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Muzaffarnagar News: दंगे के दौरान सामूहिक दुष्कर्म के दो दोषियों को 20-20 साल की कैद

Wed, 10 May 2023 12:18 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Wed, 10 May 2023 12:18 AM IST
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20-20 years imprisonment to two convicts of gang rape during riots
मुजफ्फरनगर दंगा
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- विशेष अपर सत्र न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) कोर्ट नंबर दो ने सुनाई सजा

- वारदात के छह माह बाद दर्ज कराया गया था सामूहिक दुष्कर्म का मुकदमा

- दंगे के दौरान दर्ज दुष्कर्म के मुकदमों में सजा का यह पहला मामला


अमर उजाला ब्यूरो

मुजफ्फरनगर। साल 2013 में हुए दंगे के दौरान फुगाना थाना क्षेत्र के गांव में महिला से सामूहिक दुष्कर्म के मामले में दो दोषियों को 20-20 साल कैद और अर्थदंड की सजा सुनाई गई। विशेष अपर सत्र न्यायालय (पॉक्सो एक्ट) कोर्ट नंबर दो के पीठासीन अधिकारी अंजनी कुमार सिंह ने फैसला सुनाया।

मुजफ्फरनगर दंगे के दौरान आठ सितंबर 2013 को महिला के साथ दुष्कर्म की वारदात अंजाम दी गई थी। पीडि़ता ने करीब छह माह बाद गांव के ही युवक कुलदीप, सिकंदर और महेशवीर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। एसआईटी ने जांच कर अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया। ट्रायल के दौरान कुलदीप की मौत हो गई थी।
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प्रकरण की सुनवाई विशेष अपर सत्र न्यायालय (पॉक्सो एक्ट) कोर्ट नंबर दो के पीठासीन अधिकारी अंजनी कुमार सिंह ने की। सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के बाद मामले की सुनवाई अदालत में रोजाना चल रही थी। पीडि़ता की ओर से सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता वृंदा ग्रोवर ने मुजफ्फरनगर आकर पैरवी की। अदालत ने मंगलवार को महेशवीर और सिकंदर को धारा 376 डी में 20-20 साल की सजा और 10 हजार रुपये जुर्माना, 376 (2 जी) में 10 साल की सजा और 5-5 हजार रुपये जुर्माना और धारा 506 में दो दो साल की सजा सुनाई है। दंगे के दौरान दर्ज दुष्कर्म के मुकदमों में सजा का यह पहला मामला है।
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छह माह बाद दर्ज मुकदमे पर उठे थे सवाल

पीडि़त पक्ष ने वारदात के छह बाद बाद सामूहिक दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज कराया था। वारदात आठ सितंबर 2013 की बताई गई थी, जबकि मुकदमा 18 फरवरी 2013 को दर्ज कराया गया था।



फैसला आते-आते बीत गए नौ साल

दंगे में सामूहिक दुष्कर्म के मुकदमे में फैसला आते-आते नौ साल बीत गए। साल 2018 में आरोपियों के खिलाफ आरोप तय हुए थे, जिसके बाद से मुकदमा विचाराधीन था।
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