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पोस्टमार्टम गृह में नहीं है फ्रीजर और एक्स-रे मशीन
Updated Mon, 18 Sep 2017 12:47 AM IST
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पोस्टमार्टम हाउस पर नहीं है फ्रीजर और एक्स-रे मशीन
मुजफ्फरनगर। पोस्टमार्टम हाउस में महत्वपूर्ण संसाधनों का टोटा है। इससे पीएम करने वाले चिकित्सकों को परेशानी हो रही है। पीएम हाउस में डीप फ्रीजर नहीं होने के कारण शवों को बेगराजपुर मेडिकल में रखना पड़ता है, जबकि गन शॉट शवों की अंदाजे से ही चीरफाड़ की जा रही है। पोस्टमार्टम हाउस में संसाधनों की पूर्ति के लिए स्वास्थ्य विभाग ने शासन को पत्र भेजा है।
लावारिस शवों का पोस्टमार्टम करने के बाद उन्हें तीन दिनों (72 घंटे) तक सुरक्षित रखना जरूरी है। ताकि लावारिस की पहचान के प्रयास जारी रहे। इसके लिए शव को सुरक्षित और दुर्गंध से बचाने के लिए डीप फ्रीजर में रखा जाता है। स्वास्थ्य विभाग के पोस्टमार्टम हाउस में महत्वपूर्ण संसाधनों का टोटा है। यहां पर फ्रीजर नहीं होने के कारण विभाग को मेडिकल कालेज बेगराजपुर के दरवाजे खटखटाने पड़ते हैं। मेडिकल में तीन दिनों तक शव रखने के लिए कड़ी मशक्कत होती है। इसके अलावा भी पोस्टमार्टम हाउस में एक्स-रे मशीन तक नहीं लगी है, जिसके चलते गन शॉट (गोली लगे) शव की अंदाजा लगाकर चीरफाड़ हो रही है। गन शॉट शव का पहले एक्स-रे किया जाता है। शव के किस हिस्से में गोली गड़ी और कितनी गोली उसके भीतर है। इन सबकी जानकारी के लिए एक्स-रे मशीन जरूरी है। पोस्टमार्टम हाउस में यह मशीन फिलहाल नहीं है। ऐसे में चिकित्सकों को शव का पोस्टमार्टम करने में दिक्कतें उठानी पड़ रही है। इसको लेकर चिकित्सकों ने विभाग में शिकायत दर्ज कराई है। इस पर सीएमओ ने इन संसाधनों की पूर्ति के लिए शासन को पत्र लिखा है। सीएमओ डॉ पीएस मिश्रा ने बताया कि पोस्टमार्टम में कई जरूरी संसाधन मौजूद नहीं है। पीएम हाउस में एक्सरे मशीन और डीप फ्रीजर के लिए शासन को पत्र लिखा है। उम्मीद है कि जल्द ही इन वस्तुओं की पूृर्ति हो जाएगी।
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मुजफ्फरनगर। पोस्टमार्टम हाउस में महत्वपूर्ण संसाधनों का टोटा है। इससे पीएम करने वाले चिकित्सकों को परेशानी हो रही है। पीएम हाउस में डीप फ्रीजर नहीं होने के कारण शवों को बेगराजपुर मेडिकल में रखना पड़ता है, जबकि गन शॉट शवों की अंदाजे से ही चीरफाड़ की जा रही है। पोस्टमार्टम हाउस में संसाधनों की पूर्ति के लिए स्वास्थ्य विभाग ने शासन को पत्र भेजा है।
लावारिस शवों का पोस्टमार्टम करने के बाद उन्हें तीन दिनों (72 घंटे) तक सुरक्षित रखना जरूरी है। ताकि लावारिस की पहचान के प्रयास जारी रहे। इसके लिए शव को सुरक्षित और दुर्गंध से बचाने के लिए डीप फ्रीजर में रखा जाता है। स्वास्थ्य विभाग के पोस्टमार्टम हाउस में महत्वपूर्ण संसाधनों का टोटा है। यहां पर फ्रीजर नहीं होने के कारण विभाग को मेडिकल कालेज बेगराजपुर के दरवाजे खटखटाने पड़ते हैं। मेडिकल में तीन दिनों तक शव रखने के लिए कड़ी मशक्कत होती है। इसके अलावा भी पोस्टमार्टम हाउस में एक्स-रे मशीन तक नहीं लगी है, जिसके चलते गन शॉट (गोली लगे) शव की अंदाजा लगाकर चीरफाड़ हो रही है। गन शॉट शव का पहले एक्स-रे किया जाता है। शव के किस हिस्से में गोली गड़ी और कितनी गोली उसके भीतर है। इन सबकी जानकारी के लिए एक्स-रे मशीन जरूरी है। पोस्टमार्टम हाउस में यह मशीन फिलहाल नहीं है। ऐसे में चिकित्सकों को शव का पोस्टमार्टम करने में दिक्कतें उठानी पड़ रही है। इसको लेकर चिकित्सकों ने विभाग में शिकायत दर्ज कराई है। इस पर सीएमओ ने इन संसाधनों की पूर्ति के लिए शासन को पत्र लिखा है। सीएमओ डॉ पीएस मिश्रा ने बताया कि पोस्टमार्टम में कई जरूरी संसाधन मौजूद नहीं है। पीएम हाउस में एक्सरे मशीन और डीप फ्रीजर के लिए शासन को पत्र लिखा है। उम्मीद है कि जल्द ही इन वस्तुओं की पूृर्ति हो जाएगी।
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