{"_id":"5c534078bdec2229c12b8534","slug":"121548959864-muzaffarnagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"कबाड़ी की दुकान से लिए पानी के नमूने","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
कबाड़ी की दुकान से लिए पानी के नमूने
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दुकान से लिए पानी के नमूने
मुजफ्फरनगर। सिटी मजिस्ट्रेट एवं क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम ने सिविल लाइन क्षेत्र के मदीना चौक पर कबाड़ी की दुकान से पानी के सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे हैं। बताया जाता है कि यहां पर प्लास्टिक के कंटेनरों को तेजाब से धोया जाता है तथा बाद में उसे नाली में बहाकर प्रदूषण फैलाया जा रहा है। वहलना रोड पर स्थित प्लास्टिक के बोरे बनाने वाली एक फैक्टरी की भी जांच की गई। वहां भी वायु प्रदूषण मिलने पर सुधार के निर्देश दिए।
नगर विकास विभाग से वहलना रोड पर स्थित एक फैक्टरी के संबंध में जांच करने के निर्देश जिला प्रशासन को दिए गए थे। यह फैक्ट्री प्लास्टिक दाने से बोरे बनाती है। सिटी मजिस्ट्रेट अतुल कुमार, नगर पालिका के नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ आरएस राठी और क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों की टीम फैक्टरी की जांच के लिए पहुंची। सिटी मजिस्ट्रेट ने बताया कि उस समय बोरे बनाने का काम नहीं चल रहा था। फैक्टरी के कर्मचारियों ने बताया कि वह रात में काम करते हैं। फैक्टरी में वायु प्रदूषण मिलने पर इस पर नियंत्रण के निर्देश दिए गए। इसके बाद टीम मदीना चौक पर एक कबाड़ी की दुकान पर पहुंची। शिकायत मिली थी कि यहां पर प्लास्टिक की केन एवं कंटेनरों को तेजाब से धोया जाता है और तेजाब को नाली में बहाकर प्रदूषण फैलाया जाता है। दुकान में तेेजाब तो नहीं मिला, लेकिन पानी भरा हुआ रखा था। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों ने इस पानी के नमूने लेकर जांच के लिए भेजे हैं। यदि इसमें तेजाब की मिलावट पाई गई तो कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
मुजफ्फरनगर। सिटी मजिस्ट्रेट एवं क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम ने सिविल लाइन क्षेत्र के मदीना चौक पर कबाड़ी की दुकान से पानी के सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे हैं। बताया जाता है कि यहां पर प्लास्टिक के कंटेनरों को तेजाब से धोया जाता है तथा बाद में उसे नाली में बहाकर प्रदूषण फैलाया जा रहा है। वहलना रोड पर स्थित प्लास्टिक के बोरे बनाने वाली एक फैक्टरी की भी जांच की गई। वहां भी वायु प्रदूषण मिलने पर सुधार के निर्देश दिए।
नगर विकास विभाग से वहलना रोड पर स्थित एक फैक्टरी के संबंध में जांच करने के निर्देश जिला प्रशासन को दिए गए थे। यह फैक्ट्री प्लास्टिक दाने से बोरे बनाती है। सिटी मजिस्ट्रेट अतुल कुमार, नगर पालिका के नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ आरएस राठी और क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों की टीम फैक्टरी की जांच के लिए पहुंची। सिटी मजिस्ट्रेट ने बताया कि उस समय बोरे बनाने का काम नहीं चल रहा था। फैक्टरी के कर्मचारियों ने बताया कि वह रात में काम करते हैं। फैक्टरी में वायु प्रदूषण मिलने पर इस पर नियंत्रण के निर्देश दिए गए। इसके बाद टीम मदीना चौक पर एक कबाड़ी की दुकान पर पहुंची। शिकायत मिली थी कि यहां पर प्लास्टिक की केन एवं कंटेनरों को तेजाब से धोया जाता है और तेजाब को नाली में बहाकर प्रदूषण फैलाया जाता है। दुकान में तेेजाब तो नहीं मिला, लेकिन पानी भरा हुआ रखा था। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों ने इस पानी के नमूने लेकर जांच के लिए भेजे हैं। यदि इसमें तेजाब की मिलावट पाई गई तो कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन