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खतरे में है जिले की आधी आबादी
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जिले की आधी आबादी में असुरक्षा की भावना
मुजफ्फरनगर। चुनावी मौसम में जिले की आधी आबादी खतरे में नजर आ रही है। पिछले एक पखवाड़े से जिले में लगातार महिलाओं की आबरू पर हमले हो रहे हैं। पांच साल की मासूम से लेकर 80 साल की वृद्धा तक से आरोपियों ने अपनी हवस का शिकार बनाया। हद यह कि कानून व्यवस्था की जिम्मेदार खाकी चुनाव का हवाला देते हुए कार्रवाई के बजाय अपना बचाव करने में लगी है।
जनपद में पिछले एक पखवाड़े से कानून व्यवस्था की स्थिति लगातार खराब हो रही है। विशेषकर महिलाओं से जुड़े अपराधों की स्थिति को देखें तो हालात बद से बदतर नजर आ रहे हैं। जनपद पुलिस लोकसभा चुनाव के इंतजाम में लगे होने का हवाला दे रही है, जबकि मुस्तैद एंटी रोमियो स्क्वॉड भी कहीं फाइलों में गुम हो चुका है। पिछले एक पखवाड़े में हुए महिला संबंधी अपराधों की ही बात करें तो मोरना क्षेत्र से पांच साल की बच्ची को अगवा कर उसके साथ मीरापुर थाना क्षेत्र के गांव कैथोड़ा के जंगल में दुष्कर्म किया गया तो जानसठ में मेले से पांच साल की बच्ची को अगवा कर उसके साथ दुष्कर्म की हैवानियत को अंजाम दिया गया। खाकी की लापरवाही का आलम यह कि उक्त दोनों वारदातों में पुलिस अब तक आरोपियों को पकड़ना तो दूर, उन्हें चिह्नित तक नहीं कर पाई है। वहीं, शहर क्षेत्र में भी छात्रा को अगवा कर तीन दिन तक दिल्ली में बंधक बनाकर उसके साथ हैवानियत को अंजाम दिया गया, जिसका आरोपी नामजद होने के बावजूद अब तक पुलिस की पकड़ से दूर है, तो अब बुढ़ाना में 80 साल की वृद्धा के साथ दुष्कर्म और उसकी हत्या के प्रयास का मानवता को शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आ गया है। गनीमत यह कि शर्मनाक वारदात को अंजाम देने वाला आरोपी मौके पर ही पकड़ लिया गया, अन्यथा पुलिस यहां भी आरोपी को तलाश करते हुए ही लंबा अरसा गुजार देती और उधर वृद्धा अपने जीवन के अंतिम समय को शर्मिंदगी और अनचाहे गुनाह को याद कर गुजार देती।
छेड़छाड़ में भी समझौते का इंतजार
मुजफ्फरनगर। महिला अपराध से जुड़े मामलों में जनपद पुलिस की मानसिकता का आलम इसी से समझा जा सकता है कि एक दिन पूर्व ही जिस महिला ने छेड़छाड़ से आहत होकर जहर खाकर जान देने का प्रयास किया, उस मामले में भी पुलिस कार्रवाई के बजाय समझौता होने का इंतजार कर रही है। दबाव बढ़ने पर पुलिस ने केवल एक आरोपी को गिरफ्तार किया और मामला एक ही समुुदाय का होने का हवाला देते हुए आगे की कार्रवाई में हीलाहवाली की जा रही है।
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खाकी की लापरवाही से गई थी युवती की जान
मुजफ्फरनगर। महिला अपराधों को लेकर जनपद पुलिस कितनी गंभीर है, इसका खुलासा करीब एक माह पूर्व मंसूरपुर क्षेत्र में हुई घटना से भी समझा जा सकता है। दरअसल, प्रेमी संग एक रेस्टोरेंट में खाना खाने के लिए गई युवती के साथ हाईवे पर दूसरे समुदाय के युवकों ने छेड़छाड़ की थी, जिसकी युवती ने हिम्मत दिखाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई, लेकिन खाकी दुर्भाग्यपूर्ण तरीके से उसकी पहचान गोपनीय नहीं रख पाई। इसका नतीजा यह हुआ कि युवती के भाई ने मामले को इज्जत से जोड़ते हुए एक हफ्ते बाद ही युवती का बेरहमी से कत्ल कर दिया।
एसपी देहात आलोक शर्मा का कहना है कि महिला अपराध से जुड़े मामलों में त्वरित कार्रवाई की जा रही है। बच्चियों से दुष्कर्म के मामलों में आरोपियों की तलाश की जा रही है, वहीं अन्य मामलों को भी प्राथमिकता के आधार पर निष्पादित किया जाता है।
