{"_id":"5cfd57dcbdec22076100d68d","slug":"156010696413-muzaffarnagar-news48","type":"story","status":"publish","title_hn":"मीरापुर में लचर कानून व्यवस्था से अपराधी बेखौफ","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम","slug":"crime"}}
मीरापुर में लचर कानून व्यवस्था से अपराधी बेखौफ
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मीरापुर में लचर कानून व्यवस्था से अपराधी बेखौफ
मुजफ्फरनगर। मीरापुर पुलिस की लचर कार्यप्रणाली से कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। पुलिस की बेपरवाही का आलम यह है कि पिछले बीस दिन में तीन बड़ी वारदातें मीरापुर क्षेत्र में हो चुकीं हैं, जिन्हें रोकना तो छोड़ दीजिए, पुलिस इन घटनाओं में शामिल आरोपियों को गिरफ्तार करने तक में पूरी तरह विफल रही है। वह भी तब, जबकि अधिकांश आरोपी नामजद किए गए हैं।
20 मई को दिल्ली-पौड़ी राजमार्ग स्थित बीआईटी कैंपस में स्थित आयुर्वेदिक कॉलेज में कई गाड़ियों में पहुंचे 20 से अधिक हमलावरों ने छात्र-छात्राओं पर हमला कर दिया था। बीआईटी कैंपस से कुछ ही दूरी पर चेकपोस्ट होने के बावजूद हमलावर पुलिस से इतने बेखौफ थे कि करीब आधा घंटे तक सामने आने वाले छात्र-छात्राओं के साथ जमकर मारपीट की गई, जिसमें कई छात्र-छात्राएं घायल हुए। मामले में संस्थान के डिप्टी रजिस्ट्रार मुकुल जैन द्वारा रोहित व विकास पाल निवासीगण नगीना, विवेक पाल व विपिन निवासीगण गांव कासमपुर खोला, सुंदरम निवासी चंपारण बिहार और शिवम भवानी निवासी छींपीवाला मेरठ को नामजद करते हुए 15-20 अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई। थाना पुलिस गंभीर घटना के 20 दिन बाद भी केवल विकास पाल व रोहित समेत तीन आरेपियों को ही गिरफ्तार कर सकी है। अन्य सभी आरोपी आज भी खुलेआम घूम रहे हैं।
20 मई को ही गांव रसूलपुर गढ़ी से सजातीय युवक-युवती प्रेम-प्रसंग के चलते फरार हो गए थे। युवती के परिजनों ने प्रेमी के खिलाफ अपहरण की तहरीर दी, लेकिन पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की। इसके दो दिन बाद प्रेमी युगल को बरामद कर लिया गया, जिसके बाद युवती को महिला थाने भेजकर युवक को हिरासत में रखा गया, लेकिन न तो रिपोर्ट दर्ज की गई और न ही कोई अन्य कार्रवाई हुई। इससे युवती पक्ष में आक्रोश पनप गया और 22 मई की सुबह प्रेमी पक्ष के दो घरों में आगजनी कर दी गई। प्रेमी पक्ष की तहरीर पर चार महिलाओं समेत दस लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई, लेकिन इसके बावजूद थाना पुलिस का रवैया लचर रहा और हिरासत में ली गई आरोपी पक्ष की चार महिलाओं को थाने लाकर छोड़ दिया गया। इस मामले में भी पुलिस इसके बाद अब तक केवल युवती के पिता को ही गिरफ्तार कर पाई है, अन्य सभी आरोपी खुले घूम रहे हैं। कानून व्यवस्था का मखौल उड़ाने वाली तीसरी वारदात आठ जून को हुई, जब मोहल्ला कमलियान में वारंट तालीम कराने पहुंचे दरोगा व सिपाही पर ही हमला कर दिया गया। बेखौफ शरारती तत्वों ने हाथापाई करते हुए सिपाही की वर्दी के साथ ही वारंट तक छीनकर फाड़ दिए गए। इस मामले में भी पुलिस 24 घंटे से अधिक समय बीतने के बावजूद केवल एक आरोपी को ही गिरफ्तार कर पाई है।
विज्ञापन
इन्होंने कहा ........
