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मलीरा पहुंचे भीम आर्मी व बसपा के नेता
Updated Sat, 13 Oct 2018 11:55 PM IST
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मलीरा गांव छावनी में तब्दील
मुजफ्फरनगर। शहर कोतवाली क्षेत्र के गांव मलीरा में हादसे में युवक की मौत के बाद हुए बवाल के बाद पुलिस शनिवार को भी पूरे दिन पूरी तरह सतर्क रही। शनिवार सुबह पीड़ित परिवार को सांत्वना देने के लिए भीम आर्मी व बसपा के साथ ही कई दलित संगठनों के कार्यकर्ता भी मलीरा में पहुंचे, जिसकी सूचना मिलने पर अफसरों ने गांव में पहुंचकर उन्हें कोई भी मीटिंग नहीं होने दी। इसके साथ ही गांव को भी पूरी तरह से छावनी में तब्दील करते हुए बाहरी लोगों का पीड़ित परिवार के घर या आसपास की दलित बस्ती में जमावड़ा भी नहीं होने दिया गया। इस दौरान पूर्व बसपा विधायक अनिल कुमार भी गांव में पहुंचे, लेकिन उन्हें भी पीड़ित परिवार से मिलने के बाद अधिक देर गांव में रुकने नहीं दिया गया।
कड़ी सुरक्षा में किया गया शव का अंतिम संस्कार
मुजफ्फरनगर। मलीरा हादसे में मारे गए दलित युवक जोशन पुत्र धनुष का अफसरों के निर्देश पर शनिवार दोपहर ही पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। शव गांव में पहुंचने से पहले ही एहतियातन गांव में भारी फोर्स व पीएसी तैनात कर दी गई। किसी भी तरह के हंगामे की गुंजाइश को खत्म करने के लिए महिला पुलिसकर्मियों की भी गांव में तैनाती की गई। शव पहुंचने के बाद कड़ी सुरक्षा में उसे गांव के श्मशान घाट ले जाकर अंतिम संस्कार कर दिया गया।
छह-सात युवकों की देन रहा बवाल
मुजफ्फरनगर। गांव मलीरा में हादसे के बाद हुए बवाल के पीछे नशे में धुत छह-सात युवकों का हाथ रहा। सूत्रों के अनुसार पुलिस जांच में सामने आया है कि हादसे के बाद मौके पर पहुंचने वाले लोगों में छह-सात दलित युवक भी थे, जो नशे की हालत में थे। सबसे पहले इन युवकों ने ही उत्पात शुरू करते हुए डायल-100 को दौड़ाया, जिसके बाद इन्होंने ही वाहनों में तोड़फोड़ शुरू की। जांच में आया है कि गांव के कुछ लोगों ने इन युवकों को रोकने का भी प्रयास किया, लेकिन नशे की हालत में युवकों ने किसी की नहीं सुनी। इंस्पेक्टर अनिल कपरवान का कहना है कि जांच में छह-सात नशेड़ी युवकों द्वारा ही उत्पात शुरू करने की बात सामने आ रही है, जिन्हें चिह्नित किया जा रहा है।
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मुजफ्फरनगर। शहर कोतवाली क्षेत्र के गांव मलीरा में हादसे में युवक की मौत के बाद हुए बवाल के बाद पुलिस शनिवार को भी पूरे दिन पूरी तरह सतर्क रही। शनिवार सुबह पीड़ित परिवार को सांत्वना देने के लिए भीम आर्मी व बसपा के साथ ही कई दलित संगठनों के कार्यकर्ता भी मलीरा में पहुंचे, जिसकी सूचना मिलने पर अफसरों ने गांव में पहुंचकर उन्हें कोई भी मीटिंग नहीं होने दी। इसके साथ ही गांव को भी पूरी तरह से छावनी में तब्दील करते हुए बाहरी लोगों का पीड़ित परिवार के घर या आसपास की दलित बस्ती में जमावड़ा भी नहीं होने दिया गया। इस दौरान पूर्व बसपा विधायक अनिल कुमार भी गांव में पहुंचे, लेकिन उन्हें भी पीड़ित परिवार से मिलने के बाद अधिक देर गांव में रुकने नहीं दिया गया।
कड़ी सुरक्षा में किया गया शव का अंतिम संस्कार
मुजफ्फरनगर। मलीरा हादसे में मारे गए दलित युवक जोशन पुत्र धनुष का अफसरों के निर्देश पर शनिवार दोपहर ही पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। शव गांव में पहुंचने से पहले ही एहतियातन गांव में भारी फोर्स व पीएसी तैनात कर दी गई। किसी भी तरह के हंगामे की गुंजाइश को खत्म करने के लिए महिला पुलिसकर्मियों की भी गांव में तैनाती की गई। शव पहुंचने के बाद कड़ी सुरक्षा में उसे गांव के श्मशान घाट ले जाकर अंतिम संस्कार कर दिया गया।
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छह-सात युवकों की देन रहा बवाल
मुजफ्फरनगर। गांव मलीरा में हादसे के बाद हुए बवाल के पीछे नशे में धुत छह-सात युवकों का हाथ रहा। सूत्रों के अनुसार पुलिस जांच में सामने आया है कि हादसे के बाद मौके पर पहुंचने वाले लोगों में छह-सात दलित युवक भी थे, जो नशे की हालत में थे। सबसे पहले इन युवकों ने ही उत्पात शुरू करते हुए डायल-100 को दौड़ाया, जिसके बाद इन्होंने ही वाहनों में तोड़फोड़ शुरू की। जांच में आया है कि गांव के कुछ लोगों ने इन युवकों को रोकने का भी प्रयास किया, लेकिन नशे की हालत में युवकों ने किसी की नहीं सुनी। इंस्पेक्टर अनिल कपरवान का कहना है कि जांच में छह-सात नशेड़ी युवकों द्वारा ही उत्पात शुरू करने की बात सामने आ रही है, जिन्हें चिह्नित किया जा रहा है।
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