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शहर में खूब बिक रहा नशे का सामान
Updated Thu, 22 Feb 2018 12:13 AM IST
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नशे की गिरफ्त में बचपन, भविष्य से खिलवाड़
मुजफ्फरनगर। शहर में नशे का कारोबार खूब फल-फूल रहा है। नशे की लत में बचपन से लेकर युवा तक घिरे हैं। जीआईसी ग्राउंड और नुमाइश मैदान इन करतूतों को साफ जाहिर कर रहे हैं। इसके अलावा भी शहरभर में फूड सप्लीमेंट की आड़ में अवैध धंधा चल रहा है। नशे के सौदागर अपने लाभ के लिए युवा पीढ़ी को गहरी खाई में धकेल रहे हैं। नगर के साथ देहात में भी यह पैर पसार रहा है। इन पर कार्रवाई पर ड्रग्स विभाग आंखें मूंदे हुए हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने स्कूल-कॉलेजों के निकट पान-मसाला, गुटखा तक की ब्रिकी पर रोक लगा रखी है, मगर जनपद के हालात खराब हैं। यहां स्कूलों के आसपास मैदानों में खुलकर नशा का खेल चल रहा है। नशे का यह साजो-सामान युवाओं, नाबालिग लड़कों के हाथ में आसानी से उपलब्ध है। इसकी कोई रोकटोक नहीं है। मंगलवार को जीआईसी के मैदान का नजारा काफी चौंकाने वाला मिला। चहारदीवारी की जड़ में शराब की बोतलों के साथ अन्य नशे का सामान पड़ा है। यहां युवक रोजाना इस खेल को अंजाम देते हैं। बोनफिक्स, मैक्सो बांड और सुलेशन का नशा खूब हो रहा है। कपड़े में इसकी बूंदों की दुर्गंध को सांस खींचकर इसका नशा किया जा रहा है। गांजा, शराब का नशा तो रग-रग में बह रहा है। खांसी की दवा, दर्द निवारक गोलियों के नशा के रूप में उपयोग किया जा रहा है।
दिन ढलते ही बिकता है नशा
मुजफ्फरनगर। शहरभर में सैकड़ों मेडिकल स्टोर खुले हैं, जिन पर दिन ढलते ही नशे का व्यापार खुलकर हो रहा है। प्रतिबंधित दवाओं के साथ नशे की टैबलेट, कैप्सूल बिकते हैं। शहरभर में प्रतिबंधित नशे के इंजेक्शन, कैप्सूल धड़ल्ले से बिक रहे हैं। इन पर कार्रवाई के बजाए ड्रग विभाग चुप्पी साधे हुए हैं। इन दवाओं की ब्रिकी कर दवा विक्रेता लोगों की सेहत से खिलवाड़ कर रहे हैं।
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स्कूली छात्र भी लगा रहे कश
मुजफ्फरनगर। शहर में छात्रों के अलावा कूड़ा बीनने वाले किशोर भी नशे की गिरफ्त में हैं, जो पंचर लगाने वाली सिलोचन, कैप्सूल आदि से नशा करते हैं। जीआईसी ग्राउंड में आसपास के स्कूलों की ड्रेस में छात्र भी सिगरेट में चरस, गांजा भरकर कश लगाते दिख जाते हैं। इन किशोरों और छात्रों को नशे का सामान उपलब्ध कराने का खेल चल रहा है। इस पर कार्रवाई के लिए पुलिस-प्रशासन आंखें मूंदे हुए है।
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इन्होंने कहा...
खाद्य वस्तुओं में प्रतिबंधित दवाओं का असर मिला है। इसकी लैब से पुष्टि कराई जा रही है। नशीली दवाओं की बिक्री की रोकथाम के लिए ड्रग्स इंस्पेक्टर के साथ मिलकर अभियान चलाया जाएगा। आरोपियों को पकड़कर कार्रवाई होगी।
-विनीत कुमार, डीओ, एफएसडीए मुजफ्फरनगर।
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मुजफ्फरनगर। शहर में नशे का कारोबार खूब फल-फूल रहा है। नशे की लत में बचपन से लेकर युवा तक घिरे हैं। जीआईसी ग्राउंड और नुमाइश मैदान इन करतूतों को साफ जाहिर कर रहे हैं। इसके अलावा भी शहरभर में फूड सप्लीमेंट की आड़ में अवैध धंधा चल रहा है। नशे के सौदागर अपने लाभ के लिए युवा पीढ़ी को गहरी खाई में धकेल रहे हैं। नगर के साथ देहात में भी यह पैर पसार रहा है। इन पर कार्रवाई पर ड्रग्स विभाग आंखें मूंदे हुए हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने स्कूल-कॉलेजों के निकट पान-मसाला, गुटखा तक की ब्रिकी पर रोक लगा रखी है, मगर जनपद के हालात खराब हैं। यहां स्कूलों के आसपास मैदानों में खुलकर नशा का खेल चल रहा है। नशे का यह साजो-सामान युवाओं, नाबालिग लड़कों के हाथ में आसानी से उपलब्ध है। इसकी कोई रोकटोक नहीं है। मंगलवार को जीआईसी के मैदान का नजारा काफी चौंकाने वाला मिला। चहारदीवारी की जड़ में शराब की बोतलों के साथ अन्य नशे का सामान पड़ा है। यहां युवक रोजाना इस खेल को अंजाम देते हैं। बोनफिक्स, मैक्सो बांड और सुलेशन का नशा खूब हो रहा है। कपड़े में इसकी बूंदों की दुर्गंध को सांस खींचकर इसका नशा किया जा रहा है। गांजा, शराब का नशा तो रग-रग में बह रहा है। खांसी की दवा, दर्द निवारक गोलियों के नशा के रूप में उपयोग किया जा रहा है।
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दिन ढलते ही बिकता है नशा
मुजफ्फरनगर। शहरभर में सैकड़ों मेडिकल स्टोर खुले हैं, जिन पर दिन ढलते ही नशे का व्यापार खुलकर हो रहा है। प्रतिबंधित दवाओं के साथ नशे की टैबलेट, कैप्सूल बिकते हैं। शहरभर में प्रतिबंधित नशे के इंजेक्शन, कैप्सूल धड़ल्ले से बिक रहे हैं। इन पर कार्रवाई के बजाए ड्रग विभाग चुप्पी साधे हुए हैं। इन दवाओं की ब्रिकी कर दवा विक्रेता लोगों की सेहत से खिलवाड़ कर रहे हैं।
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स्कूली छात्र भी लगा रहे कश
मुजफ्फरनगर। शहर में छात्रों के अलावा कूड़ा बीनने वाले किशोर भी नशे की गिरफ्त में हैं, जो पंचर लगाने वाली सिलोचन, कैप्सूल आदि से नशा करते हैं। जीआईसी ग्राउंड में आसपास के स्कूलों की ड्रेस में छात्र भी सिगरेट में चरस, गांजा भरकर कश लगाते दिख जाते हैं। इन किशोरों और छात्रों को नशे का सामान उपलब्ध कराने का खेल चल रहा है। इस पर कार्रवाई के लिए पुलिस-प्रशासन आंखें मूंदे हुए है।
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इन्होंने कहा...
खाद्य वस्तुओं में प्रतिबंधित दवाओं का असर मिला है। इसकी लैब से पुष्टि कराई जा रही है। नशीली दवाओं की बिक्री की रोकथाम के लिए ड्रग्स इंस्पेक्टर के साथ मिलकर अभियान चलाया जाएगा। आरोपियों को पकड़कर कार्रवाई होगी।
-विनीत कुमार, डीओ, एफएसडीए मुजफ्फरनगर।