{"_id":"59a709ec4f1c1b17278b48c5","slug":"41504119276-muzaffarnagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पर्यूषण पर्व पर उतम सत्य धर्म के पालन हेतु प्रेरित किया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पर्यूषण पर्व पर उतम सत्य धर्म के पालन हेतु प्रेरित किया
Updated Thu, 31 Aug 2017 12:53 AM IST
विज्ञापन
सभी धर्मों के मध्य में सत्य वचन प्रधान
खतौली (मुजफ्फरनगर)। जैन मंडी स्थित मंदिर में पर्यूषण पर्व महोत्सव में भक्ताभर स्तोत्रवाचन प्रतियोगिता की गई। इसमें बड़ी संख्या में महिलाओं व पुरुषों ने भाग लिया। भक्ताभर स्तोत्र की रचना आचार्य मानतुंग ने की। इसका श्रवण, मनन व उच्चारण मानव जीवन के लिए अत्यंत कल्याणकारी है।
नगर के नौ मंदिरों में बुधवार को उत्तम सत्य धर्म की भक्तिभाव से मंत्रोच्चार के साथ पूजा की गई। पीत व केसरिया वस्त्रों में श्रीजी की शांतिधारा का कार्य विधानाचार्य जी ने संपन्न कराया। धर्मसभा में अंतसमती व आमषमती माता जी ने उत्तम सत्य धर्म के स्वरूप के वर्णन में बताया कि जो सत्य वचन है, व ही धर्म है। अनेक दोषों का निराकरण करने वाला है। सभी धर्मों के मध्य में सत्य वचन प्रधान है। समस्त विधानों में सत्य बड़ा विधान है। इस अवसर पर बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। इस मौके पर मनोज आढ़ती, अनुराग प्रधानाचार्य, नरेंद्र, डॉ. क्षितिज, प्रदीप टीकरी, प्रवीण, रवि, ऋषभ औषधि, सिद्धार्थ, नवीन, कुलदीप, सुरेंद्र, सुधीर मुखिया, नीरज जैन प्रवक्ता, डा. ज्योति, रजनी प्रवक्ता, सपना, नीलम, निधी, राजरानी, डा. आशा, रजनीश सराय आदि उपस्थित रहे।
विज्ञापन
खतौली (मुजफ्फरनगर)। जैन मंडी स्थित मंदिर में पर्यूषण पर्व महोत्सव में भक्ताभर स्तोत्रवाचन प्रतियोगिता की गई। इसमें बड़ी संख्या में महिलाओं व पुरुषों ने भाग लिया। भक्ताभर स्तोत्र की रचना आचार्य मानतुंग ने की। इसका श्रवण, मनन व उच्चारण मानव जीवन के लिए अत्यंत कल्याणकारी है।
नगर के नौ मंदिरों में बुधवार को उत्तम सत्य धर्म की भक्तिभाव से मंत्रोच्चार के साथ पूजा की गई। पीत व केसरिया वस्त्रों में श्रीजी की शांतिधारा का कार्य विधानाचार्य जी ने संपन्न कराया। धर्मसभा में अंतसमती व आमषमती माता जी ने उत्तम सत्य धर्म के स्वरूप के वर्णन में बताया कि जो सत्य वचन है, व ही धर्म है। अनेक दोषों का निराकरण करने वाला है। सभी धर्मों के मध्य में सत्य वचन प्रधान है। समस्त विधानों में सत्य बड़ा विधान है। इस अवसर पर बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। इस मौके पर मनोज आढ़ती, अनुराग प्रधानाचार्य, नरेंद्र, डॉ. क्षितिज, प्रदीप टीकरी, प्रवीण, रवि, ऋषभ औषधि, सिद्धार्थ, नवीन, कुलदीप, सुरेंद्र, सुधीर मुखिया, नीरज जैन प्रवक्ता, डा. ज्योति, रजनी प्रवक्ता, सपना, नीलम, निधी, राजरानी, डा. आशा, रजनीश सराय आदि उपस्थित रहे।
विज्ञापन