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मुजफ्फरनगर। चुनावी मौसम में जिले की आधी आबादी खतरे में नजर आ रही है। पिछले एक पखवाड़े से जिले में लगातार महिलाओं की आबरू पर हमले हो रहे हैं। पांच साल की मासूम से लेकर 80 साल की वृद्धा तक से आरोपियों ने अपनी हवस का शिकार बनाया। हद यह कि कानून व्यवस्था की जिम्मेदार खाकी चुनाव का हवाला देते हुए कार्रवाई के बजाय अपना बचाव करने में लगी है।
जनपद में पिछले एक पखवाड़े से कानून व्यवस्था की स्थिति लगातार खराब हो रही है। विशेषकर महिलाओं से जुड़े अपराधों की स्थिति को देखें तो हालात बद से बदतर नजर आ रहे हैं। जनपद पुलिस लोकसभा चुनाव के इंतजाम में लगे होने का हवाला दे रही है, जबकि मुस्तैद एंटी रोमियो स्क्वॉड भी कहीं फाइलों में गुम हो चुका है। पिछले एक पखवाड़े में हुए महिला संबंधी अपराधों की ही बात करें तो मोरना क्षेत्र से पांच साल की बच्ची को अगवा कर उसके साथ मीरापुर थाना क्षेत्र के गांव कैथोड़ा के जंगल में दुष्कर्म किया गया तो जानसठ में मेले से पांच साल की बच्ची को अगवा कर उसके साथ दुष्कर्म की हैवानियत को अंजाम दिया गया। खाकी की लापरवाही का आलम यह कि उक्त दोनों वारदातों में पुलिस अब तक आरोपियों को पकड़ना तो दूर, उन्हें चिह्नित तक नहीं कर पाई है। वहीं, शहर क्षेत्र में भी छात्रा को अगवा कर तीन दिन तक दिल्ली में बंधक बनाकर उसके साथ हैवानियत को अंजाम दिया गया, जिसका आरोपी नामजद होने के बावजूद अब तक पुलिस की पकड़ से दूर है, तो अब बुढ़ाना में 80 साल की वृद्धा के साथ दुष्कर्म और उसकी हत्या के प्रयास का मानवता को शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आ गया है। गनीमत यह कि शर्मनाक वारदात को अंजाम देने वाला आरोपी मौके पर ही पकड़ लिया गया, अन्यथा पुलिस यहां भी आरोपी को तलाश करते हुए ही लंबा अरसा गुजार देती और उधर वृद्धा अपने जीवन के अंतिम समय को शर्मिंदगी और अनचाहे गुनाह को याद कर गुजार देती।
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छेड़छाड़ में भी समझौते का इंतजार
मुजफ्फरनगर। महिला अपराध से जुड़े मामलों में जनपद पुलिस की मानसिकता का आलम इसी से समझा जा सकता है कि एक दिन पूर्व ही जिस महिला ने छेड़छाड़ से आहत होकर जहर खाकर जान देने का प्रयास किया, उस मामले में भी पुलिस कार्रवाई के बजाय समझौता होने का इंतजार कर रही है। दबाव बढ़ने पर पुलिस ने केवल एक आरोपी को गिरफ्तार किया और मामला एक ही समुुदाय का होने का हवाला देते हुए आगे की कार्रवाई में हीलाहवाली की जा रही है।
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खाकी की लापरवाही से गई थी युवती की जान
मुजफ्फरनगर। महिला अपराधों को लेकर जनपद पुलिस कितनी गंभीर है, इसका खुलासा करीब एक माह पूर्व मंसूरपुर क्षेत्र में हुई घटना से भी समझा जा सकता है। दरअसल, प्रेमी संग एक रेस्टोरेंट में खाना खाने के लिए गई युवती के साथ हाईवे पर दूसरे समुदाय के युवकों ने छेड़छाड़ की थी, जिसकी युवती ने हिम्मत दिखाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई, लेकिन खाकी दुर्भाग्यपूर्ण तरीके से उसकी पहचान गोपनीय नहीं रख पाई। इसका नतीजा यह हुआ कि युवती के भाई ने मामले को इज्जत से जोड़ते हुए एक हफ्ते बाद ही युवती का बेरहमी से कत्ल कर दिया।
एसपी देहात आलोक शर्मा का कहना है कि महिला अपराध से जुड़े मामलों में त्वरित कार्रवाई की जा रही है। बच्चियों से दुष्कर्म के मामलों में आरोपियों की तलाश की जा रही है, वहीं अन्य मामलों को भी प्राथमिकता के आधार पर निष्पादित किया जाता है।