इंस्पेक्टर मीरापुर पंकज त्यागी का कहना है कि बीआईटी प्रकरण में तीन और रसूलपुर मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया जा चुका है। अन्य आरोपियों की तलाश में लगातार दबिशें दी जा रहीं हैं। वहीं, कमलियान में हुए हमले में भी एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है।
विज्ञापन
मुजफ्फरनगर। मीरापुर पुलिस की लचर कार्यप्रणाली से कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। पुलिस की बेपरवाही का आलम यह है कि पिछले बीस दिन में तीन बड़ी वारदातें मीरापुर क्षेत्र में हो चुकीं हैं, जिन्हें रोकना तो छोड़ दीजिए, पुलिस इन घटनाओं में शामिल आरोपियों को गिरफ्तार करने तक में पूरी तरह विफल रही है। वह भी तब, जबकि अधिकांश आरोपी नामजद किए गए हैं।
20 मई को दिल्ली-पौड़ी राजमार्ग स्थित बीआईटी कैंपस में स्थित आयुर्वेदिक कॉलेज में कई गाड़ियों में पहुंचे 20 से अधिक हमलावरों ने छात्र-छात्राओं पर हमला कर दिया था। बीआईटी कैंपस से कुछ ही दूरी पर चेकपोस्ट होने के बावजूद हमलावर पुलिस से इतने बेखौफ थे कि करीब आधा घंटे तक सामने आने वाले छात्र-छात्राओं के साथ जमकर मारपीट की गई, जिसमें कई छात्र-छात्राएं घायल हुए। मामले में संस्थान के डिप्टी रजिस्ट्रार मुकुल जैन द्वारा रोहित व विकास पाल निवासीगण नगीना, विवेक पाल व विपिन निवासीगण गांव कासमपुर खोला, सुंदरम निवासी चंपारण बिहार और शिवम भवानी निवासी छींपीवाला मेरठ को नामजद करते हुए 15-20 अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई। थाना पुलिस गंभीर घटना के 20 दिन बाद भी केवल विकास पाल व रोहित समेत तीन आरेपियों को ही गिरफ्तार कर सकी है। अन्य सभी आरोपी आज भी खुलेआम घूम रहे हैं।
विज्ञापन
20 मई को ही गांव रसूलपुर गढ़ी से सजातीय युवक-युवती प्रेम-प्रसंग के चलते फरार हो गए थे। युवती के परिजनों ने प्रेमी के खिलाफ अपहरण की तहरीर दी, लेकिन पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की। इसके दो दिन बाद प्रेमी युगल को बरामद कर लिया गया, जिसके बाद युवती को महिला थाने भेजकर युवक को हिरासत में रखा गया, लेकिन न तो रिपोर्ट दर्ज की गई और न ही कोई अन्य कार्रवाई हुई। इससे युवती पक्ष में आक्रोश पनप गया और 22 मई की सुबह प्रेमी पक्ष के दो घरों में आगजनी कर दी गई। प्रेमी पक्ष की तहरीर पर चार महिलाओं समेत दस लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई, लेकिन इसके बावजूद थाना पुलिस का रवैया लचर रहा और हिरासत में ली गई आरोपी पक्ष की चार महिलाओं को थाने लाकर छोड़ दिया गया। इस मामले में भी पुलिस इसके बाद अब तक केवल युवती के पिता को ही गिरफ्तार कर पाई है, अन्य सभी आरोपी खुले घूम रहे हैं। कानून व्यवस्था का मखौल उड़ाने वाली तीसरी वारदात आठ जून को हुई, जब मोहल्ला कमलियान में वारंट तालीम कराने पहुंचे दरोगा व सिपाही पर ही हमला कर दिया गया। बेखौफ शरारती तत्वों ने हाथापाई करते हुए सिपाही की वर्दी के साथ ही वारंट तक छीनकर फाड़ दिए गए। इस मामले में भी पुलिस 24 घंटे से अधिक समय बीतने के बावजूद केवल एक आरोपी को ही गिरफ्तार कर पाई है।
विज्ञापन
इन्होंने कहा ........
इंस्पेक्टर मीरापुर पंकज त्यागी का कहना है कि बीआईटी प्रकरण में तीन और रसूलपुर मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया जा चुका है। अन्य आरोपियों की तलाश में लगातार दबिशें दी जा रहीं हैं। वहीं, कमलियान में हुए हमले में भी एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है।