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गोवंश की मौत पर बरपा हंगामा
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गोवंश की मौत पर बरपा हंगामा
मुजफ्फरनगर। असामाजिक तत्वों ने गांव मेघाखेड़ी निवासी किसान के घेर से गोवंश चोरी कर उसे पचैंडा कलां के जंगल में ले जाकर पैर काटने के बाद जीवित ही उसकी खाल उतार दी। पूरी रात तड़पने के बाद घायल गोवंश ने शनिवार सुबह ग्रामीणों के सामने ही तड़प-तड़प कर दम तोड़ दिया। इससे गुस्साए ग्रामीणों ने आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग करते हुए जमकर हंगामा किया। पुलिस ने आनन-फानन में शव दफनाकर कार्रवाई का आश्वासन देते हुए ग्रामीणों को शांत किया।
नई मंडी कोतवाली क्षेत्र के गांव मेघाखेड़ी निवासी किशनपाल के घेर से बदमाशों ने शुक्रवार रात उसका बैल चोरी कर लिया। शनिवार सुबह बैल चोरी देख किशनपाल ने ग्रामीणों के साथ उसकी तलाश की, तो गांव पचैंडा कलां के जंगल में उसका बैल घायल अवस्था में तड़पता हुआ मिला। ग्रामीणों का कहना है कि असामाजिक तत्वों ने बैल के पैर काटने के बाद उसकी खाल उतार दी और फिर उसे तड़प-तड़पकर मरने के लिए छोड़ दिया। बैल की ऐसी हालत देख ग्रामीण आक्रोशित हो उठे और दूसरे समुदाय के लोगों पर बैल की ऐसी हालत करने का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस-प्रशासन में हड़कंप मच गया। तत्काल सीओ मंडी योगेंद्र सिंह, इंस्पेक्टर संतोष कुमार सिंह व एसएसआई मदन सिंह बिष्ट मौके पर पहुंचे और बैल को उपचार दिलाने का प्रयास किया, लेकिन तब तक वह दम तोड़ चुका था। इस पर अफसरों ने गुस्साए ग्रामीणों को समझा-बुझाकर शांत करते हुए आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी का आश्वासन दिया। इसके बाद आनन-फानन में लोडर मंगाकर गड्ढा खुदवाने के बाद मृत गोवंश को दफना दिया। इंस्पेक्टर संतोष कुमार सिंह का कहना है कि असामाजिक तत्वों ने माहौल बिगाड़ने के उद्देश्य से घिनौनी घटना को अंजाम दिया। आरोपियों को चिह्नित कर जल्द गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा।
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मुजफ्फरनगर। असामाजिक तत्वों ने गांव मेघाखेड़ी निवासी किसान के घेर से गोवंश चोरी कर उसे पचैंडा कलां के जंगल में ले जाकर पैर काटने के बाद जीवित ही उसकी खाल उतार दी। पूरी रात तड़पने के बाद घायल गोवंश ने शनिवार सुबह ग्रामीणों के सामने ही तड़प-तड़प कर दम तोड़ दिया। इससे गुस्साए ग्रामीणों ने आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग करते हुए जमकर हंगामा किया। पुलिस ने आनन-फानन में शव दफनाकर कार्रवाई का आश्वासन देते हुए ग्रामीणों को शांत किया।
नई मंडी कोतवाली क्षेत्र के गांव मेघाखेड़ी निवासी किशनपाल के घेर से बदमाशों ने शुक्रवार रात उसका बैल चोरी कर लिया। शनिवार सुबह बैल चोरी देख किशनपाल ने ग्रामीणों के साथ उसकी तलाश की, तो गांव पचैंडा कलां के जंगल में उसका बैल घायल अवस्था में तड़पता हुआ मिला। ग्रामीणों का कहना है कि असामाजिक तत्वों ने बैल के पैर काटने के बाद उसकी खाल उतार दी और फिर उसे तड़प-तड़पकर मरने के लिए छोड़ दिया। बैल की ऐसी हालत देख ग्रामीण आक्रोशित हो उठे और दूसरे समुदाय के लोगों पर बैल की ऐसी हालत करने का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस-प्रशासन में हड़कंप मच गया। तत्काल सीओ मंडी योगेंद्र सिंह, इंस्पेक्टर संतोष कुमार सिंह व एसएसआई मदन सिंह बिष्ट मौके पर पहुंचे और बैल को उपचार दिलाने का प्रयास किया, लेकिन तब तक वह दम तोड़ चुका था। इस पर अफसरों ने गुस्साए ग्रामीणों को समझा-बुझाकर शांत करते हुए आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी का आश्वासन दिया। इसके बाद आनन-फानन में लोडर मंगाकर गड्ढा खुदवाने के बाद मृत गोवंश को दफना दिया। इंस्पेक्टर संतोष कुमार सिंह का कहना है कि असामाजिक तत्वों ने माहौल बिगाड़ने के उद्देश्य से घिनौनी घटना को अंजाम दिया। आरोपियों को चिह्नित कर जल्द गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा।
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