीन दिन तक उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। रेलवे स्टेशन पर नशे की हालत में मिली किशोरी ने रविवार को हालत में सुधार होने पर परिजनों को आपबीती सुनाई। इस पर परिजन पीड़िता को लेकर थाने पहुंचे।
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पुलिस ने किशोरी को थाने में रोककर परिजनों को टरकाकर भेज दिया। इसके बाद से ही परिजन कार्रवाई की मांग को लेकर थाने व अफसरों के चक्कर काट रहे हैं। पुलिस  तीन दिन से किशोरी को अवैध रूप से हिरासत में रखने के बावजूद न तो उसका मेडिकल कराया, न बयान दर्ज कराए। इस घटना की अभी तक रिपोर्ट भी दर्ज नहीं की गई है।
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शहर के एक मोहल्ला निवासी 13 वर्षीय दलित किशोरी मां की मौत के बाद अपनी नानी के घर एक गांव में रह रही है। 26 जून को किशोरी अपने पिता के घर आने के लिए नानी के यहां से चली, लेकिन बीच राह में संदिग्ध हालात में लापता हो गई।
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परिजनों ने हरसंभव तलाश के बावजूद किशोरी का सुराग नहीं लगने पर नई मंडी कोतवाली में उसकी गुमशुदगी दर्ज कराते हुए अनहोनी की आशंका जताई थी। 29 जून को किशोरी नशे की हालत में रेलवे स्टेशन पर मिली, जहां से पुलिस ने शनाख्त करने के बाद उसे परिजनों के सुपुर्द कर दिया।

उसकी हालत काफी खराब थी। इसके तीन दिन बाद रविवार को किशोरी ने हालत में सुधार होने पर नानी को अपने साथ हुई हैवानियत के बारे में जानकारी दी। किशोरी ने परिजनों को बताया कि अपने घर पहुंचने से पहले ही उसे चार युवकों ने एक कार में डालकर अगवा कर लिया, जिसके बाद नशा देकर उसे अज्ञात स्थान पर रखते हुए लगातार तीन दिन तक सामूहिक दुष्कर्म किया।

हैवानियत के बाद आरोपियों ने किशोरी को रेलवे स्टेशन पर नशे की हालत में छोड़ दिया। किशोरी की आपबीती जानकर पीड़ित परिजन उसे रविवार को ही लेकर शहर कोतवाली पहुंचे और घटना की जानकारी दी। परिजनों के अनुसार पुलिस ने किशोरी को थाने में रखकर परिजनों को घर भेज दिया। आरोप है कि पुलिस ने अब तक न तो पीड़ित किशोरी का मेडिकल कराना मुनासिब समझा और न ही एफआईआर दर्ज कर उसके बयान कराए।

उल्टे पीड़िता को अवैध हिरासत में रखते हुए उस पर बयान बदलने का दबाव डाला जा रहा है। वहीं, पीड़ित परिजन कार्रवाई के लिए रविवार से ही थाने के साथ ही अफसरों के भी चक्कर काट रहे हैं। इस मामले में इंस्पेक्टर कोतवाली अनिल कपरवान ने बताया कि मामला संदिग्ध लग रहा है। आरोपियों के साथ पीड़ित पक्ष का पुराना विवाद चल रहा है। पीड़िता द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच की जा रही है, जिसके बाद कार्रवाई की जाएगी। 

खौफ में परिजनों ने छुड़वा दिया स्कूल
मुजफ्फरनगर। अगवा कर सामूहिक दुष्कर्म की शिकार हुई दलित किशोरी के साथ आरोपी काफी समय से छेड़छाड़ करते चले आ रहे थे। अक्तूबर 2017 में भी स्कूल से लौटते समय आरोपियों ने किशोरी के साथ छेड़छाड़ करते हुए उसे अगवा करने का प्रयास किया था, जिसकी तहरीर दिए जाने के बावजूद पुलिस ने कोई कार्रवाई नहंी की थी। नतीजतन खौफजदा परिजनों ने किशोरी की पढ़ाई छुड़वा दी।

शहर के एक मोहल्ला निवासी दलित किशोरी करीब तीन साल से एक गांव में अपनी नानी की यहां रह रही है। वह नई मंडी के एक इंटर कॉलेज में कक्षा छह की छात्रा थी। पीड़ित परिजनों का आरोप है किलंबे से समय से आरोपी किशोरी पर बुरी नजर रखे हुए थे, जिसके चलते वे रोजाना घर से स्कूल आते-जाते समय उसके साथ छेड़छाड़ व अश्लील हरकतें करते थे।

आरोप है कि 27 अक्तूबर 2017 को स्कूल से लौटते समय आरोपियों ने किशोरी के साथ नई मंडी क्षेत्र में छेड़छाड़ व अश्लील हरकतें की थी। विरोध करने पर आरोपियों ने उस समय भी किशोरी को अगवा करने का प्रयास किया था, लेकिन शोर मचाने पर लोग पहुंचे तो आरोपी धमकी देकर फरार हो गए थे।

परिजनों के मुताबिक उस समय नई मंडी थाने में घटना की तहरीर दी गई थी, लेकिन पुलिस ने मामले में कोई कार्रवाई नहीं की। इसके चलते आरोपी किशोरी के घर के चक्कर काटते हुए उसे उठा ले जाने की धमकियां देने लगे, जिसके खौफ से

परिजनों ने किशोरी का स्कूल छुड़वा दिया था।

मां की मौत के बाद नानी के घर चली गई थी किशोरी
मुजफ्फरनगर। हैवानियत का शिकार हुई दलित किशोरी के पिता नई मंडी क्षेत्र में पल्लेदारी करते हैं। पीड़िता अपने पांच भाई-बहनों में सबसे बड़ी है। करीब तीन साल पूर्व किशोरी की मां की आकस्मिक मौत हो गई थी, जिसके चलते देखभाल के लिए नानी किशोरी को अपने साथ ले गई, जबकि अन्य चार भाई-बहन पिता के साथ ही रहते थे। वहीं रहकर किशोरी पढ़ाई जारी रखे हुए थी, लेकिन अक्टूबर में हुई घटना के बाद भयभीत परिजनों ने उसका स्कूल छुड़वा लिया था। 
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