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Mathura News: 896 बदमाशों का यक्ष ऐप पर अपलोड होगा आपराधिक इतिहास
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वृंदावन। अपराध की रोकथाम और अपराधियों पर नकेल कसने के लिए पुलिस ने विशेष सत्यापन अभियान शुरू किया है। एसएसपी के निर्देश पर पुलिस टीम अपराधियों के घर-घर पहुंचकर दस्तक दे रही है। डीजीपी के ड्रीम प्रोजेक्ट ''''यक्ष ऐप'''' के तहत सभी चिन्हित अपराधियों की फोटो, वर्तमान स्थिति और गतिविधियों की जानकारी ऑनलाइन अपलोड की जा रही है।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, नगर क्षेत्र में कुल 896 अपराधी दर्ज हैं, जिनमें से 45 अपराधी लूट और छिनैती जैसी वारदातों में शामिल हैं। अभियान के तहत अशांति फैलाने वाले तत्वों से लेकर हार्डकोर क्रिमिनल, मादक पदार्थों की तस्करी करने वालों और नए काम-धंधे से जुड़े पूर्व अपराधियों का ब्योरा जुटाया जा रहा है। यक्ष ऐप पर अपराधी का फोटो, मूल व वर्तमान पता, पारिवारिक विवरण और संपर्क नंबर दर्ज किया जा रहा है, ताकि भविष्य में किसी भी वारदात के दौरान एक क्लिक में अपराधी की पहचान की जा सके। इसके अलावा, अन्य राज्यों से आकर अपराध करने वाले शातिरों का डेटा भी ऑनलाइन अपलोड कर संबंधित राज्यों की पुलिस के साथ साझा किया जाएगा।
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अशांति फैलाने वाले असामाजिक तत्वों से लेकर हार्डकोर क्रिमिनल्स तक का सत्यापन किया जा रहा है। यक्ष एप में डेटा दर्ज होने से अपराधियों की पहचान और उनकी पूरी जानकारी एक क्लिक में मिल सकेगी। इस कार्य के लिए चौकी स्तर पर 25 बीट बनाकर लगभग 75 पुलिसकर्मियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
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— वरुण मिश्रा, सीओ सदर
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पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, नगर क्षेत्र में कुल 896 अपराधी दर्ज हैं, जिनमें से 45 अपराधी लूट और छिनैती जैसी वारदातों में शामिल हैं। अभियान के तहत अशांति फैलाने वाले तत्वों से लेकर हार्डकोर क्रिमिनल, मादक पदार्थों की तस्करी करने वालों और नए काम-धंधे से जुड़े पूर्व अपराधियों का ब्योरा जुटाया जा रहा है। यक्ष ऐप पर अपराधी का फोटो, मूल व वर्तमान पता, पारिवारिक विवरण और संपर्क नंबर दर्ज किया जा रहा है, ताकि भविष्य में किसी भी वारदात के दौरान एक क्लिक में अपराधी की पहचान की जा सके। इसके अलावा, अन्य राज्यों से आकर अपराध करने वाले शातिरों का डेटा भी ऑनलाइन अपलोड कर संबंधित राज्यों की पुलिस के साथ साझा किया जाएगा।
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अशांति फैलाने वाले असामाजिक तत्वों से लेकर हार्डकोर क्रिमिनल्स तक का सत्यापन किया जा रहा है। यक्ष एप में डेटा दर्ज होने से अपराधियों की पहचान और उनकी पूरी जानकारी एक क्लिक में मिल सकेगी। इस कार्य के लिए चौकी स्तर पर 25 बीट बनाकर लगभग 75 पुलिसकर्मियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
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— वरुण मिश्रा, सीओ सदर